रोहन राठी हत्याकांड: पुलिस खुलासे से परिवार असंतुष्ट, राकेश टिकैत ने परिजनों से की मुलाकात
Wasi Siddiqui
•
2026-10-03 16:17:54
हरेटी गांव में रोहन राठी हत्याकांड के पुलिस खुलासे पर परिवार की आपत्तियां बरकरार हैं। राकेश टिकैत ने परिजनों से मुलाकात कर घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की एसआईटी जांच जारी है।
📍
हरेटी गांव, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️
3 अक्टूबर 2026
✍️
Wasi Siddiqui
हरेटी में रोहन राठी हत्याकांड को लेकर सवाल बरकरार
मुजफ्फरनगर के पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव में ग्राम प्रधान विवेक राठी के पुत्र रोहन राठी की हत्या के मामले में पुलिस की ओर से किए गए खुलासे के बावजूद पीड़ित परिवार की आपत्तियां पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इसी बीच भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत पीड़ित परिवार के बीच पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की।
राकेश टिकैत ने परिवार से घटना और पुलिस जांच से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने उस स्थान का भी जायजा लिया, जहां रोहन की हत्या से जुड़ा घटनाक्रम सामने आया था। इस दौरान परिवार की ओर से जांच को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी चर्चा हुई।
24 सितंबर को मिला था रोहन का शव
पुलिस के अनुसार रोहन राठी का शव 24 सितंबर को हरेटी गांव के पास खेत में मिला था। रोहन विधि का छात्र था और घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया।
जांच के दौरान पुलिस ने नाजिम और उसके साले शावेज को आरोपी बनाया। दोनों को 25 सितंबर को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के पास से रोहन की बाइक समेत अन्य सामान बरामद किया गया।
पुलिस ने क्या खुलासा किया
पुलिस के अनुसार नाजिम कार से जा रहा था और हरेटी-जहीरपुर मार्ग पर उसे रोहन बाइक के पास दिखाई दिया। पुलिस की जांच के मुताबिक नाजिम को किसी आशंका के चलते रोहन पर संदेह हुआ और कार से टक्कर हुई।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद नाजिम अपने साले शावेज के साथ दोबारा घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक शावेज ने रोहन की पहचान हरेटी के ग्राम प्रधान विवेक राठी के पुत्र के रूप में की। इसके बाद दोनों ने घायल रोहन का मुंह दबाया, जिससे उसकी मौत हुई।
यह घटनाक्रम पुलिस की जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आए कथित विवरण पर आधारित है। अंतिम तथ्य न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच से तय होंगे।
मुठभेड़ के बाद गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस के मुताबिक नाजिम और शावेज को चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक की बाइक, मोबाइल और अन्य सामान बरामद किए जाने की जानकारी दी थी।
पुलिस की ओर से यह भी बताया गया कि घटना में इस्तेमाल बताई गई कार और हथियार बरामद किए गए। हालांकि, इन बरामदगियों और पुलिस की पूरी थ्योरी को अदालत में साक्ष्य के रूप में परखा जाना बाकी है।
परिवार पुलिस के खुलासे से क्यों असंतुष्ट है
पुलिस के खुलासे के बाद रोहन के परिवार और कुछ ग्रामीणों ने जांच के कई पहलुओं को लेकर सवाल उठाए। परिवार की मांग है कि हत्या से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच हो और किसी भी संभावित भूमिका को बिना जांच के नजरअंदाज न किया जाए।
परिवार की आपत्तियों के बाद पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बैठक भी हुई। इस बैठक में जांच की प्रगति, पुलिस के पास मौजूद साक्ष्यों और परिवार की आशंकाओं पर चर्चा हुई।
मंत्री अनिल कुमार के साथ भी हुई वार्ता
इस मामले में इससे पहले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने हरेटी पहुंचकर रोहन के परिवार से मुलाकात की थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक हुई, जिसमें परिवार की ओर से उठाए गए सवालों को रखा गया।
पुलिस अधिकारियों ने अपनी जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी दी। साथ ही परिवार की आशंकाओं को देखते हुए आगे की जांच का रास्ता खुला रखा गया।
एसआईटी जांच से बढ़ी निगरानी
परिवार की आपत्तियों के बाद पुलिस ने मामले की आगे की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी गठित की। एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन को दी गई है।
एसआईटी में सीओ सदर सुनील कुमार, सर्विलांस सेल के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह, एसओजी प्रभारी मोहित सिंह, छपार थाना प्रभारी मोहित कुमार और पुरकाजी थाना प्रभारी मानवेंद्र भाटी को शामिल किया गया है। टीम को मामले से जुड़े सभी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा गहन पड़ताल करनी है।
जांच का दायरा अब क्या होगा
एसआईटी के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि पुलिस की मौजूदा थ्योरी उपलब्ध साक्ष्यों से कितनी पुष्ट होती है और क्या घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जरूरी है।
परिवार की ओर से उठाए गए सवालों को जांच का हिस्सा बनाया जाना महत्वपूर्ण है। पुलिस ने भी कहा है कि आगे की विवेचना में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता से जुड़े साक्ष्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राकेश टिकैत की मौजूदगी का महत्व
हरेटी पहुंचकर राकेश टिकैत ने परिवार के साथ मुलाकात की और घटनास्थल का जायजा लिया। उनकी मौजूदगी ऐसे समय में हुई है, जब परिवार पुलिस की जांच को लेकर अतिरिक्त स्पष्टता चाहता है।
इस मुलाकात का मुख्य मुद्दा जांच की पारदर्शिता और परिवार की आशंकाओं को सामने रखना रहा। किसी व्यक्ति की भूमिका या घटना के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष एसआईटी की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
एक जरूरी तथ्य
रोहन राठी हत्याकांड में पुलिस ने नाजिम और शावेज को गिरफ्तार कर अपनी जांच का खुलासा किया है। लेकिन परिवार की आपत्तियों के बाद एसआईटी का गठन यह दर्शाता है कि मामले के कुछ पहलुओं की अतिरिक्त जांच की जा रही है।
इसलिए फिलहाल पुलिस की थ्योरी को जांच का आधिकारिक पक्ष मानते हुए रिपोर्ट करना उचित है, जबकि आरोपियों की भूमिका और घटना के पूरे क्रम को अंतिम रूप से न्यायिक प्रक्रिया के अधीन समझना जरूरी है।
आगेक्या होगा
अब एसआईटी की जांच इस मामले का अगला महत्वपूर्ण चरण है। टीम उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और पहले की विवेचना की समीक्षा करेगी।
परिवार की उम्मीद है कि जांच में उसके सभी सवालों का जवाब मिलेगा। पुलिस के सामने चुनौती यह है कि मौजूदा खुलासे को उपलब्ध साक्ष्यों के साथ और स्पष्ट करे तथा यदि कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसे भी विवेचना में शामिल करे।
हरेटी गांव के रोहन राठी हत्याकांड में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस के खुलासे के बाद भी जांच का अध्याय खत्म नहीं हुआ है। परिवार की असंतुष्टि और उसके बाद एसआईटी के गठन ने मामले को दोबारा जांच के केंद्र में ला दिया है।
राकेश टिकैत की पीड़ित परिवार से मुलाकात और घटनास्थल का जायजा इस मामले में सामाजिक और सार्वजनिक निगरानी को भी रेखांकित करता है। अब सबसे अहम भूमिका एसआईटी की जांच की है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना का पूरा सच सामने आना ही परिवार, ग्रामीणों और जांच एजेंसियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अगला कदम है।
वीडियो देखें
ADVERTISEMENT
Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।