ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद भारत के कई हिस्सों में शोक और विरोध प्रदर्शन हुए। जम्मू-कश्मीर, कारगिल, लखनऊ और मुजफ्फरनगर समेत कई शहरों में शिया समुदाय के लोगों ने जुलूस निकाले, शोकसभा की और कैंडल मार्च आयोजित किए। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए।
📍New Delhi ✍️ Asif Khan
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद मुल्क के कई हिस्सों में गम और एहतिजाज का माहौल देखा गया। अलग-अलग शहरों में शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर शोक जताया और विरोध मार्च निकाले। कई जगह काले झंडे लगाए गए और सामूहिक दुआ का एहतिमाम किया गया।
खबरों के मुताबिक, यह घटना इजराइल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद हुई बताई जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन भारत में प्रदर्शन का सिलसिला तेज हो गया।
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने जमा होकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तस्वीरें लेकर शांति बनाए रखने की अपील की। मौके पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहा।
कारगिल में भी लोगों ने जुलूस निकाला। वहां इमामबाड़ों में शोकसभा आयोजित की गई। समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अमन और इंसानियत के साथ खड़े हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं। धार्मिक नेतृत्व ने तीन दिन के शोक का ऐलान किया। छोटे इमामबाड़े में शोकसभा आयोजित करने और उसके बाद कैंडल मार्च निकालने की जानकारी दी गई।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकाला। महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी तादाद मौजूद रही। हाथों में मोमबत्तियां और तस्वीरें लेकर लोगों ने खामोशी के साथ गम का इजहार किया।
लखनऊ में कुछ धार्मिक नेताओं ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने लोगों से सब्र और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
मुजफ्फरनगर में किदवई नगर स्थित जैनबिया स्कूल से फक्करशाह चौक तक पैदल मार्च निकाला गया। प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। प्रतिभागियों ने काले कपड़े पहनकर शोक जताया।
फक्करशाह चौक पर पहुंचकर लोगों ने नारेबाजी की, लेकिन हालात काबू में रहे। प्रशासन ने पहले से सुरक्षा इंतजाम किए थे। एसपी सिटी, अपर जिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
मुजफ्फरनगर में जुलूस के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताई गई और शांति कायम रखने की अपील की गई।
जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों को रोका जा सके।
इन प्रदर्शनों में महिलाओं और बच्चों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। कई जगह परिवारों ने सामूहिक रूप से शोकसभा में हिस्सा लिया। स्थानीय संगठनों ने कहा कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए गए।
प्रदर्शन के दौरान कई वक्ताओं ने अमन, इंसानियत और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराना उनका हक है, लेकिन शांति बनाए रखना भी जरूरी है।
ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत की खबर के बाद मिडिल ईस्ट में हालात पर वैश्विक निगाहें टिकी हुई हैं। विभिन्न देशों की ओर से बयान सामने आ रहे हैं। भारत सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल अलग-अलग शहरों में शोकसभा और शांतिपूर्ण मार्च का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह से बचने की सलाह दी गई है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।