टेनेसी में 200 साल बाद महिला को फांसी की तैयारी, क्रिस्टा पाइक की सजा पर अंतिम कानूनी लड़ाई खत्म
Harish Qureshi
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2026-09-30 13:50:20
टेनेसी में क्रिस्टा पाइक की मौत की सजा पर अंतिम कानूनी रोक भी हट गई है। 30 सितंबर को तय फांसी हुई तो 200 साल से अधिक बाद राज्य में किसी महिला को पहली बार मृत्युदंड दिया जाएगा।
नैशविल, टेनेसी, अमेरिका | 30 सितंबर 2026
By Mohd Haris
टेनेसी में 200 साल बाद महिला की फांसी की तैयारी, क्रिस्टा पाइक की अंतिम अपील भी खारिज
अमेरिका के टेनेसी राज्य में क्रिस्टा पाइक को 30 सितंबर 2026 को घातक इंजेक्शन के जरिए मृत्युदंड देने की तैयारी है। अगर तय कार्यक्रम के मुताबिक सजा पर अमल होता है, तो पाइक टेनेसी में 200 साल से अधिक समय बाद मृत्युदंड पाने वाली पहली महिला होंगी। राज्य के सुधार विभाग ने उनकी फांसी का समय सुबह 10:00 बजे सेंट्रल डेलाइट टाइम तय किया है।
पाइक की उम्र अब 50 साल है। उन्हें 1995 में 19 वर्षीय कोलीन स्लेमर की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। घटना के समय पाइक 18 साल की थीं। उनके मामले ने इसलिए भी व्यापक कानूनी और मानवाधिकार बहस को जन्म दिया क्योंकि मौत की सजा पाने के समय वह किशोरावस्था से निकलने की उम्र में थीं।
अंतिम कानूनी कोशिश भी नाकाम
पाइक के वकीलों ने फांसी रोकने के लिए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। 25 सितंबर 2026 को मौत की सजा पर रोक की अर्जी दाखिल की गई अदालत के सार्वजनिक रिकॉर्ड के मुताबिक टेनेसी सरकार ने इसका विरोध किया और 28 सितंबर को पाइक की ओर से जवाब दाखिल किया गया।
29 सितंबर को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फांसी पर रोक लगाने की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने पाइक की याचिका पर भी राहत नहीं दी। इसके साथ उनकी सजा पर अंतिम संघीय स्तर की कानूनी कोशिश नाकाम हो गई।
टेनेसी के सुधार विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक फांसी 30 सितंबर को नैशविल स्थित रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में तय है। विभाग ने मीडिया के लिए भी आधिकारिक गाइडलाइन जारी की थी और फांसी के दिन सुबह से निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
1995 की हत्या का मामला क्या था
पाइक को 1995 में हुई कोलीन स्लेमर की हत्या का दोषी ठहराया गया था। उस समय स्लेमर और पाइक एक ही जॉब कॉर्प्स व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र से जुड़े थे।
अदालती गवाही के मुताबिक पाइक, उनके 17 वर्षीय बॉयफ्रेंड टैडेरल शिप और एक अन्य सहयोगी ने स्लेमर को नॉक्सविल के एक जंगली इलाके में ले जाया वहां स्लेमर पर हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। मुकदमे में हत्या के दौरान शरीर पर पेंटाग्राम का निशान बनाए जाने और खोपड़ी का एक हिस्सा साथ ले जाने से जुड़े तथ्य भी सामने आए थे।
मामले में पाइक और शिप ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की थी। दोनों को 1996 में फर्स्ट-डिग्री मर्डर के मामले में दोषी ठहराया गया। पाइक को मौत की सजा मिली, जबकि शिप को पैरोल की संभावना के साथ उम्रकैद की सजा दी गई। तीसरी आरोपी शादोला पीटरसन ने अभियोजन पक्ष के लिए गवाही दी और उसे प्रोबेशन मिला।
यह अंतर सजा के समय आरोपियों की भूमिका और उम्र से भी जुड़ा था। शिप घटना के समय 17 साल के थे, जबकि पाइक 18 साल की थीं।
पाइक के वकीलों ने किन आधारों पर राहत मांगी
पाइक की कानूनी टीम ने गवर्नर के समक्ष दायर दया याचिका में उनके बचपन की परिस्थितियों को प्रमुख आधार बनाया। वकीलों के मुताबिक पाइक ने बचपन में हिंसा, उपेक्षा और यौन शोषण का सामना किया था।
याचिका में जेल के दौरान उनके बाइपोलर डिसऑर्डर और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर से जुड़े निदान का भी उल्लेख किया गया। वकीलों ने यह तर्क रखा कि अपराध के समय उनकी उम्र और कथित मानसिक तथा न्यूरोलॉजिकल समस्याओं को सजा के आकलन में पर्याप्त महत्व नहीं मिला।
पाइक की कानूनी टीम ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की थी। वकीलों का कहना था कि दशकों के दौरान पाइक के व्यवहार और मानसिक स्थिति में बदलाव आया है तथा वह अपने अपराध पर पछतावा व्यक्त कर चुकी हैं।
