मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पूर्व सैनिकों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता पर चर्चा हुई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव साझा किए गए।
मुजफ्फरनगर (शाह टाइम्स) मुजफ्फरनगर के जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में भूतपूर्व सैनिकों एवं पुलिसकर्मियों के साथ एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नरेन्द्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गोष्ठी की शुरुआत में वरिष्ठ अधिकारियों ने सशस्त्र सेनाओं को "ऑपरेशन सिन्दूर" की सफलता पर बधाई दी और उनके साहस एवं बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सुरक्षा क्षमता का प्रतीक है और देश को गर्व से भर देने वाला अभियान रहा है।
गोष्ठी के दौरान अधिकारियों ने भूतपूर्व सैनिकों से सुरक्षा सम्बन्धी सुझावों पर चर्चा की तथा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनके सहयोग की अपील की। भूतपूर्व सैनिकों ने आश्वासन दिया कि देश पर संकट आने की स्थिति में वे पुनः सेना में योगदान देने के लिए तत्पर हैं और रक्तदान शिविरों जैसे आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
पूर्व सैनिकों ने यह भी बताया कि वे आम जनता को संभावित हमलों से बचाव, ब्लैकआउट के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सायरन बजने पर की जाने वाली क्रियाओं का प्रशिक्षण भी देंगे, जिससे आम नागरिकों में जागरूकता और सुरक्षा की भावना बढ़ सके।
अंत में जिले की जनता से अपील की गई कि वे राष्ट्रहित में एकजुट रहें और स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस का हरसंभव सहयोग करें। गोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिकों का अनुभव और समर्पण राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पूर्व सैनिकों के साथ गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता पर चर्चा हुई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव साझा किए गए।
मुजफ्फरनगर (शाह टाइम्स) मुजफ्फरनगर के जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में भूतपूर्व सैनिकों एवं पुलिसकर्मियों के साथ एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नरेन्द्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।
गोष्ठी की शुरुआत में वरिष्ठ अधिकारियों ने सशस्त्र सेनाओं को "ऑपरेशन सिन्दूर" की सफलता पर बधाई दी और उनके साहस एवं बलिदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की सुरक्षा क्षमता का प्रतीक है और देश को गर्व से भर देने वाला अभियान रहा है।
गोष्ठी के दौरान अधिकारियों ने भूतपूर्व सैनिकों से सुरक्षा सम्बन्धी सुझावों पर चर्चा की तथा जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में उनके सहयोग की अपील की। भूतपूर्व सैनिकों ने आश्वासन दिया कि देश पर संकट आने की स्थिति में वे पुनः सेना में योगदान देने के लिए तत्पर हैं और रक्तदान शिविरों जैसे आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
पूर्व सैनिकों ने यह भी बताया कि वे आम जनता को संभावित हमलों से बचाव, ब्लैकआउट के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और सायरन बजने पर की जाने वाली क्रियाओं का प्रशिक्षण भी देंगे, जिससे आम नागरिकों में जागरूकता और सुरक्षा की भावना बढ़ सके।
अंत में जिले की जनता से अपील की गई कि वे राष्ट्रहित में एकजुट रहें और स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस का हरसंभव सहयोग करें। गोष्ठी ने यह स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिकों का अनुभव और समर्पण राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।