मंगलवार, 13 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
World

शेख हसीना का बड़ा ऐलान, दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की तैयारी

Wasi Siddiqui • 2026-09-30 13:31:58
शेख हसीना का बड़ा ऐलान, दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की तैयारी

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने का इरादा दोहराया है। वह गिरफ्तारी और जेल की आशंका के बावजूद वापसी की बात कह रही हैं।


📍

नई दिल्ली, भारत / ढाका, बांग्लादेश

🗓️

30 सितंबर 2026

✍️Wasi Siddiqui


दिसंबर में वापसी का ऐलान

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में अपने देश लौटने की योजना दोहराई है। भारत में रह रहीं हसीना ने कहा है कि वह अपनी वापसी को लेकर गंभीर हैं और इसके लिए व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को भी स्वीकार करती हैं।

हसीना ने जुलाई 2026 में दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वह वरिष्ठ अवामी लीग नेताओं के साथ दिसंबर के आसपास बांग्लादेश लौटना चाहती हैं और अदालत के सामने पेश होने की तैयारी रखेंगी। अगस्त में अपने एक सार्वजनिक ऑडियो संबोधन में भी उन्होंने दिसंबर को वापसी के लिए अपना पसंदीदा समय बताया था।

सितंबर में भी उन्होंने अपनी योजना पर कायम रहने की बात कही। उनके मुताबिक, वापसी का सवाल केवल तारीख का नहीं, बल्कि इस बात का है कि यह वापसी किस तरह और किन परिस्थितियों में होगी।


गिरफ्तारी और जेल की आशंका का जिक्र

शेख हसीना ने अपने बयानों में साफ किया है कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है और जेल भेजा जा सकता है। उन्होंने अपनी जान को लेकर भी आशंका जताई है।

जुलाई में दिए गए बयान में उन्होंने कहा था कि वापसी पर गिरफ्तारी या जान जाने का जोखिम होने के बावजूद वह लौटना चाहती हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक गतिविधियों और अवामी लीग के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की स्थिति को वापसी के फैसले से जोड़ा था।

अगस्त 2026 में उन्होंने कहा कि वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित होने के बजाय बांग्लादेश के भविष्य पर ध्यान देना चाहती हैं। हालांकि ये उनके अपने राजनीतिक बयान हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


शेख हसीना के सामने कानूनी स्थिति

हसीना की प्रस्तावित वापसी का सबसे अहम पहलू बांग्लादेश में उनकी कानूनी स्थिति है।

बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामले में दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया था। संयुक्त राष्ट्र ने फैसले को पीड़ितों के लिए महत्वपूर्ण क्षण बताया, लेकिन साथ ही अनुपस्थिति में चले मुकदमे और मृत्युदंड के कारण निष्पक्ष सुनवाई तथा उचित प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को रेखांकित किया।

इसलिए दिसंबर में उनकी वापसी होती है तो मामला सीधे कानूनी प्रक्रिया से जुड़ जाएगा। हसीना ने फैसले को स्वीकार नहीं किया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित तथा अन्यायपूर्ण बताया है। यह उनका पक्ष है, जबकि बांग्लादेशी अभियोजन और संबंधित संस्थानों ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों और फैसले का समर्थन किया है।


अवामी लीग पर भी बड़ा संकट

शेख हसीना की वापसी केवल व्यक्तिगत कानूनी मामले तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध उनकी पार्टी अवामी लीग की राजनीतिक स्थिति से भी है।

बांग्लादेश सरकार ने मई 2025 में अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था। बांग्लादेश के सरकारी गजट रिकॉर्ड में पार्टी के राजनीतिक दल के रूप में पंजीकरण को निलंबित किए जाने का दस्तावेज भी दर्ज है।

हसीना लगातार अवामी लीग की राजनीतिक भूमिका की बहाली की मांग करती रही हैं। उनके सार्वजनिक बयानों में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी प्रमुख रहा है।


2024 के सत्ता परिवर्तन के बाद से भारत में

शेख हसीना अगस्त 2024 में बड़े छात्र-जन आंदोलन के बाद बांग्लादेश से भारत आ गई थीं। इसके बाद से उनकी वापसी दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील कूटनीतिक और कानूनी मुद्दा बनी हुई है।

बांग्लादेश ने उनकी वापसी की मांग की है। भारत और बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण व्यवस्था मौजूद है। भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, किसी प्रत्यर्पण अनुरोध पर कानूनी प्रक्रिया और संबंधित संधि के प्रावधानों के तहत विचार किया जाता है।

इसका अर्थ यह है कि हसीना की दिसंबर में वापसी की घोषणा अपने आप में उनकी वास्तविक वापसी की पुष्टि नहीं है। वापसी की तारीख, यात्रा का तरीका और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर निर्भर करेगी।


हसीना का राजनीतिक संदेश

हसीना ने अपने बयानों में वापसी को राजनीतिक संघर्ष से भी जोड़ा है। उन्होंने कहा है कि वह बांग्लादेश लौटकर अपने समर्थकों और पार्टी के साथ राजनीतिक प्रक्रिया में भूमिका निभाना चाहती हैं।

