उसावां में पुलिस से मुठभेड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
जेबकटी के आरोपी मुठभेड़ में घायल, तीनों गिरफ्तार
बदायूं के उसावां में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक तीनों पर जुलाई में भैंस बेचकर लौट रहे व्यक्ति से एक लाख रुपये की जेबकटी में शामिल होने का आरोप है। मुठभेड़ में तीन आरोपी और एक सिपाही घायल हुए। हथियार और नकदी बरामद हुई।
लोकेशन: बदायूं, उत्तर प्रदेश
तारीख: 21 अगस्त 2026
बाय:Mohd Naved
बदायूं के उसावां थाना क्षेत्र में पुलिस और कथित लुटेरों के बीच मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान गौरव, रोकी और सुरजीत के पैर में गोली लगी, जबकि आरक्षी राजू भी फायरिंग में घायल हुए। तीनों आरोपियों के पास से तीन तमंचे, सात जिंदा कारतूस, तीन खोखे और 26,750 रुपये बरामद करने का दावा किया गया है।
पुलिस के मुताबिक 20 और 21 अगस्त की दरमियानी रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि उसावां-हजरतपुर मार्ग पर सिद्धराज मंदिर के पास तीन संदिग्ध किसी वारदात की तैयारी में हैं। इसके बाद उसावां और हजरतपुर थानों की संयुक्त टीम ने इलाके में घेराबंदी की।
पुलिस का कहना है कि घेराबंदी के दौरान संदिग्धों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तीनों आरोपी घायल हुए। पुलिसकर्मी राजू को भी दाहिने हाथ में गोली लगी।
घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव और रोकी, दोनों निवासी ममापुर, थाना कायमगंज, तथा सुरजीत निवासी लकुला, थाना कादरीगेट, फर्रुखाबाद के रूप में बताई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में 18 जुलाई की एक जेबकटी की वारदात का खुलासा हुआ। आरोप है कि शाहजहांपुर निवासी बहोरन भैंस बेचकर टैंपो से अपने गांव लौट रहे थे। उनके पास भैंस बिक्री के एक लाख रुपये थे।
अमर उजाला की 21 जुलाई की रिपोर्ट के मुताबिक बहोरन ने बताया था कि टैंपो में साथ बैठे दो लोग मरौरी के पास उतर गए और पीछे से आ रही बाइक पर बैठकर चले गए। कुछ देर बाद उन्हें अपनी जेब कटी मिली और एक लाख रुपये गायब थे। पुलिस ने उस समय मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
इसलिए मौजूदा पुलिस कार्रवाई को जुलाई की इसी वारदात से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टिंग में मुठभेड़ की पूरी परिस्थितियों और बरामदगी की स्वतंत्र पुष्टि अभी सीमित है।
18 जुलाई को भैंस बेचकर लौट रहे व्यक्ति से एक लाख रुपये की जेबकटी की शिकायत सामने आई।
21 अगस्त की पुलिस कार्रवाई के मुताबिक संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना के बाद उसावां और हजरतपुर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।
पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में तीनों घायल हुए।
कार्रवाई के दौरान एक आरक्षी के घायल होने की भी बात सामने आई है। आरोपियों के पास से हथियार और 26,750 रुपये बरामद होने का दावा किया गया है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी पुराना आपराधिक इतिहास रखते हैं। पूछताछ में उन्होंने 18 जुलाई की जेबकटी में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार आरोपी उस रात भी लूट की नीयत से इलाके में पहुंचे थे। इस दावे की पुष्टि आगे की विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध साक्ष्यों से होगी।
आरोपियों की ओर से इस कार्रवाई या पुलिस के दावों पर कोई स्वतंत्र पक्ष उपलब्ध सामग्री में सामने नहीं आया है।
उपलब्ध जानकारी में पुलिस ने तीन तमंचे, सात जिंदा कारतूस, तीन खोखे और 26,750 रुपये की बरामदगी का दावा किया है। तीन आरोपियों के घायल होने और एक पुलिसकर्मी के घायल होने की जानकारी भी दी गई है।
जुलाई की मूल घटना की स्वतंत्र पुष्टि अमर उजाला की रिपोर्ट से होती है, जिसमें एक लाख रुपये की जेबकटी की शिकायत और पुलिस जांच का उल्लेख है।
मुठभेड़ में गोली चलने की परिस्थितियों, पुलिस की जवाबी फायरिंग और बरामद असलहे के फॉरेंसिक परीक्षण से जुड़े विवरण अभी उपलब्ध सामग्री में नहीं हैं। इसलिए इन पहलुओं पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा।
पुलिस की कार्रवाई से जुलाई की एक लाख रुपये की जेबकटी के मामले की जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बरामद नकदी और हथियारों की जांच से आरोपों की कड़ी मजबूत या कमजोर होने का आकलन किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि पुलिस बरामदगी, हथियारों, कारतूसों और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को केस डायरी में किस तरह जोड़ती है।
यह मामला राजनीतिक विवाद की तुलना में स्थानीय कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है। इसलिए इसका मुख्य असर बदायूं में अपराध नियंत्रण और पुलिस की कार्रवाई की प्रभावशीलता के आकलन पर होगा।
मुठभेड़ से जुड़े मामलों में पुलिस के दावों के साथ स्वतंत्र जांच और न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहती है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आरोप अदालत में साबित होना बाकी है।
जेबकटी और लूट जैसी वारदातों का सीधा असर ग्रामीण और पशुपालक परिवारों पर पड़ता है। भैंस या दूसरे पशुधन की बिक्री के बाद बड़ी रकम लेकर लौटने वाले लोग अपराधियों के निशाने पर आ सकते हैं।
इस मामले में एक लाख रुपये की रकम पशु बिक्री से मिली थी। ऐसी घटनाएं ग्रामीण इलाकों में नकदी लेनदेन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाती हैं।
मुठभेड़ की शुरुआत किस बिंदु पर हुई और फायरिंग की पहली गोली किस तरफ से चली, इसका विस्तृत स्वतंत्र विवरण अभी सामने नहीं है।
बरामद 26,750 रुपये में से कितनी रकम जुलाई की कथित जेबकटी से जुड़ी है, यह भी स्पष्ट नहीं है।
तीनों आरोपियों का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड किन मामलों से संबंधित है, इसका विस्तृत विवरण भी उपलब्ध सामग्री में नहीं दिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू करने की बात कही है। अब विवेचना में बरामद असलहे, कारतूस, नकदी और जुलाई की वारदात के बीच संबंध की जांच महत्वपूर्ण होगी।
आरोपियों को अदालत के सामने पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगी।
बदायूं के उसावां में हुई कार्रवाई ने 18 जुलाई की एक लाख रुपये की जेबकटी के मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियार व नकदी की बरामदगी का दावा किया है।
मामले का अगला अहम चरण विवेचना और न्यायिक परीक्षण होगा। मुठभेड़ से जुड़े पुलिस दावों और आरोपियों पर लगे अपराध के आरोपों को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम रूप से परखा जा सकेगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।