रोहन राठी हत्याकांड: पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट परिवार ने उठाए सवाल, CBI जांच की मांग
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव में रोहन राठी की हत्या का मामला पुलिस की कार्रवाई के बाद भी चर्चा में है। पुलिस ने मामले में करीब 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने की बात कही थी। हालांकि, रोहन के परिजन इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। परिवार ने हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाने और मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें केवल गिरफ्तारी की जानकारी नहीं, बल्कि यह भी जानना है कि रोहन की हत्या किन परिस्थितियों में हुई और क्या इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे। हालांकि, परिवार की आशंकाओं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
बर्थडे पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था रोहन
परिवार के मुताबिक, 23 सितंबर की रात रोहन राठी एक जन्मदिन की पार्टी में जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन, 24 सितंबर को गांव के पास उसका शव मिलने की जानकारी सामने आई। जवान बेटे की मौत से परिवार में शोक छा गया और गांव में भी मातम का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। उपलब्ध समाचार इनपुट के अनुसार, पुलिस ने करीब 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जेल भेज दिया। गिरफ्तारी तथा पुलिस की ओर से बताए गए घटनाक्रम का विस्तृत आधिकारिक विवरण इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई पर परिवार ने जताया असंतोष
पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बावजूद रोहन के परिजन मामले के सभी पहलुओं की जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि मामले का खुलासा जल्दबाजी में किया गया और हत्या के पीछे की पूरी कहानी अब तक स्पष्ट नहीं हुई है। रोहन के पिता और पूर्व प्रधान विनय राठी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि परिवार को लगातार आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय की दिशा में ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने मामले में लीपापोती किए जाने की आशंका भी जताई है। विनय राठी ने यह भी आरोप लगाया कि वह पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं, लेकिन परिवार की बात सुनने के लिए पर्याप्त पहल नहीं की गई। उनके मुताबिक, परिवार चाहता है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और हत्या के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट की जाए।
बहन ने कहा—निर्दोष को सजा नहीं, असली दोषियों पर कार्रवाई हो
रोहन की बहन ने भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर असंतोष जताया है। परिवार का कहना है कि रोहन उनका इकलौता भाई था और उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है। परिजनों की मांग है कि जांच केवल गिरफ्तार किए गए लोगों तक सीमित न रहे, बल्कि हर संभावित पहलू की पड़ताल की जाए। परिवार ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग किसी निर्दोष व्यक्ति को सजा दिलाने की नहीं, बल्कि वास्तविक दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की है।
दादी का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में शोक
रोहन की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। उसकी दादी पोते को याद कर रो रही हैं। घर में शोक का माहौल है और परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के बीच भी इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हत्या की वजह और घटनाक्रम के संबंध में अभी पूरी स्पष्टता नहीं मिली है। वे चाहते हैं कि पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच करे और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हालांकि, ग्रामीणों की ओर से व्यक्त की गई आशंकाएं अपने आप में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं हैं। इसकी पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है।
भाकियू नेता ने भी उठाए सवाल
समाचार इनपुट के अनुसार, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता मोनू प्रधान ने भी मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि किसी राजनीतिक दबाव के कारण जांच प्रभावित हो सकती है। राजनीतिक दबाव या जांच में लीपापोती किए जाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष और जांच की स्थिति सामने आना जरूरी है, ताकि आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच स्पष्ट अंतर रखा जा सके।
ग्रामीणों ने कैंडल मार्च का किया फैसला
रोहन राठी हत्याकांड को लेकर परिवार और ग्रामीणों की ओर से न्याय की मांग जारी है। उपलब्ध इनपुट के मुताबिक, ग्रामीणों ने शाम को कैंडल मार्च निकालने का फैसला किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।हालांकि, कैंडल मार्च वास्तव में आयोजित हुआ या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। आयोजन की तारीख, समय और बाद की स्थिति की जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।
अब आगे क्या?
इस मामले में कई अहम सवालों के जवाब जांच से ही स्पष्ट हो सकेंगे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ क्या साक्ष्य जुटाए हैं? हत्या की वजह क्या सामने आई है? क्या जांच में अन्य लोगों की भूमिका का कोई प्रमाण मिला है? परिवार की सीबीआई जांच की मांग पर संबंधित अधिकारियों का क्या रुख है? इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होना जरूरी है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में न्यायिक प्रक्रिया और उनके कानूनी अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
रोहन राठी की हत्या से परिवार और गांव में शोक और असंतोष का माहौल है। परिजन निष्पक्ष जांच, पूरी घटना की स्पष्ट जानकारी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चाहते हैं। अब मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई, आधिकारिक स्पष्टीकरण और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।