रामलीला मैदान रैली: 250 तक कैमरे, सुरक्षा प्लान में क्या है पुष्ट?
Mohammad Naved
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2026-10-31 12:09:00
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली के लिए सुरक्षा तैयारी जारी है। पुलिस के हवाले से 200 से 250 कैमरों का जिक्र है। 4 जोन की पुष्टि नहीं मिली है।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 31 अक्टूबर 2026
✍️ Mohd Naved
रैली से पहले निगरानी और भीड़ प्रबंधन पर ज़ोर
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली के लिए पुलिस सुरक्षा तैयारियों में जुटी है। डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह के हवाले से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्थानीय पुलिस के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की मदद ली जाएगी। मैदान और आसपास करीब 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था बताई गई है।
कैमरों की संख्या को लेकर सावधानी ज़रूरी
डीसीपी के हवाले से दिए गए विवरण में कैमरों की संख्या एक अनुमानित दायरे में है। इसलिए इसे “250 कैमरे लगाए जा चुके हैं” के तौर पर लिखना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी निगरानी की तैयारी से मुताल्लिक़ है, सभी उपकरणों के चालू होने का स्वतंत्र निरीक्षण उपलब्ध नहीं है।
4 ज़ोन की पुष्टि नहीं, विवरण में 14 ज़ोन
सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी उपलब्ध रिपोर्टों में आयोजन स्थल को 14 ज़ोन में बांटने का उल्लेख है। पुलिस अधिकारियों के हवाले से हर ज़ोन में अधिकारी की निगरानी और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था बताई गई है। इस पड़ताल में 4 ज़ोन वाले दावे की पुष्टि नहीं मिली। अंतिम स्वीकृत सुरक्षा दस्तावेज़ प्रत्यक्ष रूप से उपलब्ध नहीं हुआ है।
एआई स्कैनिंग पर क्या जानकारी है?
पुलिस अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित विवरण में एआई आधारित कैमरों से चेहरों की स्कैनिंग का उल्लेख है। हालांकि, इस तकनीक के इस्तेमाल का दायरा, पहचान की प्रक्रिया और संबंधित आधिकारिक निर्देश स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। इसलिए एआई स्कैनिंग को रिपोर्टों में बताई गई व्यवस्था के तौर पर ही पढ़ा जाना चाहिए।
रैली की अनुमति और समय
दिल्ली पुलिस के प्रकाशित बयान के मुताबिक, कांग्रेस ने 1 नवंबर 2026 की रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा था। पुलिस ने आयोजन के लिए एनओसी जारी करने की जानकारी दी है। पुलिस के हवाले से उपलब्ध विवरण में रैली का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे बताया गया है।
आयोजकों के लिए क्या शर्तें हैं?
पुलिस पत्र के प्रकाशित विवरण के अनुसार, आयोजकों को निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, पर्याप्त स्वयंसेवक, पीने का पानी और महिलाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था करनी है। वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर होगी। शाम 5 बजे कार्यक्रम समाप्त होने और प्रतिभागियों के व्यवस्थित प्रस्थान की शर्त भी बताई गई है।
रैली का सियासी संदर्भ
आयोजकों ने रैली को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी एसआईआर, के खिलाफ अभियान से जोड़ा है। विपक्ष की ओर से प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल राजनीतिक आरोप हैं। उन्हें चुनावी अनियमितता का सिद्ध निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।
रैली में जाने वालों के लिए ज़रूरी बात
आयोजन स्थल की अनुमति को हर प्रस्तावित मार्च या जुलूस की अनुमति न समझें। निकलने से पहले दिल्ली यातायात पुलिस की ताज़ा एडवाइज़री देखें। इस रिपोर्ट में सड़क बंद होने, मेट्रो सेवाओं में बदलाव या वैकल्पिक मार्ग का कोई अपुष्ट दावा शामिल नहीं किया गया है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।