भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सिटीबैंक एन.ए. पर उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के नियमों के उल्लंघन के चलते 36.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जानें इस कार्रवाई की पूरी वजह और आरबीआई की 614वीं बैठक से जुड़ी अहम जानकारियां।
मुंबई, (Shah Times )।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सिटीबैंक एन.ए. पर उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत लेनदेन की रिपोर्टिंग में अनियमितताओं के चलते 36.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के नियमों के उल्लंघन के चलते की गई है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहले सिटीबैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके जवाब में बैंक ने लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान मौखिक तर्क रखे। हालांकि, समीक्षा के बाद आरबीआई ने पाया कि बैंक ने LRS से जुड़े रिपोर्टिंग दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके चलते यह जुर्माना लगाया गया।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल विनियामक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए की गई है और इससे बैंक के ग्राहकों के लेनदेन की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
इस बीच, आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की 614वीं बैठक तिरुवनंतपुरम में संपन्न हुई। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में वैश्विक और घरेलू आर्थिक परिस्थितियों की समीक्षा की गई।
बैठक में भू-राजनीतिक और वित्तीय बाजार की चुनौतियों पर चर्चा के साथ-साथ वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आरबीआई की आगामी नीतियों और 2025-26 के बजट को भी मंजूरी दी गई। इस बैठक में आरबीआई के उप-गवर्नर एम. राजेश्वर राव, टी. रबी शंकर, स्वामीनाथन जे., और अन्य प्रमुख निदेशक शामिल हुए।
आरबीआई की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि केंद्रीय बैंक फेमा नियमों के अनुपालन को लेकर सख्त है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे सभी लेनदेन और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को नियमों के अनुसार पूरा करें, अन्यथा उन पर दंडात्मक कार्रवाई हो सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।