ईरान के IRGC ने सिस्तान-बलूचिस्तान के ज़ाहेदान में कथित आतंकी टीम के खिलाफ अभियान में 6 लोगों के मारे जाने का दावा किया है। दावे की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है।
ज़ाहेदान, सिस्तान-बलूचिस्तान, ईरान | 1 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, यानी IRGC, ने देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक बड़े सुरक्षा अभियान का दावा किया है। IRGC के मुताबिक सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के ज़ाहेदान में एक कथित आतंकी टीम को निशाना बनाया गया और 6 सदस्य मारे गए।
IRGC के अनुसार यह कार्रवाई उस समूह की गतिविधियों को रोकने के लिए की गई, जिसे ईरानी सुरक्षा बल एक संभावित आतंकवादी ऑपरेशन की तैयारी से जोड़ रहे थे।
IRGC की ग्राउंड फोर्सेज से जुड़े अभियान के अनुसार सुरक्षा बलों ने कथित टीम को पहचानने के बाद कार्रवाई की। IRGC का दावा है कि समूह किसी हमले की तैयारी कर रहा था और ऑपरेशन के दौरान उसके 6 सदस्य मारे गए।
ईरानी पक्ष ने इसे एक सुरक्षा सफलता के रूप में पेश किया है। हालांकि, अभी तक स्वतंत्र स्रोतों से मृतकों की पहचान, उनकी संख्या और उनके संगठनात्मक संबंधों की पूर्ण पुष्टि सामने नहीं आई है।
ईरानी सुरक्षा संस्थान सिस्तान-बलूचिस्तान में सक्रिय कई सशस्त्र समूहों के खिलाफ नियमित अभियान चलाते रहे हैं। इस क्षेत्र में पिछले कुछ हफ्तों में भी सुरक्षा बलों और सशस्त्र लोगों के बीच कई झड़पें हुई हैं।
सिस्तान-बलूचिस्तान ईरान का दक्षिण-पूर्वी प्रांत है और इसकी सीमाएं पाकिस्तान तथा अफगानिस्तान के करीब हैं। भौगोलिक स्थिति के कारण यह इलाका लंबे समय से सीमा सुरक्षा और सशस्त्र गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
हाल के महीनों में यहां IRGC, खुफिया एजेंसियों और पुलिस की संयुक्त कार्रवाइयों की कई खबरें सामने आई हैं। सितंबर में भी ईरानी अधिकारियों ने अलग-अलग अभियानों में कथित सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी थी।
12 सितंबर को सिस्तान-बलूचिस्तान में एक संयुक्त अभियान के दौरान IRGC ने 4 कथित आतंकवादियों के मारे जाने का दावा किया था। उसी अभियान में 3 ईरानी सुरक्षा और खुफिया कर्मियों के मारे जाने की भी जानकारी दी गई थी।
सितंबर की एक अन्य घटना में सरावान क्षेत्र में सुरक्षा बलों और सशस्त्र लोगों के बीच संघर्ष की रिपोर्ट सामने आई थी। उस मामले में ईरानी पक्ष ने 5 सशस्त्र लोगों और 1 IRGC सदस्य के मारे जाने की जानकारी दी थी। मृतकों की पहचान और संगठनात्मक संबद्धता पर स्वतंत्र जानकारी सीमित रही।
सिस्तान-बलूचिस्तान की स्थिति ईरान की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ सीमा प्रबंधन से भी जुड़ी है। पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण यहां हथियारों की तस्करी, सशस्त्र समूहों की गतिविधियों और सीमा पार आवाजाही को लेकर ईरानी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहती हैं।
IRGC और ईरानी सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ऐसे अभियान संभावित हमलों को रोकने के लिए किए जाते हैं। दूसरी ओर, इन अभियानों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि कई मामलों में सीमित रहती है।
IRGC का कहना है कि जिस टीम को निशाना बनाया गया, वह संभावित आतंकी कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। हालांकि, उपलब्ध ताजा जानकारी में किसी विशिष्ट हमले का विस्तृत विवरण, लक्षित स्थान या कथित ऑपरेशन की पूरी योजना सार्वजनिक नहीं की गई है।
इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि कोई निश्चित हमला होने वाला था और उसे पूरी तरह नाकाम कर दिया गया। फिलहाल इसे IRGC के आधिकारिक दावे के रूप में रिपोर्ट करना अधिक सटीक है।
ईरान इस समय व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव का सामना कर रहा है। ऐसे माहौल में सिस्तान-बलूचिस्तान जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा अभियानों का रणनीतिक महत्व बढ़ जाता है।
फिर भी हर स्थानीय सुरक्षा कार्रवाई को व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष से सीधे जोड़ने के लिए पर्याप्त स्वतंत्र प्रमाण जरूरी हैं। मौजूदा घटना के संबंध में ऐसा कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।