पोप लियो XIV शुक्रवार, 25 सितंबर से फ्रांस के चार दिवसीय दौरे पर हैं। उनकी यात्रा के शुरुआती दो दिनों में पेरिस के अलग-अलग कार्यक्रमों में करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। यह लगभग 18 वर्षों बाद किसी पोप की फ्रांस की पहली आधिकारिक यात्रा है।
पेरिस | 25 सितंबर By Mohd Haris
पोप लियो XIV की यात्रा 25 से 28 सितंबर तक चलेगी। पेरिस के बाद वह लूर्द और मेट्ज जाएंगे। फ्रांसीसी कैथोलिक बिशप्स सम्मेलन के अनुसार, यात्रा के लिए अब तक करीब 10 लाख लोगों के शामिल होने के संकेत मिले हैं, जिनमें फ्रांस के अलावा पड़ोसी यूरोपीय देशों से आने वाले लोग भी शामिल हैं।
पेरिस में बड़े कार्यक्रम
पेरिस में पोप की यात्रा के दौरान कई प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रम रखे गए हैं। शुक्रवार को वह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात करेंगे और UNESCO भी जाएंगे। वहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शांति, शिक्षा और नई तकनीकों के दौर में मानव जिम्मेदारी जैसे विषयों पर चर्चा अपेक्षित है।
पोप शुक्रवार को पोपमोबाइल के जरिए करीब 2.5 किलोमीटर की यात्रा करते हुए Notre-Dame Cathedral पहुंचेंगे। 2019 की आग के बाद बहाल किए गए इस ऐतिहासिक गिरजाघर का निरीक्षण करने वाले वह पहले पोप होंगे।
शनिवार को Place de la Concorde और Champs-Élysées में बड़ी प्रार्थना सभा आयोजित होगी। इसमें करीब 5 से 6 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा Stade de France में युवाओं के कार्यक्रम के लिए करीब 80 हजार लोगों के पंजीकरण की जानकारी दी गई है।
सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर
लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए पेरिस में व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की गई है। बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के कारण शहर के कई हिस्सों में आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पोप की यात्रा ऐसे फ्रांस में हो रही है जहां राज्य और धर्म के बीच दूरी को संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। फ्रांसीसी कैथोलिक बिशप्स सम्मेलन ने कहा है कि धार्मिक आयोजनों के लिए सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल की निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन किया गया है।
लूर्द में यौन शोषण के पीड़ितों से मुलाकात
पेरिस के बाद पोप लियो XIV लूर्द जाएंगे। वहां वह कैथोलिक पादरियों से जुड़े यौन शोषण के सात पीड़ितों से निजी मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात फ्रांस में चर्च से जुड़े पुराने यौन शोषण मामलों को लेकर जारी जवाबदेही और सुधार की बहस के बीच हो रही है।
2021 की एक स्वतंत्र जांच में 1950 से 2020 के बीच फ्रांस में चर्च से जुड़े संस्थानों में करीब 3.3 लाख नाबालिगों के यौन शोषण का अनुमान सामने आया था। पीड़ितों के समूहों ने चर्च से जवाबदेही और संस्थागत सुधार की मांग जारी रखी है।
मेट्ज में यूरोप पर संदेश
चार दिवसीय यात्रा के अंतिम चरण में पोप मेट्ज जाएंगे। वहां उनका कार्यक्रम यूरोप में शांति, संवाद और एकता से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहेगा। फ्रांसीसी बिशप्स सम्मेलन ने मेट्ज को यात्रा का यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय आयाम वाला महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।
पोप लियो XIV की फ्रांस यात्रा 28 सितंबर को समाप्त होगी। यात्रा के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मानव गरिमा, शांति, अंतरधार्मिक संवाद और चर्च से जुड़े यौन शोषण के मामलों जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।