मोदी ने दोहराई भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं। जवाब में मोदी ने दोनों देशों की दोस्ती को अहम बताया और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। यह संदेश रक्षा, तकनीक और सुरक्षा समेत व्यापक द्विपक्षीय सहयोग की निरंतरता को दर्शाता है।
नई दिल्ली|16 अगस्त 2026|शाह टाइम्स
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने भारत को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके संदेश का जवाब देते हुए कहा कि भारत इजराइल के साथ अपनी दोस्ती को गहराई से महत्व देता है और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उनके संदेश में भारत-इजराइल रिश्तों को केवल औपचारिक कूटनीतिक संबंधों तक सीमित रखने के बजाय रणनीतिक साझेदारी के रूप में आगे बढ़ाने का संकेत दिया गया।
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति हर्ज़ोग की शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। उन्होंने भारत और इजराइल के बीच दोस्ती को अहम बताते हुए दोनों देशों के लोगों के हित में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
यह बयान ऐसे वक्त आया है जब भारत की विदेश नीति में इजराइल के साथ रक्षा, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सहयोग लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
भारत और इजराइल के रिश्ते पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में विस्तृत हुए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, डिफेंस, सिक्योरिटी और काउंटर टेररिज्म जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्ज़ोग की पिछली उच्चस्तरीय मुलाकातों में दोनों देशों के रिश्तों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर पीस, इनोवेशन एंड प्रॉस्पेरिटी” के स्तर तक ले जाने पर जोर दिया गया था। यह बदलाव भारत-इजराइल संबंधों के व्यापक रणनीतिक दायरे को रेखांकित करता है।
भारत और इजराइल के रिश्तों में डिफेंस और सिक्योरिटी सहयोग लंबे समय से महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसके साथ ही कृषि, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग विकसित हुआ है।
इसी वजह से दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सार्वजनिक संदेशों में रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख महज औपचारिक कूटनीतिक भाषा नहीं माना जाता। इसके पीछे व्यापक द्विपक्षीय सहयोग का एक स्थापित ढांचा मौजूद है।
भारत के इजराइल के साथ करीबी रणनीतिक रिश्ते हैं, लेकिन पश्चिम एशिया को लेकर नई दिल्ली की डिप्लोमेसी का दायरा इससे कहीं व्यापक है। भारत ने इजराइल के साथ सहयोग बनाए रखते हुए फिलिस्तीनी मुद्दे और क्षेत्रीय शांति पर भी अपनी अलग कूटनीतिक स्थिति कायम रखी है।
इसलिए प्रधानमंत्री मोदी का मौजूदा संदेश भारत-इजराइल संबंधों की प्राथमिकता को दर्शाता है, लेकिन इसे भारत की पूरी पश्चिम एशिया नीति का अकेला संकेत मानना उचित नहीं होगा।
भारत के स्वतंत्रता दिवस पर दुनिया के कई देशों के नेताओं ने नई दिल्ली को शुभकामनाएं दीं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, इजराइल, सिंगापुर, नेपाल, मालदीव, लातविया, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड समेत कई देशों ने भारत के राष्ट्रीय दिवस पर संदेश भेजे।
ऐसे संदेशों के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी का रुख भारत की मौजूदा इंटरनेशनल डिप्लोमेसी को भी सामने रखता है। पिछले वर्ष भी मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के जवाब में विभिन्न देशों के नेताओं के साथ रणनीतिक साझेदारी और सहयोग को मजबूत करने की बात कही थी।
भारत-इजराइल संबंधों पर किसी भी उच्चस्तरीय बयान का महत्व पश्चिम एशिया की मौजूदा जटिल जियोपॉलिटिकल स्थिति के कारण बढ़ जाता है। इजराइल के साथ भारत के रिश्ते मजबूत हैं, जबकि भारत क्षेत्र में व्यापक स्थिरता और अपने आर्थिक तथा रणनीतिक हितों को भी प्राथमिकता देता है।
इसलिए मोदी का हर्ज़ोग को जवाब मुख्य तौर पर द्विपक्षीय संबंधों की निरंतरता और रणनीतिक सहयोग की प्रतिबद्धता का संदेश है। उपलब्ध रिपोर्ट में इस संदेश के साथ किसी नए समझौते या तत्काल नई नीति की घोषणा नहीं की गई है।
आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में टेक्नोलॉजी, डिफेंस, सिक्योरिटी, इनोवेशन और व्यापार जैसे क्षेत्रों पर फोकस बना रहने की संभावना है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इन क्षेत्रों को भारत-इजराइल सहयोग के प्रमुख हिस्सों के रूप में रेखांकित किया है।
हालांकि मौजूदा संदेश को किसी नए द्विपक्षीय समझौते की घोषणा के रूप में देखना सही नहीं होगा। फिलहाल इसका प्रमुख अर्थ दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की ओर से मौजूदा रणनीतिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की राजनीतिक प्रतिबद्धता है।
इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग की भारत के स्वतंत्रता दिवस पर दी गई शुभकामनाओं के जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-इजराइल दोस्ती को अहम बताते हुए रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
यह संदेश दोनों देशों के बीच मौजूदा कूटनीतिक और रणनीतिक रिश्तों की निरंतरता को दर्शाता है। साथ ही यह स्पष्ट करता है कि नई दिल्ली इजराइल के साथ डिफेंस, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को अपनी विदेश नीति के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देख रही है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।