उन्होंने यह भी कहा है कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि देश की राजनीतिक व्यवस्था और अपने समर्थकों के भविष्य को लेकर भूमिका निभाना है। यह उनके द्वारा व्यक्त किया गया राजनीतिक दृष्टिकोण है। दूसरी ओर, बांग्लादेश में उनके शासन और 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर गंभीर आरोप और कानूनी मामले मौजूद हैं।


दिसंबर क्यों अहम है

दिसंबर का चुनाव हसीना के लिए प्रतीकात्मक भी है। अगस्त 2026 के अपने संबोधन में उन्होंने दिसंबर को बांग्लादेश के विजय महीने से जोड़ते हुए इसी महीने लौटने की इच्छा जताई थी।

लेकिन राजनीतिक प्रतीकवाद से अलग जमीनी स्तर पर उनकी वापसी कई संस्थागत सवाल खड़े करेगी।

सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि बांग्लादेश की मौजूदा कानूनी व्यवस्था उनके लौटने के बाद किस तरह कार्रवाई करती है। दूसरा सवाल अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों और उसके नेताओं की स्थिति से जुड़ा है। तीसरा सवाल भारत-बांग्लादेश संबंधों पर इसके संभावित असर का है।


भारत के लिए भी संवेदनशील मामला

शेख हसीना लंबे समय से भारत में रह रही हैं। इसलिए उनका भविष्य भारत और बांग्लादेश के रिश्तों से भी जुड़ा हुआ है।

भारत की प्रत्यर्पण व्यवस्था में अनुरोध, दस्तावेज, संबंधित अपराध, अदालत की प्रक्रिया और संधि के प्रावधानों की जांच जैसे चरण शामिल होते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति की सार्वजनिक वापसी की घोषणा और किसी औपचारिक प्रत्यर्पण प्रक्रिया को एक ही चीज मानना उचित नहीं होगा।

दिसंबर तक इस मामले में नई कूटनीतिक गतिविधियां सामने आ सकती हैं। लेकिन अभी उपलब्ध बयानों के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि हसीना निश्चित रूप से किस तारीख को और किस प्रक्रिया के तहत बांग्लादेश पहुंचेंगी।


आगे क्या होगा

शेख हसीना ने दिसंबर 2026 को अपनी वापसी का लक्ष्य बताया है। उन्होंने गिरफ्तारी और जेल की संभावना को लेकर भी सार्वजनिक रूप से बात की है।

अब निगाहें 3 प्रमुख पहलुओं पर रहेंगी। पहला, क्या वह वास्तव में भारत से बांग्लादेश के लिए रवाना होती हैं। दूसरा, उनकी वापसी की स्थिति में बांग्लादेशी कानून और अदालतें किस प्रक्रिया को अपनाती हैं। तीसरा, अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सरकार और पार्टी के बीच टकराव किस दिशा में जाता है।

इन सवालों के जवाब दिसंबर के करीब आने पर ही अधिक स्पष्ट होंगे।


शेख हसीना का दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने का ऐलान फिलहाल एक घोषित राजनीतिक इरादा है, अंतिम यात्रा कार्यक्रम नहीं। उनकी वापसी की राह में कानूनी फैसला, मृत्युदंड, अवामी लीग की गतिविधियों पर प्रतिबंध और भारत-बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संबंधी प्रक्रिया जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं।

हसीना ने जोखिम के बावजूद लौटने की बात कही है। दूसरी ओर, बांग्लादेश की मौजूदा कानूनी और राजनीतिक स्थिति उनकी वापसी को सामान्य राजनीतिक वापसी से अलग बनाती है। दिसंबर में यदि वह वास्तव में बांग्लादेश लौटती हैं, तो यह देश की राजनीति और दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Wasi Siddiqui

Wasi Siddiqui

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

रूस से डीज़ल खरीदेगा अमेरिका, ट्रंप के फ़ैसले पर अपने ही देश में विरोध, ज़ेलेंस्की नाराज़

2026-10-10 11:35:12

ईरान पर 3 नवंबर तक हमला नहीं करेगा अमेरिका, ट्रंप का ऐलान, लेकिन सैन्य तनाव बरकरार

2026-10-09 11:52:08

क्यूबेक में अलगाववादी पार्टी की बड़ी जीत, क्यूबेक पार्टी की सत्ता में वापसी

2026-10-06 15:49:57

शेख हसीना प्रेस कॉन्फ्रेंस: बांग्लादेश सियासत में हलचल

2026-08-03 12:30:22

अमेरिकी सांसद इल्हान उमर के यहां छापेमारी की ख़बर, बोलीं, 'मेरी आवाज़ नहीं दबाई जा सकती'

2026-10-13 13:38:30

ब्रेकिंग बैड’ के अभिनेता आरजे मिट्टे के 34 साल की उम्र में निधन

2026-10-13 12:58:05

अमेरिकी चुनाव में एलन मस्क ने झोंके $276 मिलियन, रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी आर्थिक मदद

2026-10-13 12:03:03

भारतीय नागरिक की मौत, रियाद में सुरक्षा अलर्ट, शहज़ादे की हिफ़ाज़त बढ़ी

2026-10-13 11:39:50

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर