अब रोजाना दवाएं नहीं, सिर्फ एक इंजेक्शन से कोलेस्ट्रॉल पर कंट्रोल मुमकिन। जानिए नई जीन-एडिटिंग दवा VERVE-102 कैसे काम करती है और इसके ट्रायल में क्या मिले परिणाम।
कोलेस्ट्रॉल को “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और अचानक हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा पैदा करता है। अब इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए वैज्ञानिकों ने एक नया और क्रांतिकारी इलाज खोज निकाला है — VERVE-102।
यह नई दवा एक जीन-एडिटिंग इंजेक्शन है, जिसे सिर्फ एक बार लेने से नसों में जमा LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) को 69% तक कम किया जा सकता है। इससे उन लाखों लोगों को राहत मिल सकती है, जिन्हें रोजाना स्टैटिन जैसी दवाएं खानी पड़ती हैं।
VERVE-102 एक एडवांस्ड जीन-एडिटिंग दवा है जो शरीर में PCSK9 नामक जीन को निष्क्रिय कर देती है। यह जीन लीवर में उस प्रक्रिया को नियंत्रित करता है, जो खून से LDL कोलेस्ट्रॉल को साफ करने का काम करती है। जैसे ही यह जीन बंद होता है, लिवर ज्यादा कुशलता से कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालता है और शरीर में LDL का स्तर तेजी से घटने लगता है।
इस दवा का प्रारंभिक ट्रायल 14 मरीजों पर किया गया, जिन्हें एक जेनेटिक बीमारी थी जिससे उनके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से बहुत ज्यादा था। ट्रायल में शामिल मरीजों को अलग-अलग डोज दी गईं, और सभी ने इसे अच्छी तरह सहन किया।
यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के प्रोफेसर रियाज पटेल, जो इस रिसर्च का हिस्सा थे, का कहना है कि — "यह अब कोई साइंस फिक्शन नहीं, बल्कि हकीकत है।"
स्टैटिन जैसी दवाएं जहां रोजाना खानी पड़ती हैं, वहीं VERVE-102 का सबसे बड़ा फायदा इसका लंबे समय तक असर है। यह विशेष रूप से उनके लिए उपयोगी है:
हालांकि शुरुआती नतीजे प्रभावशाली और सकारात्मक हैं, लेकिन यह ट्रायल छोटे स्केल पर हुआ है और अब तक पीयर-रिव्यू नहीं हुआ है। इसलिए वैज्ञानिक इसे बड़े स्तर पर ट्रायल में लाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि इसके दीर्घकालिक असर और सुरक्षा की पुष्टि की जा सके।
यदि आगे के ट्रायल सफल होते हैं, तो VERVE-102 कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में गेमचेंजर साबित हो सकती है। यह न केवल दिल की बीमारियों से बचाव में कारगर होगी, बल्कि जीन-आधारित ट्रीटमेंट्स की दिशा में भी नई उम्मीद जगा सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।