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राहुल गांधी को सुप्रीम राहत, सजा पर लगी रोक, बहाल होगी संसद की सदस्यता

None 2023-08-04 14:26:26
राहुल गांधी को सुप्रीम राहत, सजा पर लगी रोक, बहाल होगी संसद की सदस्यता

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से भी ट्वीट किया गया है और इस फैसले का स्वागत किया गया है. कांग्रेस ने लिखा कि यह नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत है, "सत्यमेव जयते – जय हिंद"

Created by Nasir Rana

आरराहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में जो दो साल की सजा मिली थी, उसपर रोक लग गई है। ऐसे में अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता वापस हो सकती है और वह लोकसभा का चुनाव भी लड़ सकेंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मोदी सरनेम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को मिली 2 साल की सजा पर रोक लगा दी है. गुजरात की निचली अदालत ने राहुल गांधी को ये सजा सुनाई थी, जिसे गुजरात हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था. सजा पर रोक लगने के साथ ही राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने का रास्ता भी साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा कि ट्रायल जज ने इस मामले में अधिकतम सजा दी थी, लेकिन उसका कारण स्पष्ट नहीं दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी का बयान आपत्तिजनक था, लेकिन निचली अदालत ने अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया था, गुजरात हाईकोर्ट ने भी इसपर विचार नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से भी ट्वीट किया गया है और इस फैसले का स्वागत किया गया है. कांग्रेस ने लिखा कि यह नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत है, "सत्यमेव जयते – जय हिंद"

https://twitter.com/INCIndia/status/1687377070777585664?s=20


कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. सर्वोच्च अदालत में इस मामले की सुनवाई के लिए आधे घंटे का वक्त तय किया, जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों को बोलने के लिए 15-15 मिनट मिले. राहुल गांधी की ओर से पक्ष रखा गया है कि उन्होंने पूरे समुदाय का अपमान नहीं किया है, इस तरह के मामले में सिर्फ राहुल को ही ऐसी सजा मिली है।
पूर्णेश मोदी की ओर से दी गई दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि कितने नेताओं को अपने पुराने भाषण याद हैं. निचली अदालत ने इस मामले में दो साल की सजा क्यों दी है।

राहुल गांधी के खिलाफ सबूत नहीं’
राहुल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले में दलील दी, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में जिन लोगों का नाम लिया है, उनमें से किसी ने मुकदमा नहीं किया लेकिन सिर्फ बीजेपी के नेता ही इसमें मुकदमा कर रहे हैं. वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता का असली सरनेम मोदी नहीं है, वह मोध सरनेम से मोदी बने हैं. उन्होंने यह भी दलील दी कि गवाहों ने साफ कहा है कि राहुल ने पूरे समुदाय का अपमान नहीं किया।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये कोई अपहरण, रेप या हत्या का केस नहीं है, ऐसा काफी कम ही होता है जहां इस तरह के केस में 2 साल की सजा हुई हो. सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान अभिषेक मनु सिंघवी को टोका और कहा कि आप यहां राजनीतिक बहस ना करें, इसे राज्यसभा के लिए बचाकर रखें. इस पर सिंघवी भी मुस्कुरा दिए. राहुल गांधी के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास राहुल गांधी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, जो शिकायत दर्ज की गई है वह भी अखबार की कटिंग के आधार पर है जो व्हाट्सएप पर मिला था।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से भी ट्वीट किया गया है और इस फैसले का स्वागत किया गया है. कांग्रेस ने लिखा कि यह नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत है, "सत्यमेव जयते – जय हिंद"

Created by Nasir Rana

आरराहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में जो दो साल की सजा मिली थी, उसपर रोक लग गई है। ऐसे में अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता वापस हो सकती है और वह लोकसभा का चुनाव भी लड़ सकेंगे।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मोदी सरनेम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को मिली 2 साल की सजा पर रोक लगा दी है. गुजरात की निचली अदालत ने राहुल गांधी को ये सजा सुनाई थी, जिसे गुजरात हाईकोर्ट ने बरकरार रखा था. सजा पर रोक लगने के साथ ही राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने का रास्ता भी साफ हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा कि ट्रायल जज ने इस मामले में अधिकतम सजा दी थी, लेकिन उसका कारण स्पष्ट नहीं दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी का बयान आपत्तिजनक था, लेकिन निचली अदालत ने अधिकतम सजा देने का कोई कारण नहीं बताया था, गुजरात हाईकोर्ट ने भी इसपर विचार नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस की ओर से भी ट्वीट किया गया है और इस फैसले का स्वागत किया गया है. कांग्रेस ने लिखा कि यह नफरत के खिलाफ मोहब्बत की जीत है, "सत्यमेव जयते – जय हिंद"

https://twitter.com/INCIndia/status/1687377070777585664?s=20


कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द होने के मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. सर्वोच्च अदालत में इस मामले की सुनवाई के लिए आधे घंटे का वक्त तय किया, जिसमें दोनों पक्षों के वकीलों को बोलने के लिए 15-15 मिनट मिले. राहुल गांधी की ओर से पक्ष रखा गया है कि उन्होंने पूरे समुदाय का अपमान नहीं किया है, इस तरह के मामले में सिर्फ राहुल को ही ऐसी सजा मिली है।
पूर्णेश मोदी की ओर से दी गई दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त टिप्पणी की. अदालत ने कहा कि कितने नेताओं को अपने पुराने भाषण याद हैं. निचली अदालत ने इस मामले में दो साल की सजा क्यों दी है।

राहुल गांधी के खिलाफ सबूत नहीं’
राहुल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले में दलील दी, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में जिन लोगों का नाम लिया है, उनमें से किसी ने मुकदमा नहीं किया लेकिन सिर्फ बीजेपी के नेता ही इसमें मुकदमा कर रहे हैं. वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता का असली सरनेम मोदी नहीं है, वह मोध सरनेम से मोदी बने हैं. उन्होंने यह भी दलील दी कि गवाहों ने साफ कहा है कि राहुल ने पूरे समुदाय का अपमान नहीं किया।
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ये कोई अपहरण, रेप या हत्या का केस नहीं है, ऐसा काफी कम ही होता है जहां इस तरह के केस में 2 साल की सजा हुई हो. सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान अभिषेक मनु सिंघवी को टोका और कहा कि आप यहां राजनीतिक बहस ना करें, इसे राज्यसभा के लिए बचाकर रखें. इस पर सिंघवी भी मुस्कुरा दिए. राहुल गांधी के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता के पास राहुल गांधी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, जो शिकायत दर्ज की गई है वह भी अखबार की कटिंग के आधार पर है जो व्हाट्सएप पर मिला था।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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