हूतियों को 1 अरब डॉलर का सऊदी प्रस्ताव? ईरान के जरिए समझौते का दावा
Mohammad Naved
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2026-10-27 11:34:37
सऊदी अरब की ओर से हूतियों को 1 अरब डॉलर देने का दावा सामने आया है। ईरान के जरिए प्रस्ताव की रिपोर्ट है, लेकिन रकम पहुंचने या समझौता होने की पुष्टि नहीं हुई है।
तेहरान, ईरान | 27 अक्टूबर 2026 By Mohd Naved
हूतियों को रकम देने का क्या है दावा?
सऊदी अरब और यमन के हूतियों के बीच संघर्ष रोकने के लिए 1 अरब डॉलर के कथित प्रस्ताव की चर्चा सामने आई है। 26 अक्टूबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट में खाड़ी के अज्ञात राजनयिक सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि सऊदी अरब, ईरान के जरिए यह रकम हूतियों को देने की बातचीत कर रहा है।
रिपोर्ट में एक सूत्र ने दावा किया कि सऊदी प्रतिनिधिमंडल के सैन्य विमान में रकम लाई गई थी। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक एक सऊदी अधिकारी ने किसी रकम के हस्तांतरण की पुष्टि नहीं की। विमान में नकदी होने की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तेहरान में किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
26 अक्टूबर को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, इस बातचीत का मकसद पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिश था।
सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान भी तेहरान पहुंचे थे। हालांकि, क्षेत्रीय वार्ता का होना हूतियों को 1 अरब डॉलर देने के कथित प्रस्ताव या उसके मंजूर होने की पुष्टि नहीं करता।
ईरान ने मध्यस्थता पर क्या कहा था?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने 20 अक्टूबर को प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा था कि सऊदी अरब और हूतियों के बीच बातचीत कराने की ईरान की पेशकश पर उस वक्त तक दोनों पक्षों से जवाब नहीं मिला था।
यह बयान 26 अक्टूबर की तेहरान बैठक से पहले का है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे बाद की वार्ता का नतीजा नहीं माना जा सकता।
हमलों के बीच बढ़ा तनाव
हूती आंदोलन यमन में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। सऊदी अरब यमन की मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है।
हूतियों ने 26 अक्टूबर को सऊदी तेल पंपिंग स्टेशनों और रियाद हवाई अड्डे पर हमले का दावा किया था। उस वक्त सऊदी अरब की ओर से इन विशेष हमलों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई थी।
27 अक्टूबर को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने हूतियों की ओर से सऊदी अरब के 2 इलाकों की तरफ दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोककर नष्ट किया। यह गठबंधन का दावा है।
अहम तारीखें और तथ्य
• 20 अक्टूबर 2026: ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि मध्यस्थता की पेशकश पर उस समय तक सऊदी अरब और हूतियों का जवाब नहीं मिला था।
• 26 अक्टूबर 2026: तेहरान में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के अधिकारियों ने ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की।
• 1 अरब डॉलर: यह रकम एक रिपोर्ट में अज्ञात राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताई गई है। भुगतान की पुष्टि नहीं हुई है।
• 27 अक्टूबर 2026: सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया।
आगे क्या होगा?
सऊदी अरब, ईरान और हूती आंदोलन के आधिकारिक बयानों पर नजर रहेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कथित वित्तीय प्रस्ताव पर कोई सहमति बनी है या संघर्ष विराम की शर्तों पर बातचीत किस मुकाम पर पहुंची है।
मामले का व्यापक असर
यमन में जारी संघर्ष और सऊदी अरब पर हमलों के बीच क्षेत्रीय बातचीत कूटनीतिक अहमियत रखती है। यदि संबंधित पक्ष किसी समझौते तक पहुंचते हैं, तो उसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिक आवाजाही पर पड़ सकता है। लेकिन प्रस्ताव की शर्तें और उसे लेकर पक्षों का रुख पुष्ट न होने के कारण किसी नतीजे का दावा करना जल्दबाजी होगा।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।