📍New Delhi ✍️ Asif Khan
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बड़ा कदम उठाया है। बिना वैध पीयूसीसी वाहनों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा।
नई व्यवस्था का ऐलान
दिल्ली की जहरीली हवा पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है। गुरुवार आधी रात से राजधानी के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट, यानी पीयूसीसी, के किसी वाहन को फ्यूल नहीं दिया जाएगा। इस फैसले को वायु प्रदूषण से जुड़े मौजूदा हालात को देखते हुए लागू किया गया है।
पेट्रोल पंपों को स्पष्ट निर्देश
सरकार ने पेट्रोल पंप ऑपरेटरों को निर्देश दिए हैं कि वे ईंधन भरने से पहले हर वाहन की पीयूसीसी वैलिडिटी की जांच करें। इसके लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही ऑन-ग्राउंड चेकिंग भी की जाएगी, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
पुलिस और विभागों की तैनाती
इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर यातायात पुलिस के कर्मियों को तैनात किया गया है। ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, नगर निगम और खाद्य विभाग के कर्मचारी भी पेट्रोल पंपों पर मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचना और नियमों को सख्ती से लागू करना है।
किन वाहनों को छूट
सरकार ने साफ किया है कि यह प्रतिबंध कुछ आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस की गाड़ियां और जरूरी सामान पहुंचाने वाले वाहन इस नियम के दायरे से बाहर रखे गए हैं। इन वाहनों को बिना पीयूसीसी के भी फ्यूल की अनुमति होगी।
पीयूसीसी सेंटरों पर भीड़
सरकार के आदेश के बाद बुधवार से ही पीयूसीसी अपडेट कराने वालों की लंबी लाइनें देखी गईं। कई वाहन मालिक अपने सर्टिफिकेट की वैलिडिटी बढ़वाने के लिए पीयूसीसी सेंटरों पर पहुंचे। एक ड्राइवर ने कहा कि अचानक लागू हुए नियम से रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ सकता है, लेकिन लोग नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहे हैं।
पेट्रोल पंप डीलरों की प्रतिक्रिया
दिल्ली के पेट्रोल पंप डीलरों ने इस नियम पर अपनी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि बिना कानूनी और तकनीकी सुरक्षा के नियम को जल्दबाजी में लागू करने से पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी की स्थिति बन सकती है। डीलरों के अनुसार, इससे कानून व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।
अब तक का जुर्माना आंकड़ा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वैध पीयूसीसी प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण अब तक करीब आठ लाख वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। सरकार का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।
गैर-बीएस6 वाहनों पर रोक
दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए एक और कदम उठाया गया है। राजधानी के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस6 वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह रोक गुरुवार से प्रभावी हो गई है।
शहर की सीमाओं पर सख्त जांच
शहर के सभी प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर यातायात पुलिस और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के प्रवर्तन दल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, 78 से 80 प्रवर्तन दल कुंडली, रजोकरी, टिकरी, आया नगर, कालिंदी कुंज, औचंदी, मंडोली, कापसहेड़ा, बाजघेरा और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे प्रवेश बिंदुओं पर तैनात हैं।
सीमाओं पर कई टीमें
दिल्ली यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमाओं पर कई टीमें लगाई गई हैं। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
सरकार का पक्ष
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीआरएपी के तीसरे और चौथे चरण के दौरान बीएस6 से नीचे की श्रेणी वाले और दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मौके पर होगी जांच
मंत्री के अनुसार, वाहनों की पीयूसीसी स्थिति और एमिशन कैटेगरी की जांच के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली के साथ मौके पर भी वेरिफिकेशन किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से नियमों का पालन बेहतर तरीके से हो सकेगा और वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।