रूस की सुरक्षा एजेंसी एफएसबी ने जापानी पत्रकार युकी इमाई को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पत्रकार को सखालिन से मॉस्को ले जाया गया है। जापान ने निष्पक्ष और मानवीय व्यवहार की मांग की है।
मॉस्को / युझ्नो-सखालिंस्क, रूस | 14 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
रूस में जापानी पत्रकार युकी इमाई गिरफ्तार, रक्षा संबंधी जानकारी जुटाने का आरोप
रूस और जापान के बीच पहले से जारी कूटनीतिक तनाव के बीच एक जापानी पत्रकार की गिरफ्तारी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा, एफएसबी, ने पत्रकार युकी इमाई को जासूसी के शक में हिरासत में लिया है। रूसी अधिकारियों का इल्ज़ाम है कि पत्रकार जापानी खुफिया एजेंसी के लिए रूस की रक्षा क्षमताओं से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर रहे थे।
सखालिन द्वीप से हुई गिरफ्तारी
रूसी सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, पत्रकार को देश के सुदूर पूर्वी सखालिन क्षेत्र के युझ्नो-सखालिंस्क शहर में उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वह रूस छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मॉस्को स्थानांतरित किया गया। वहां लेफोर्तोवो ज़िला अदालत ने जांच जारी रहने तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने पत्रकार की पहचान युकी इमाई के रूप में की। इमाई की उम्र 34 वर्ष बताई गई है।
रूसी सुरक्षा एजेंसी ने क्या आरोप लगाए?
एफएसबी का दावा है कि जापानी पत्रकार रूस की सैन्य क्षमताओं और रक्षा व्यवस्था से संबंधित सूचनाएं जमा कर रहे थे।
रूसी एजेंसी ने आरोप लगाया कि पत्रकार विवादित कुरील द्वीप समूह से यूक्रेन युद्ध में शामिल हुए सैनिकों और स्वयंसेवकों से संबंधित जानकारी भी इकट्ठा कर रहे थे।
रूसी अधिकारियों ने इस मामले में जासूसी से संबंधित आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। संबंधित कानून के तहत दोष सिद्ध होने पर अधिकतम 20 वर्ष की कैद हो सकती है।
जापान सरकार ने क्या कहा?
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने 14 अक्टूबर को बताया कि मॉस्को स्थित जापानी दूतावास और युझ्नो-सखालिंस्क स्थित वाणिज्य दूतावास ने रूसी अधिकारियों से मामले की जानकारी मांगी है।
जापान ने हिरासत में लिए गए नागरिक के साथ निष्पक्ष और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की है।
पत्रकार के नियोक्ता ने भी कहा है कि उसकी प्राथमिकता अपने कर्मचारी की सुरक्षा है और वह मामले के तथ्यों की पुष्टि कर रहा है।
रूस और जापान के बीच पुराना क्षेत्रीय विवाद
रूस और जापान के संबंधों में कुरील द्वीप समूह का विवाद लंबे समय से तनाव का कारण रहा है।
द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में सोवियत संघ ने इन द्वीपों पर नियंत्रण स्थापित किया था। जापान दक्षिणी द्वीपों पर अपना दावा करता है, जबकि रूस उन्हें अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है।
इस विवाद के कारण दोनों देशों के बीच द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद औपचारिक शांति संधि नहीं हो सकी।
यूक्रेन युद्ध के बाद जापान द्वारा रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों से भी द्विपक्षीय संबंध प्रभावित हुए हैं। अगस्त 2026 में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विवादित द्वीपों की यात्रा ने तनाव और बढ़ाया था।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।