रूस ने 28 सितंबर को यूक्रेन पर बड़े ड्रोन हमले किए। कीव में नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की इमारत पर जेट-चालित ड्रोन गिरा, जिससे आग लगी और लोगों की मौत व चोट की सूचना है।
कीव, यूक्रेन | 28 सितंबर 2026
By Mohd Haris
यूक्रेन की राजधानी कीव में 28 सितंबर 2026 को रूस के बड़े ड्रोन हमलों के दौरान नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की इमारत को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, इमारत पर एक जेट-चालित शहीद ड्रोन गिरा, जिसके बाद आग लग गई और भवन की कई मंजिलें क्षतिग्रस्त हुईं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रात के अपने संबोधन में बताया कि उस समय तक देश के अलग-अलग हिस्सों में 120 से अधिक ड्रोन हमलों की सूचना थी। इनमें करीब 90 ड्रोन जेट-चालित बताए गए। उन्होंने देशभर में 9 लोगों की मौत और 80 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। यह आंकड़ा 28 सितंबर की रात तक का आधिकारिक अपडेट था।
कीव के ऐतिहासिक केंद्रीय इलाके में स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की इमारत पर हुए हमले के बाद बड़े पैमाने पर आग लगी। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, एक व्यक्ति को मलबे के नीचे खोजा जा रहा था और इमारत की कई मंजिलें नष्ट हुई थीं।
यूक्रेन की आधिकारिक शिक्षा और विज्ञान संबंधी संस्थाओं ने भी हमले की पुष्टि की है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 28 सितंबर को अकादमी की प्रेसिडियम बिल्डिंग पर हमला हुआ और उसके बाद बड़े पैमाने पर आग लगी।
यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, अकादमी पर गिरे ड्रोन से वोलोदिमीर होर्बुलिन की सहायक की मौत हुई। होर्बुलिन खुद घायल हुए और बाद में उन्हें घर भेजे जाने की जानकारी दी गई।
अलग-अलग समय पर सामने आए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय अपडेट में मृतकों और घायलों की संख्या में अंतर रहा। इसलिए इस रिपोर्ट में अलग-अलग स्रोतों के बदलते आंकड़ों को एक अंतिम संख्या के रूप में पेश नहीं किया जा रहा है।
कीव के मेयर विताली क्लित्श्को ने हमले के बाद राजधानी में बड़ी संख्या में घायलों की जानकारी दी थी। शुरुआती स्थानीय रिपोर्ट में 19 लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी।
28 सितंबर का हमला केवल कीव तक सीमित नहीं था। यूक्रेनी राष्ट्रपति के अनुसार, रूस ने देश के कई क्षेत्रों में ड्रोन हमले किए। कीव के अलावा द्नीप्रो, ओडेसा, सुमी और खार्किव क्षेत्र भी हमलों से प्रभावित हुए।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में नागरिक और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी प्रभावित हुए। कीव में अकादमी ऑफ साइंसेज की इमारत के अलावा एक अस्पताल की इमारत पर भी जेट-चालित ड्रोन के हमले की सूचना दी गई।
हाल के हमलों में रूस की ओर से तेज गति वाले जेट-चालित ड्रोन के इस्तेमाल की बात सामने आई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि 28 सितंबर को इस्तेमाल किए गए 120 से अधिक ड्रोन में करीब 90 जेट-चालित थे।
यूक्रेनी पक्ष के अनुसार, इन तेज ड्रोन को रोकना पुराने प्रोपेलर-चालित ड्रोन की तुलना में ज्यादा मुश्किल है। इससे राजधानी समेत दूसरे शहरों की एयर डिफेंस व्यवस्था पर दबाव बढ़ता है।
यह बदलाव युद्ध के एयर वॉरफेयर आयाम में महत्वपूर्ण है। रूस लंबे समय से ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिये यूक्रेन के सैन्य, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहा है। तेज ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से इंटरसेप्शन की चुनौती और जटिल हुई है।
नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की इमारत कीव के केंद्रीय इलाके में स्थित है। यूक्रेनी राष्ट्रपति के बयान के मुताबिक, इसके सामने सेंट्रल राडा की इमारत और आसपास महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं।
यूक्रेनी अधिकारियों ने हमले को वैज्ञानिक और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के लिए गंभीर घटना बताया है। हालांकि, किसी हमले के सैन्य उद्देश्य और लक्ष्य को लेकर स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए बिना अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के इलाके में सैन्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने की कार्रवाई करते रहे हैं।
28 सितंबर से पहले भी कीव पर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमले हुए थे। यूक्रेनी राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, 23 से 24 सितंबर की रात हुए रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमले में कीव के एक अस्पताल सहित कई स्थान प्रभावित हुए थे।
जेट-चालित ड्रोन के इस्तेमाल ने यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता के सामने नई चुनौती रखी है। यूक्रेन पहले से पश्चिमी देशों से अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरसेप्टर हासिल करने की मांग करता रहा है।
28 सितंबर के अपने संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि रूस के बड़े ड्रोन हमलों के जवाब में यूक्रेन को अपनी सुरक्षा क्षमता मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समर्थन और अतिरिक्त एयर डिफेंस सहायता पर जोर दिया।
नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज यूक्रेन की प्रमुख वैज्ञानिक संस्थाओं में शामिल है। इसके भवन पर हमले से केवल एक सरकारी इमारत को नुकसान नहीं हुआ, बल्कि वैज्ञानिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यस्थल भी प्रभावित हुए।
यूक्रेनी संस्थाओं ने इसे वैज्ञानिक और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे पर गंभीर हमला बताया है। हालांकि, हमले से अकादमी के कितने वैज्ञानिक कार्यक्रम, कार्यालय या शोध गतिविधियां प्रभावित हुईं, इसका पूरा आकलन अभी अलग से सामने आना बाकी है।
28 सितंबर के हमलों से पहले यूक्रेन ने रूस के भीतर सैन्य और ऊर्जा ढांचे से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन हमलों की कार्रवाई की थी। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस के तुला और वोरोनेझ क्षेत्रों में रक्षा प्रतिष्ठानों तथा क्रास्नोडार क्षेत्र में तेल सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी थी।
कीव में 28 सितंबर का हमला इस बात को रेखांकित करता है कि युद्ध का असर केवल अग्रिम मोर्चे तक सीमित नहीं है। राजधानी के केंद्रीय इलाके, नागरिक इमारतें और संस्थागत ढांचा भी हवाई हमलों के खतरे में हैं।
रेस्क्यू टीमें हमले के बाद प्रभावित इमारत में राहत और खोज अभियान में जुटीं। मलबे के नीचे लोगों की तलाश और आग पर काबू पाने की कार्रवाई तत्काल प्राथमिकता बनी रही।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।