दिल्ली-पंचकूला और देहरादून में तैयार हो रहे विशाल रावण, 221 फीट तक होगी ऊंचाई।
दशहरा 2026 से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण के पुतले तैयार करने का काम तेज हो गया है। इस बार दिल्ली, पंचकूला और देहरादून में विशालकाय रावण के पुतले आकर्षण का केंद्र बनने वाले हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली और पंचकूला में 221 फीट ऊंचे, जबकि देहरादून में 181 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है।
इन पुतलों को तैयार करने की जिम्मेदारी अंबाला के बराड़ा क्षेत्र से जुड़े कारीगर तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम संभाल रही है। रिपोर्ट के अनुसार तीनों जगहों पर करीब साढ़े तीन महीने से निर्माण का काम चल रहा है और दशहरे से पहले इन्हें मैदान में खड़ा किया जाएगा।
तीनों पुतलों पर खर्च होंगे करीब 1.10 करोड़ रुपये
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, पंचकूला और देहरादून में तैयार किए जा रहे तीनों रावण के पुतलों पर स्थानीय रामलीला कमेटियों की ओर से कुल करीब 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि अलग-अलग आयोजन स्थलों पर खर्च की राशि अलग हो सकती है। पंचकूला में सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में 221 फीट ऊंचे रावण के आयोजन की पहले भी जानकारी सामने आ चुकी है। अगस्त की रिपोर्ट में आयोजन का अनुमानित खर्च करीब 70 लाख रुपये बताया गया था।
20.5 टन लोहे का होगा इस्तेमाल
विशाल आकार के इन पुतलों को तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में लोहे का इस्तेमाल किया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार तीनों पुतलों में कुल 20.50 टन लोहा इस्तेमाल होगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि प्रत्येक पुतले में करीब दो लाख रुपये की आतिशबाजी लगाई जाएगी और इसे ईको-फ्रेंडली बताया गया है।
एक पुतले के निर्माण में 40 कारीगर
इतने बड़े पुतले को तैयार करना आसान काम नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक पुतले पर करीब 40 कारीगरों की टीम काम करती है। इस हिसाब से तीनों पुतलों के निर्माण में करीब 120 कारीगर जुड़े हैं। पुतलों को अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया जाता है और बाद में उन्हें जोड़कर खड़ा किया जाता है। पुतले को खड़ा करने के लिए क्रेन की मदद ली जाती है। इतने बड़े आकार के कारण इसके अलग-अलग हिस्सों को पहले तैयार करना और फिर मौके पर जोड़ना निर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
221 फीट के रावण में 58 फीट का मुकुट
रिपोर्ट के अनुसार 221 फीट ऊंचे रावण के अलग-अलग हिस्सों का आकार भी काफी बड़ा रखा गया है। इसमें करीब 58 फीट का मुकुट, 25 फीट का चेहरा, 8 फीट की गर्दन और 90 फीट का धड़ बताया गया है। पैरों की ऊंचाई करीब 40 फीट है।रावण के हाथ में दिखाई देने वाली तलवार की लंबाई करीब 50 फीट बताई गई है।
अंबाला से शुरू हुआ विशाल रावण बनाने का सफर
तेजेंद्र चौहान का नाम बड़े आकार के रावण के पुतले बनाने के लिए पहले भी सामने आता रहा है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने 2019 में चंडीगढ़ के धनास में 221 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया था। 2026 में भी उनके कारीगरों की टीम अलग-अलग शहरों में विशाल पुतले तैयार कर रही है। पंचकूला के 221 फीट के पुतले की तैयारी का काम सितंबर में करीब 80 प्रतिशत पूरा होने की रिपोर्ट भी सामने आई थी।
दशहरे पर होगा रावण दहन
इस साल विजयादशमी 20 अक्टूबर 2026 को मनाई जाएगी। दिल्ली, पंचकूला और देहरादून में तैयार किए जा रहे इन विशाल पुतलों का निर्माण दशहरे से पहले पूरा करने का लक्ष्य है। इनमें दिल्ली और पंचकूला के 221 फीट के पुतले विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जबकि देहरादून में 181 फीट का पुतला तैयार किया जा रहा है।
निष्कर्ष
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस बार दिल्ली, हरियाणा के पंचकूला और उत्तराखंड के देहरादून में तैयार हो रहे विशाल रावण के पुतले इस पर्व की भव्यता को और बढ़ाने वाले हैं। हालांकि इन पुतलों की वास्तविक ऊंचाई, लागत और आयोजन से जुड़े अंतिम आंकड़े संबंधित आयोजकों या स्थानीय समितियों की अंतिम पुष्टि के अधीन माने जाने चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।