मुजफ्फरनगर पहुंचने पर राजपाल कश्यप का स्वागत
मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी जिला मुख्यालय पर सोमवार को समाजवादी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप के पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने पार्टी कार्यालय पर प्रेस वार्ता की।सपा की ओर से जारी सामग्री और पार्टी के आधिकारिक दस्तावेजों में भी डॉ. राजपाल कश्यप को पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ से जुड़े प्रदेश स्तरीय नेता के रूप में दर्ज किया गया है।
महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना
प्रेस वार्ता में डॉ. राजपाल कश्यप ने महंगाई के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं।उन्होंने खाद्य पदार्थों और शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं पर कर व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। इन बयानों को सपा नेता के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।
किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया
राजपाल कश्यप ने किसानों के गन्ना भुगतान, खाद की उपलब्धता और फसल नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को खाद के लिए कतारों में लगना पड़ रहा है और गन्ना भुगतान को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं हुए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार के 2026-27 के बजट दस्तावेज में सरकार की ओर से कहा गया है कि उसके मौजूदा कार्यकाल में अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है और पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। इसलिए गन्ना भुगतान से जुड़े दावों की स्थिति को मिल-वार और आधिकारिक भुगतान आंकड़ों के आधार पर देखना जरूरी होगा।
PM-KISAN को लेकर भी सवाल
सपा नेता ने किसान सम्मान निधि को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। वहीं केंद्र सरकार के आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल के अनुसार योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं। पोर्टल पर पात्रता जांच, भुगतान की स्थिति और लाभार्थी सूची देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसलिए किसी लाभार्थी से राशि वापस लिए जाने या लाभ रोके जाने के किसी विशेष मामले की पुष्टि संबंधित लाभार्थी और आधिकारिक रिकॉर्ड से ही की जा सकती है।
कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए आरोप
राजपाल कश्यप ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई गरीब, मजदूर और पिछड़े वर्ग के लोगों के खिलाफ अधिक दिखाई देती है।उन्होंने अपने बयान में कश्यप समाज से जुड़े कुछ हत्या के मामलों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि इन मामलों में सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल हैं। इन घटनाओं और उनके कारणों को लेकर सपा नेता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है, इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया जा रहा है।
आरक्षण और संविधान का मुद्दा उठाया
सपा नेता ने भाजपा पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के आरक्षण और संविधान की रक्षा को लेकर उनकी पार्टी संघर्ष कर रही है।उन्होंने कहा कि पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और महिलाओं को साथ लेकर समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाने का प्रयास करेगी।यह बयान आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर दिया गया सपा का राजनीतिक दावा और रणनीतिक वक्तव्य है, न कि चुनाव परिणाम का पूर्वानुमान।
ये नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष जिया चौधरी, महानगर अध्यक्ष बोबी त्यागी, राष्ट्रीय सचिव राकेश शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष श्यामलाल सैनी, जिला महासचिव सोमपाल कोरी, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सतीश गुर्जर, मौलाना नजर, रामपाल पाल, सलीम मलिक, डॉ. मोनिका, लोकेंद्र कुमार, धर्मेंद्र पंवार और यशपाल चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निष्कर्ष
मुजफ्फरनगर में सपा की प्रेस वार्ता में डॉ. राजपाल कश्यप ने महंगाई, किसानों की समस्याओं, कानून-व्यवस्था, आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उनके अधिकांश वक्तव्य राजनीतिक आरोपों और पार्टी के आगामी चुनावी रुख से संबंधित रहे। संबंधित सरकारी योजनाओं और नीतियों के वास्तविक प्रभाव का आकलन आधिकारिक आंकड़ों और स्वतंत्र रूप से सत्यापित स्थानीय तथ्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।