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ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए राहत भरी खबर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रिसर्चर्स ने T-Cells मोडिफिकेशन में पाई कामयाबी 

None 2025-03-11 13:34:24
ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए राहत भरी खबर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रिसर्चर्स ने T-Cells मोडिफिकेशन में पाई कामयाबी 

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एमसीएआरएस के शोधकर्ताओं की बड़ी उपलब्धि

कैसे काम करती है सीएआर टी-सेल थेरेपी?

कैंसर के इलाज में मिलेगी सस्ती और प्रभावी तकनीक

अंतरराष्ट्रीय पहचान और पेटेंट की ओर कदम

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शोधकर्ताओं ने ब्लड कैंसर के इलाज में बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने टी सेल को मोडिफाई करने की तकनीक विकसित की है, जिससे मरीजों को सस्ता और कारगर इलाज मिल सकेगा।

New Delhi,(Shah Times)। ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के मल्टी डिस्प्लिनरी सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च एंड स्टडीज (MCARS) के शोधकर्ताओं ने टी सेल को आनुवंशिक रूप से मोडिफाई करने में सफलता प्राप्त की है। इस तकनीक के जरिए अब ब्लड कैंसर के मरीजों को एक सस्ता और प्रभावी इलाज उपलब्ध हो सकेगा। इस शोध के लिए टीम ने पेटेंट का आवेदन भी कर दिया है।

कैसे काम करती है सीएआर टी-सेल थेरेपी?

एमसीएआरएस के निदेशक प्रो. मोहम्मद हुसैन के अनुसार, सीएआर टी-सेल थेरेपी में रोगी की टी कोशिकाओं (T-Cells) को आनुवंशिक रूप से मोडिफाई किया जाता है। इससे ये कोशिकाएं कैंसर सेल्स को पहचानकर उन पर हमला कर सकती हैं और उन्हें खत्म कर सकती हैं।

टी सेल्स, प्रतिरक्षा प्रणाली का एक अहम हिस्सा होती हैं, जो संक्रमण से लड़ने का काम करती हैं। आमतौर पर बी-सेल लिम्फोसाइट्स एंटीबॉडी बनाकर शरीर की सुरक्षा करते हैं, लेकिन असामान्य परिस्थितियों में इनमें बदलाव आ जाता है और यही बदलाव कैंसर का कारण बन सकता है। मोडिफाइड टी सेल्स, कैंसर सेल्स को पहचानकर सीधे उन पर हमला करती हैं और उन्हें नष्ट कर देती हैं।

कैंसर के इलाज में मिलेगी सस्ती और प्रभावी तकनीक

इस शोध से कैंसर के इलाज का खर्च काफी कम हो सकता है, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। ब्लड कैंसर का इलाज अब तक काफी महंगा रहा है, लेकिन इस नई तकनीक से मरीजों को एक किफायती और असरदार विकल्प मिल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय पहचान और पेटेंट की ओर कदम

यह शोध फरवरी 2025 में इंटरनेशनल जर्नल 'सेल रिपोर्ट मेडिसिन' (Cell Reports Medicine) में प्रकाशित किया गया है। इस उपलब्धि से जामिया मिल्लिया इस्लामिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। इसके अलावा, इस तकनीक के पेटेंट के लिए भी आवेदन किया गया है। पेटेंट मिलने के बाद इस तकनीक के व्यावसायिक उपयोग का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे लाखों मरीजों को लाभ मिलेगा।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के इस शोध ने ब्लड कैंसर के मरीजों के लिए नई उम्मीद जगाई है। मोडिफाइड टी सेल्स की मदद से कैंसर का सस्ता और प्रभावी इलाज संभव होगा। यह शोध कैंसर के इलाज के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति साबित हो सकता है।

 Jamia Millia Islamia Researchers Achieve Success in Modifying T-Cells for Blood Cancer Treatment

 

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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