पंजाब में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गैंग के दो मुख्य गुर्गों को मोहाली से गिरफ्तार किया। जानें कैसे हुआ खुलासा और क्या मिले अहम सुराग।
मोहाली (Shah Times)। पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग से जुड़े दो खतरनाक गुर्गों — जशन संधू और गुरसेवक सिंह को मोहाली से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने मंगलवार को इस ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि इन दोनों अपराधियों की गिरफ्तारी से पंजाब और नई दिल्ली में होने वाले कई संभावित सनसनीखेज अपराधों को समय रहते नाकाम किया गया है।
गिरफ्तारी के दौरान बरामद हुआ हथियार और कारतूस
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर की पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। ये हथियार गैंग द्वारा आगामी वारदातों में इस्तेमाल किए जाने की योजना थी।
जशन संधू का इंटरनेशनल नेटवर्क
डीजीपी यादव ने बताया कि जशन संधू राजस्थान के गंगानगर जिले में वर्ष 2023 में हुए एक चर्चित हत्याकांड में वांछित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अंतरराष्ट्रीय लोकेशन बदलता रहा — जिसमें जॉर्जिया, अजरबैजान, सऊदी अरब और दुबई जैसे देश शामिल हैं।
हाल ही में वह दुबई से नेपाल होते हुए सड़क मार्ग से भारत में दाखिल हुआ था। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जशन गैंग को लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
हवाला नेटवर्क और विदेशों में छिपे गैंगस्टरों का खुलासा
पूछताछ के दौरान जशन ने विदेशी हवाला ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंट्स और कई ऐसे भगोड़े गैंगस्टरों की जानकारी दी है जो अभी भी विदेशों में छिपे हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह इन संगठित अपराध नेटवर्क्स को ध्वस्त करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
पंजाब पुलिस की सतर्कता रंग ला रही है
गौरतलब है कि पंजाब में हाल के वर्षों में गैंगस्टर गतिविधियों में तेजी देखी गई है। ऐसे में AGTF द्वारा की गई यह गिरफ्तारी न केवल कानून व्यवस्था की स्थिति मजबूत करती है, बल्कि अपराधियों के मन में भी कानून का डर पैदा करती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।