मुजफ्फरनगर के बघरा स्थित दरगाह-ए-आलिया बाबुल हवाइज में 4 से 7 जून तक सालाना मजलिस का आयोजन होगा। आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लगभग 250 वालंटियरों की टीम श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेगी, जबकि सुरक्षा और अन्य इंतजामों को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
📍 Muzaffarnagar 🤲 Wasi Siddiqui
बघरा स्थित दरगाह-ए-आलिया बाबुल हवाइज में होने वाली सालाना मजलिस को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। चार दिवसीय यह धार्मिक आयोजन 4 जून से 7 जून तक आयोजित किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में देश के विभिन्न क्षेत्रों से जायरीन और अकीदतमंदों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए दरगाह कमेटी ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं।
कमेटी की बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही आयोजन के सफल संचालन के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों को सौंपी गई हैं।
मंगलवार को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि सालाना मजलिस के दौरान लगभग 250 वालंटियर विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। ये वालंटियर श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पेयजल, सफाई और अन्य आवश्यक सेवाओं में सहयोग करेंगे।
कमेटी का कहना है कि बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इस वर्ष व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े।
दरगाह-ए-आलिया बाबुल हवाइज क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक आस्थाओं में से एक मानी जाती है। सालाना मजलिस में शिया समुदाय के अकीदतमंद बड़ी संख्या में शामिल होकर उलेमा-ए-किराम के खिताब सुनते हैं और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग भी अपनी मन्नतों और दुआओं के साथ पहुंचते हैं। यही वजह है कि यह आयोजन धार्मिक सद्भाव और सामाजिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है।
दरगाह कमेटी के सदस्य जीशान अली ने बताया कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और जायरीनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आसपास के दुकानदारों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भोजन, पेय पदार्थ और अन्य जरूरी सामान उचित दरों पर उपलब्ध कराया जाए। यदि कोई दुकानदार निर्धारित निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कमेटी का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की आर्थिक या अन्य असुविधा न हो।
सुरक्षा, सफाई और पार्किंग पर विशेष फोकस
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दरगाह परिसर और आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। इसके अलावा शौचालय, पेयजल और वाहन पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
इसी क्रम में दरगाह कमेटी के अध्यक्ष सरताज हुसैन, महासचिव आस मोहम्मद सहित अन्य पदाधिकारियों ने बघरा चौकी पुलिस के जवानों के साथ दरगाह परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमेटी ने बताया कि प्रशासन और पुलिस के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
विशिष्ट धार्मिक हस्तियों के आगमन की संभावना
दरगाह कमेटी के अनुसार सालाना मजलिस के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से धार्मिक विद्वानों, उलेमा-ए-किराम और विशिष्ट अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। उनके खिताब और धार्मिक मार्गदर्शन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
कमेटी ने भरोसा दिलाया है कि आयोजन में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के स्वागत, सुरक्षा और सुविधा के लिए हर आवश्यक व्यवस्था की गई है।
बघरा की दरगाह-ए-आलिया बाबुल हवाइज में आयोजित होने वाली सालाना मजलिस को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। चार दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के लिए तैयारियां अंतिम रूप ले चुकी हैं। 250 वालंटियरों की टीम, प्रशासनिक सहयोग और व्यापक सुविधाओं के साथ कमेटी इस आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने में जुटी हुई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।