यह दावे बचाव पक्ष की ओर से रखे गए हैं। इन्हें अदालत द्वारा नए सिरे से अपराध के तथ्य बदलने वाला निष्कर्ष नहीं माना गया है।
गवर्नर ने दया याचिका क्यों खारिज की
टेनेसी के गवर्नर बिल ली ने पाइक की दया याचिका खारिज कर दी। इस फैसले के बाद राज्य की ओर से निर्धारित मृत्युदंड को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला रहा। सार्वजनिक रिकॉर्ड में गवर्नर के फैसले का आधार मामले की समीक्षा के बाद राज्य की सजा को बरकरार रखना बताया गया है।
पाइक के वकीलों और समर्थकों ने इस फैसले पर असहमति जताई। उनका कहना है कि बचपन के गंभीर आघात, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं और अपराध के समय उनकी उम्र को देखते हुए मौत की सजा को बदला जाना चाहिए था। दूसरी ओर पीड़िता की मां मे मार्टिनेज ने फांसी के समर्थन में अपनी स्थिति सार्वजनिक की है।
इस तरह मामले में दो अलग दृष्टिकोण सामने आते हैं। एक पक्ष सजा के अंतिम अमल और पीड़ित परिवार के न्याय के अधिकार पर जोर देता है। दूसरा पक्ष अपराध के समय आरोपी की उम्र, उसके कथित बचपन के आघात और बाद की मानसिक स्थिति को सजा पर पुनर्विचार का आधार मानता है।
30 सितंबर की प्रक्रिया
टेनेसी सुधार विभाग ने पहले ही 30 सितंबर 2026 की फांसी के लिए आधिकारिक तैयारी शुरू कर दी थी। विभाग ने बताया था कि रिवरबेंड मैक्सिमम सिक्योरिटी इंस्टीट्यूशन में निर्धारित प्रक्रिया के तहत मीडिया प्रतिनिधियों को प्रवेश दिया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार फांसी सुबह 10:00 बजे सेंट्रल डेलाइट टाइम पर होनी है। भारतीय समय के हिसाब से यह समय शाम 8:30 बजे बनता है।
इस रिपोर्ट के प्रकाशन समय तक उपलब्ध रिकॉर्ड में सजा को “scheduled” यानी निर्धारित बताया गया है। इसलिए इसे पहले से हुई फांसी के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। फांसी के वास्तविक अमल की पुष्टि अलग आधिकारिक सूचना से ही की जानी चाहिए।
टेनेसी में यह मामला इतना महत्वपूर्ण क्यों है
इस मामले की सबसे अहम विशेषता यह है कि पाइक के मामले में सजा का अमल होने पर टेनेसी में 200 साल से अधिक समय बाद किसी महिला को मृत्युदंड दिया जाएगा। यह राज्य के आधुनिक मृत्युदंड इतिहास में भी असाधारण मामला होगा।
पाइक अपराध के समय 18 साल की थीं। उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक अगर फांसी होती है तो आधुनिक अमेरिकी मृत्युदंड व्यवस्था में टेनेसी में किशोरावस्था के दौरान किए गए अपराध के लिए मृत्युदंड पाने वाले मामलों में उनका मामला अलग स्थिति में होगा।
अमेरिका में महिलाओं को मृत्युदंड देना भी अपेक्षाकृत दुर्लभ रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1976 में अमेरिका में मृत्युदंड बहाल होने के बाद बुधवार से पहले 1,683 फांसी में 18 महिलाएं शामिल थीं।
इस संदर्भ में पाइक की फांसी केवल एक आपराधिक मामले की कानूनी परिणति नहीं है। यह मृत्युदंड, अपराध के समय उम्र, मानसिक स्वास्थ्य और बचपन के आघात जैसे सवालों को भी फिर सामने लाती है।
मानसिक स्वास्थ्य और अपराध की जिम्मेदारी पर बहस
पाइक के मामले में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े तर्क उनकी कानूनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। वकीलों ने जेल में सामने आए मानसिक स्वास्थ्य निदान और बचपन के आघात को मृत्युदंड कम करने के पक्ष में इस्तेमाल किया।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और ट्रॉमा से जुड़े कुछ विशेषज्ञों ने भी उनके पक्ष में आवाज उठाई। उनका तर्क रहा कि बचपन में यौन हिंसा और गंभीर आघात का किसी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक व्यवहार पर दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है।
लेकिन इन दलीलों का होना अपने आप में अदालत द्वारा पाइक को हत्या के आरोप से मुक्त किए जाने का अर्थ नहीं है। पाइक की दोषसिद्धि और मौत की सजा अदालतों के लंबे कानूनी रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। मौजूदा विवाद मुख्य रूप से सजा के अमल और दया की मांग से जुड़ा रहा।
पीड़ित परिवार का पक्ष भी महत्वपूर्ण
इस मामले में पीड़ित परिवार का रुख भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा है। कोलीन स्लेमर की मां मे मार्टिनेज ने पाइक की फांसी का समर्थन किया है। उनका पक्ष लंबे समय से चली आ रही बेटी की हत्या के बाद न्याय की मांग से जुड़ा है।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।