राखी सावंत का अजब बयान, बोलीं “डोनाल्ड ट्रंप मेरे पापा और शुगर डैडी हैं”
अमेरिकी नागरिकता को लेकर राखी सावंत का मजाकिया दावा, ट्रंप से जोड़ा रिश्ता
“मेरे पापा ट्रंप हैं”, राखी सावंत के बयान पर सोशल मीडिया में छिड़ी चर्चा
📍
नई दिल्ली
🗓️
30 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
राखी सावंत का बयान चर्चा में
अभिनेत्री और एंटरटेनमेंट पर्सनैलिटी राखी सावंत का डोनाल्ड ट्रंप को लेकर दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। एक बातचीत के दौरान राखी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना “पापा” और “शुगर डैडी” बताया। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहती हैं कि ट्रंप उन्हें स्वीकार करें और अमेरिका की नागरिकता दिलाएं। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, राखी ने यह बातें मजाकिया अंदाज में कही थीं।
बातचीत में क्या हुआ
राखी से बातचीत के दौरान उनसे डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके कथित रिश्ते को लेकर सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके पापा हैं और उन्हें “शुगर डैडी” भी बताया। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की नागरिकता मिलने की इच्छा भी जाहिर की।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध रिपोर्ट में इन बातों को राखी के मजाकिया बयान के तौर पर पेश किया गया है। ट्रंप के साथ किसी वास्तविक पारिवारिक रिश्ते या नागरिकता दिलाने की किसी आधिकारिक प्रक्रिया की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए उनके बयान को तथ्यात्मक पारिवारिक संबंध या नागरिकता संबंधी आधिकारिक दावे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मां की कहानी भी सुनाई
राखी ने बातचीत के दौरान अपनी दिवंगत मां से जुड़ी एक कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उन्हें एक तिजोरी खोलने से रोकते हुए कहा था कि इसे उनके इंतकाल के बाद ही खोला जाए।
राखी के मुताबिक, मां के निधन के बाद तिजोरी खोलने पर उसमें जेवर मिले, जिन्हें उन्होंने अपने भाई-बहनों को दे दिया। उनके अनुसार, उनके लिए वहां एक चिट्ठी थी, जिसमें मजाकिया कहानी के तौर पर यह लिखा होने का दावा किया गया कि उनके पिता सावंत नहीं बल्कि डोनाल्ड ट्रंप हैं।
नागरिकता को लेकर क्या कहा
राखी ने इसी मजाकिया प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह चाहती हैं कि डोनाल्ड ट्रंप उन्हें स्वीकार करें और अमेरिका की नागरिकता दें। उपलब्ध रिपोर्ट में ऐसा कोई दस्तावेज, आधिकारिक आवेदन या अमेरिकी सरकारी पुष्टि सामने नहीं आती, जिससे यह साबित हो कि राखी को अमेरिकी नागरिकता देने की कोई वास्तविक प्रक्रिया शुरू हुई है।
इसलिए इस पूरे मामले का मुख्य आधार राखी का सार्वजनिक बयान है, न कि कोई आधिकारिक नागरिकता रिकॉर्ड।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
राखी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट में कुछ यूजर्स के मजाकिया कमेंट का उल्लेख किया गया है। कई लोगों ने हंसी वाले इमोजी के साथ प्रतिक्रिया दी, जबकि कुछ ने उनके बयान को लेकर व्यंग्य किया।
सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं को जनमत का वैज्ञानिक प्रतिनिधित्व नहीं माना जा सकता। ये प्रतिक्रियाएं संबंधित पोस्ट पर सक्रिय यूजर्स की राय को दिखाती हैं।
बयान का संदर्भ समझना जरूरी
राखी सावंत अक्सर अपने बेबाक और मनोरंजक बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। इस मामले में भी उपलब्ध रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि बातचीत का अंदाज मजाकिया था। इसलिए “ट्रंप मेरे पापा हैं” या “शुगर डैडी” जैसे शब्दों को वास्तविक पारिवारिक संबंध के दावे के रूप में पेश करना तथ्यात्मक संदर्भ से बाहर होगा।
इसी तरह अमेरिकी नागरिकता से जुड़ी उनकी बात को भी व्यक्तिगत इच्छा या मजाकिया टिप्पणी के रूप में देखना अधिक सटीक है। किसी व्यक्ति की नागरिकता किसी सार्वजनिक बयान मात्र से तय नहीं होती। इसके लिए संबंधित देश के कानून और आधिकारिक प्रक्रिया लागू होती है।
आगे क्या
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामला राखी सावंत के बयान और उस पर सोशल मीडिया प्रतिक्रिया तक सीमित है। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस बयान पर किसी प्रतिक्रिया या राखी सावंत को अमेरिकी नागरिकता देने संबंधी किसी आधिकारिक कदम की जानकारी सामने नहीं आई है।
राखी का यह बयान इसलिए चर्चा में आया क्योंकि इसमें उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक शख्सियत को लेकर निजी और मजाकिया रिश्ता जोड़ते हुए नागरिकता की इच्छा भी जाहिर की। हालांकि, इसे वास्तविक पारिवारिक संबंध या नागरिकता प्रक्रिया से जोड़ने के लिए कोई स्वतंत्र आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
राखी सावंत ने एक बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप को अपना “पापा” और “शुगर डैडी” बताते हुए अमेरिकी नागरिकता की इच्छा जताई। उनके बयान में मां से जुड़ी एक मजाकिया कहानी भी शामिल थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह पूरा प्रसंग मनोरंजक अंदाज में कही गई बातों पर आधारित है।
इसलिए इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि वायरल बयान राखी सावंत का है। ट्रंप के साथ किसी वास्तविक पारिवारिक रिश्ते या अमेरिकी नागरिकता देने की किसी आधिकारिक प्रक्रिया की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।