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अटल चौक, हिंदू संगठन और पेपर मिल विवाद पर राकेश टिकैत का बयान

None 2025-12-28 10:50:09
अटल चौक, हिंदू संगठन और पेपर मिल विवाद पर राकेश टिकैत का बयान

मुजफ्फरनगर में राकेश टिकैत का बयान, प्रदूषण और अटल चौक नामकरण पर चर्चा

 मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। प्रदूषण, चौक नामकरण और कथित हिंदू संगठनों को लेकर दिए गए बयान सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं।

📍 Muzaffarnagar ✍️ Asif Khan 

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर ज़िले में शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी, किसान प्रतिनिधि, पेपर मिल संचालक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। बातचीत का उद्देश्य ज़िले में बढ़ते प्रदूषण, पेपर मिलों में उपयोग हो रहे ईंधन और उससे जुड़ी शिकायतों पर समाधान तलाशना था।

इसी दौरान मीडिया से बातचीत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कई विषयों पर प्रतिक्रिया दी। उनकी टिप्पणियां अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा की जा रही हैं, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

चौक नामकरण पर सवाल

बैठक के बाद जब मीडिया ने नगर के मीनाक्षी चौक का नाम बदलकर अटल चौक किए जाने को लेकर सवाल किया, तो राकेश टिकैत ने इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी कौन थे, यह ज़्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है, जबकि अटल बिहारी वाजपेई को देश और दुनिया जानती है क्योंकि वे प्रधानमंत्री रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चौक का नाम बदलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और यह स्थानीय प्रशासन और जनता का निर्णय है।

उनकी इस टिप्पणी को नगर के नामकरण से जुड़े मौजूदा विमर्श के संदर्भ में देखा जा रहा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चौक नामकरण से जुड़ा प्रस्ताव स्थानीय स्तर पर पहले से चर्चा में है।

कथित हिंदू संगठनों पर टिप्पणी

इसी बातचीत के दौरान राकेश टिकैत ने खुद को हिंदू संगठन बताने वाले कुछ लोगों की गतिविधियों पर नाराज़गी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अटल चौक पर तिलक लगाकर मीट खाते हैं और इससे एक राजनीतिक दल की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। टिकैत ने कहा कि ऐसे कृत्यों से माहौल खराब होता है और समाज में तनाव बढ़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता इस तरह की गतिविधियों में शामिल नहीं होता और कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

‘सुताई अभियान’ वाली टिप्पणी

राकेश टिकैत ने अपनी बात रखते हुए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जो लोग नाम हिंदू संगठन का लेते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर विवादित गतिविधियां करते हैं, उनके खिलाफ ‘सुताई अभियान’ जैसी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कृत्यों से देश की छवि विदेशों में प्रभावित होती है और अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ता है।

इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

प्रदूषण मुद्दे पर किसान आंदोलन

मुजफ्फरनगर, जो दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में शामिल है, पिछले कुछ समय से बढ़ते प्रदूषण को लेकर चर्चा में है। दीपावली के बाद से एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं।

भारतीय किसान यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि ज़िले में संचालित बड़ी संख्या में पेपर मिलें प्रदूषण की प्रमुख वजह हैं। उनका आरोप है कि पेपर मिल संचालक दिल्ली, गाज़ीपुर, लखनऊ और पंजाब जैसे स्थानों से आरडीएफ कचरा मंगाकर जला रहे हैं।

आरडीएफ और एमएसडब्ल्यू को लेकर विवाद

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने चेतावनी दी थी कि आरडीएफ की आड़ में एमएसडब्ल्यू जलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद पेपर मिल संचालकों और किसानों के बीच आमना-सामना हुआ। मिल संचालकों ने व्यवस्था सुधारने के लिए एक महीने का समय मांगा है।

इसके बावजूद भाकियू ने ज़िले की सीमाओं पर पहुंच रहे आरडीएफ ट्रकों पर निगरानी रखी हुई है। अब तक 11 आरडीएफ वाहनों को रोककर जांच की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि ये वाहन अलग-अलग राज्यों से कचरा लेकर आ रहे थे।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा के अनुसार, प्रदूषण को नियंत्रण में करने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तीन आरडीएफ ट्रकों से सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि पेपर मिल स्वामियों ने एक महीने के भीतर अपनी मिलों में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सुधार करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन फिलहाल इस अवधि के दौरान हालात पर नज़र बनाए हुए है।

पेपर मिल संचालकों का पक्ष

पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल और अन्य मिल संचालकों ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि प्रदूषण कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि तकनीकी सुधार और फिल्टर सिस्टम को बेहतर किया जाएगा ताकि वातावरण पर असर कम हो।

इस आश्वासन के बाद प्रशासन ने भी स्थिति पर नज़र रखने की बात कही है। हालांकि किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ठोस सुधार दिखाई नहीं देंगे, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

वर्तमान स्थिति और प्रशासन की निगरानी

शनिवार को दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरनगर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से नीचे दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि हालात में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए निरंतर निगरानी और सख्त कदम ज़रूरी हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था, प्रदूषण नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संवाद जारी रहेगा। राकेश टिकैत के बयान और उससे जुड़ी प्रतिक्रियाओं पर भी प्रशासन नज़र रखे हुए है।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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