राहुल गांधी बोले: पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर हमला, देहरादून में छात्रों से सीधा संवाद
Asif Khan
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2026-07-17 16:58:28
'मेहनत नहीं, सिस्टम हार रहा है'—राहुल गांधी का बड़ा हमला
छात्रों की गूंज में उठी भविष्य की लड़ाई, पेपर लीक पर गरजे राहुल गांधी
देहरादून में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की। कार्यक्रम में छात्रों और अभिभावकों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
📍 देहरादून
📰 17 जुलाई 2026
✍️ Shahnazar / Asif Khan
राहुल गांधी बोले: पेपर लीक युवाओं के भविष्य पर हमला, देहरादून में छात्रों से सीधा संवाद
देहरादून में शुक्रवार को आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मंच पर छात्रों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों की मेहनत और भरोसे को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा की गोपनीयता का मामला नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।
छात्रों से सीधा संवाद बना कार्यक्रम का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने चार छात्रों को मंच पर बुलाकर उनसे बातचीत की। छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं को खुलकर साझा किया।
कई छात्रों ने कहा कि परीक्षा रद्द होने या पेपर लीक की घटनाओं का सबसे अधिक असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ता है, जो लंबे समय तक तैयारी करते हैं। कुछ छात्रों ने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया।
रिया कुमारी के पिता ने सुनाई अपनी पीड़ा
कार्यक्रम में नीट परीक्षा विवाद के बाद जान गंवाने वाली छात्रा रिया कुमारी के पिता भी मौजूद रहे। उन्होंने अपनी बेटी की तैयारी और मानसिक स्थिति का उल्लेख करते हुए परीक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से परिवारों पर गहरा मानसिक और सामाजिक प्रभाव पड़ता है। उनके संबोधन के दौरान सभागार में मौजूद लोग भावुक दिखाई दिए।
राहुल गांधी ने क्या कहा
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार के अवसर युवाओं के लिए लगातार चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
अपने भाषण में उन्होंने कुछ आंकड़ों का भी उल्लेख किया। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि कार्यक्रम के दौरान उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पेपर लीक के मामलों में बड़े नेटवर्क के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षाविद अभिनव पांडे ने भी शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों का भरोसा कमजोर किया है और शिक्षा सुधार की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संस्थागत सुधार आवश्यक हैं।
उत्तराखंड के युवाओं के रोजगार का मुद्दा
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में उत्तराखंड से युवाओं के पलायन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं तो पलायन को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
कार्यक्रम में दिखा युवाओं का उत्साह
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। राहुल गांधी के मंच पर आने के बाद समर्थकों ने नारे लगाए और कई छात्रों ने हाथों में शिक्षा सुधार तथा पेपर लीक रोकने की मांग वाली तख्तियां भी उठाईं।
कार्यक्रम के दौरान मोबाइल फ्लैशलाइट जलाकर स्वागत करने का दृश्य भी देखने को मिला।
पेपर लीक पर बहस क्यों महत्वपूर्ण है
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस को जन्म दिया है। केंद्र और कई राज्य सरकारें परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अलग-अलग स्तर पर कानून और तकनीकी उपाय लागू करने की बात कह चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तेज जांच और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई से ही छात्रों का भरोसा मजबूत किया जा सकता है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
राहुल गांधी का यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हुआ है जब शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को युवाओं से जुड़े बड़े राजनीतिक प्रश्न के रूप में उठा रही है, जबकि केंद्र सरकार परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करती रही है।
ऐसे में आने वाले समय में शिक्षा सुधार और परीक्षा प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
देहरादून का यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक सभा नहीं बल्कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर संवाद का मंच भी बना। हालांकि कार्यक्रम में कई गंभीर आरोप लगाए गए, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, पारदर्शिता और युवाओं का भरोसा आने वाले समय में शिक्षा नीति और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रहेंगे।
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Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।