नई दिल्ली,(शाह टाइम्स) । वर्ल्ड टेलिकॉम डे से एक दिन पहले मंगलवार (16 मई) को टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संचार साथी पोर्टल लॉन्च किया
भारत सरकार 17 मई यानी आज एक राष्ट्रव्यापी CEIR ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने के लिए तैयार है, जिसे संचार साथी पोर्टल कहा जाता है। यह पोर्टल, जिसे CEIR ट्रैकिंग के रूप में भी जाना जाता है, स्मार्टफोन यूजर्स को पूरे भारत में अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने में सक्षम करेगा।
उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और संरक्षा प्रधामंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है। इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए संचार, रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज संचार साथी पोर्टल का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आज तीन सुधार किए जा रहे हैं:
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल फोन का दुरुपयोग कर पहचान की चोरी, जाली केवाईसी, बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे विभिन्न धोखे भी हो सकते हैं। ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए इस पोर्टल को विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ता सुरक्षा ड्राफ्ट टेलीकॉम बिल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
संचार साथी पोर्टल का उपयोग करके, अब तक धोखाधडी करने वाले 40 लाख से अधिक कनेक्शन की पहचान की गई है और 36 लाख से अधिक ऐसे जुड़ावों को अब तक बंद कर दिया गया है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने उपयोगकर्ताओं से पोर्टल पर जाकर सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। पोर्टल का लिंक है - https://sancharsaathi.gov.in
संचार साथी पोर्टल के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी संलग्न है।
संचार साथी पहल के बारे में संक्षिप्त विवरण
117 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ, भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम इकोसिस्टम के रूप में उभरा है। कम्यूनिकेशन के अलावा, मोबाइल फ़ोन बैंकिंग, मनोरंजन, ई-लर्निंग, स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।
इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ताओं को पहचान चोरी, जाली केवाईसी, मोबाइल उपकरणों की चोरी, बैंकिंग धोखाधड़ी आदि जैसे विभिन्न जालसाजियों से सुरक्षित रखा जाए।
उपयोगकर्ताओं को संरक्षित करने के लिए, दूरसंचार विभाग ने संचार साथी नामक एक नागरिक सेंट्रिक पोर्टल विकसित किया है। इसकी मदद से नागरिकों को निम्नलिखित कार्य करने की अनुमति है:
· जाली या अनावश्यक कनेक्शन की रिपोर्ट
· चोरी या खो गए मोबाइल फ़ोन को ब्लॉक
ये पूरा सिस्टम दूर संचार विभाग द्वारा स्वयं तैयार किया गया है। इसमें निम्नलिखित मॉड्यूल हैं।
सेंट्रलाइज्ड इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर):
अपने मोबाइल को जानें
· यह नागरिकों को उनकी मोबाइल डिवाइस के आईएमईआई की सत्यापितता की जांच करने की सुविधा प्रदान करता है।
फ्रॉड मैनेजमेंट और उपभोक्ता संरक्षण के लिए दूरसंचार विश्लेषण (टीएएफसीओपी)
टेलीकॉम एसआईएम सब्सक्राइबर सत्यापन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेस रिक्गनीशन से लैस प्रौद्योगिकी संचालित समाधान (एएसटीआर)
एएसटीआर से प्राप्त सफलता
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नई दिल्ली,(शाह टाइम्स) । वर्ल्ड टेलिकॉम डे से एक दिन पहले मंगलवार (16 मई) को टेलिकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संचार साथी पोर्टल लॉन्च किया
भारत सरकार 17 मई यानी आज एक राष्ट्रव्यापी CEIR ट्रैकिंग सिस्टम शुरू करने के लिए तैयार है, जिसे संचार साथी पोर्टल कहा जाता है। यह पोर्टल, जिसे CEIR ट्रैकिंग के रूप में भी जाना जाता है, स्मार्टफोन यूजर्स को पूरे भारत में अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक और ट्रैक करने में सक्षम करेगा।
उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और संरक्षा प्रधामंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत के दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है। इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए संचार, रेलवे और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज संचार साथी पोर्टल का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर बोलते हुए श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए आज तीन सुधार किए जा रहे हैं:
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोबाइल फोन का दुरुपयोग कर पहचान की चोरी, जाली केवाईसी, बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे विभिन्न धोखे भी हो सकते हैं। ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए इस पोर्टल को विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि उपयोगकर्ता सुरक्षा ड्राफ्ट टेलीकॉम बिल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
संचार साथी पोर्टल का उपयोग करके, अब तक धोखाधडी करने वाले 40 लाख से अधिक कनेक्शन की पहचान की गई है और 36 लाख से अधिक ऐसे जुड़ावों को अब तक बंद कर दिया गया है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने उपयोगकर्ताओं से पोर्टल पर जाकर सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। पोर्टल का लिंक है - https://sancharsaathi.gov.in
संचार साथी पोर्टल के बारे में एक संक्षिप्त जानकारी संलग्न है।
संचार साथी पहल के बारे में संक्षिप्त विवरण
117 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ, भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम इकोसिस्टम के रूप में उभरा है। कम्यूनिकेशन के अलावा, मोबाइल फ़ोन बैंकिंग, मनोरंजन, ई-लर्निंग, स्वास्थ्य सेवाएं, सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।
इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ताओं को पहचान चोरी, जाली केवाईसी, मोबाइल उपकरणों की चोरी, बैंकिंग धोखाधड़ी आदि जैसे विभिन्न जालसाजियों से सुरक्षित रखा जाए।
उपयोगकर्ताओं को संरक्षित करने के लिए, दूरसंचार विभाग ने संचार साथी नामक एक नागरिक सेंट्रिक पोर्टल विकसित किया है। इसकी मदद से नागरिकों को निम्नलिखित कार्य करने की अनुमति है:
· जाली या अनावश्यक कनेक्शन की रिपोर्ट
· चोरी या खो गए मोबाइल फ़ोन को ब्लॉक
ये पूरा सिस्टम दूर संचार विभाग द्वारा स्वयं तैयार किया गया है। इसमें निम्नलिखित मॉड्यूल हैं।
सेंट्रलाइज्ड इक्विपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर):
अपने मोबाइल को जानें
· यह नागरिकों को उनकी मोबाइल डिवाइस के आईएमईआई की सत्यापितता की जांच करने की सुविधा प्रदान करता है।
फ्रॉड मैनेजमेंट और उपभोक्ता संरक्षण के लिए दूरसंचार विश्लेषण (टीएएफसीओपी)
टेलीकॉम एसआईएम सब्सक्राइबर सत्यापन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेस रिक्गनीशन से लैस प्रौद्योगिकी संचालित समाधान (एएसटीआर)
एएसटीआर से प्राप्त सफलता
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Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।