मुजफ्फरनगर में विश्व पोलियो दिवस पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3100 ने जागरूकता रैली निकाली। आयोजकों के मुताबिक, करीब 500 बच्चों ने हिस्सा लेकर टीकाकरण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया।
📍 मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️ 24 अक्टूबर 2026
✍️Wasi Siddiqui
पोलियो जागरूकता के लिए निकली रैली
मुजफ्फरनगर में शनिवार, 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस के अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3100 ने जागरूकता रैली निकाली। आयोजकों के मुताबिक, एंड पोलियो नाउ और फिट डिस्ट्रिक्ट अभियान के तहत हुए कार्यक्रम में करीब 500 बच्चों ने शिरकत की। रैली का मक़सद परिवारों तक नियमित टीकाकरण और स्वस्थ दिनचर्या का संदेश पहुंचाना था।
कन्या इंटर कॉलेज से रेडक्रॉस हॉल तक आयोजन
उपलब्ध आयोजन विवरण के अनुसार, रैली नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज, रुड़की रोड से शुरू हुई। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन पायल गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और पोलियो नोडल अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया।
आयोजकों ने बताया कि रैली जिला अस्पताल परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल पहुंची। रास्ते में प्रतिभागियों ने पोलियो से बचाव और बच्चों का टीकाकरण पूरा कराने के प्रति जागरूक किया।
बच्चों और रोटरी क्लबों की भागीदारी
आयोजकों के अनुसार, करीब 500 बच्चों में स्काउट विद्यार्थी और बैंड के सदस्य भी शामिल थे। मुजफ्फरनगर, खतौली, बड़ौत और शामली के रोटरी क्लबों के सदस्यों के साथ रोट्रैक्टर्स और इंट्रैक्टर्स ने भी भाग लिया।
आयोजन से जुड़े मुख्य तथ्य
• तारीख: 24 अक्टूबर 2026।
• आयोजक: रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3100।
• शुरुआत: नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज, रुड़की रोड।
• समापन स्थल: जिला अस्पताल परिसर का रेडक्रॉस हॉल।
• भागीदारी: आयोजकों के मुताबिक करीब 500 बच्चे।
• मुख्य संदेश: पोलियो उन्मूलन, नियमित टीकाकरण और शारीरिक सक्रियता।
प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य जागरूकता पर दिया ज़ोर
आयोजन विवरण के मुताबिक, पायल गौड़ ने पोलियो मुक्त विश्व के लक्ष्य के प्रति रोटरी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने जनसेवा और स्वास्थ्य जागरूकता को संगठन की प्राथमिकताओं में बताया।
इसी विवरण के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने नियमित टीकाकरण और निरंतर सतर्कता की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मीनाक्षी स्वरूप ने जनहित से जुड़े अभियानों में सामाजिक भागीदारी को अहम बताया। इन वक्तव्यों का शब्दशः रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे प्रतिनिधि
आयोजकों की ओर से उपलब्ध सूची में रोटेरियन सुनील अग्रवाल, सुमित्रा सिंह, लेफ्टिनेंट गवर्नर रोटेरियन अनिल प्रकाश बंसल और चीफ कोऑर्डिनेटर डॉ. एम.एल. गर्ग का नाम शामिल है।
विकास भार्गव, डॉ. नितिन जैन, शरद जैन, संदीप गुप्ता और नवीन सिंघल सहित विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों के आयोजन में सहयोग का भी उल्लेख किया गया है।
भारत की उपलब्धि और वैश्विक चुनौती
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत सहित उसके दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र को 27 मार्च 2014 को पोलियो मुक्त प्रमाणित किया गया था। यह प्रमाणन क्षेत्रीय स्तर पर हुआ था।
हालांकि वैश्विक उन्मूलन का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से संबद्ध पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के 23 अक्टूबर 2026 के अपडेट के मुताबिक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में जंगली पोलियो वायरस का स्थानिक प्रसार जारी है। संगठन ने टीकाकरण में कमियों को दूर करने पर ज़ोर दिया है।
फिट डिस्ट्रिक्ट अभियान में सक्रिय दिनचर्या का संदेश
आयोजकों के मुताबिक, रैली में पोलियो जागरूकता के साथ नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता अपनाने की अपील भी की गई। फिट डिस्ट्रिक्ट अभियान के ज़रिये नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का पैग़ाम दिया गया।
आगे के कार्यक्रमों की तारीख घोषित नहीं
उपलब्ध विवरण में रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3100 ने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान जारी रखने की बात कही है। अगले कार्यक्रम की तारीख, स्थान या टीकाकरण शिविर का अलग विवरण उपलब्ध नहीं है। इस रैली के दौरान टीके लगाए जाने की संख्या भी साझा नहीं की गई है।
जागरूकता से आगे नियमित भागीदारी की ज़रूरत
कार्यक्रम का समापन पोलियो मुक्त विश्व और सामूहिक जनसेवा के संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों के विवरण में बच्चों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी पर ज़ोर रहा।
एडिटोरियल एनालिसिस
रैली का असर कैसे परखा जाए
मुजफ्फरनगर का यह आयोजन जनस्वास्थ्य से जुड़े संदेश को स्कूलों और परिवारों तक पहुंचाने की स्थानीय कोशिश है। बच्चों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी इसकी पहुंच बढ़ाने का माध्यम बनती है। हालांकि करीब 500 बच्चों की मौजूदगी आयोजकों का अनुमान है, इससे टीकाकरण कवरेज में बदलाव साबित नहीं होता।
इस अभियान का असर समझने के लिए आगे यह देखना उपयोगी होगा कि कितने परिवारों तक टीकाकरण संबंधी जानकारी पहुंची और कितने छूटे बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा गया। उपलब्ध सामग्री में ऐसे नतीजों का कोई आंकड़ा नहीं है।
भारत की पोलियो मुक्त उपलब्धि और वैश्विक उन्मूलन अलग पड़ाव हैं। आधिकारिक वैश्विक अपडेट में वायरस का प्रसार जारी रहने का उल्लेख स्थानीय जागरूकता अभियानों की प्रासंगिकता बताता है।