साढ़े 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, भर्ती में लेन-देन नहीं हुआ: CM योगी
Mohammad Naved
•
2026-09-28 12:04:22
यूपी में साढ़े 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, योगी ने भर्ती प्रक्रिया को बताया पारदर्शी
योगी का दावा, 9.5 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, अगले 6 महीने में 1 लाख और नियुक्तियां
सरकारी भर्ती पर CM योगी का बड़ा दावा, कहा, बिना भेदभाव और लेन-देन के हुई नियुक्तियां
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लखनऊ |
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28 सितंबर 2026
✍️ MOHD NAVED
9.5 लाख सरकारी नियुक्तियों का दावा
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा दावा किया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में पिछले 9 वर्षों के दौरान 9.5 लाख युवाओं को अलग-अलग सरकारी विभागों में नियुक्तियां दी गई हैं। उन्होंने इन भर्तियों को पारदर्शी प्रक्रिया से हुई नियुक्तियां बताया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि भर्ती प्रक्रिया में भेदभाव और लेन-देन की कोई गुंजाइश नहीं रही। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक और प्रशासनिक दावा है। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टिंग में 9.5 लाख का आंकड़ा सरकार की ओर से बताए गए कुल नियुक्तियों के रूप में सामने आता है। इस आंकड़े का स्वतंत्र ऑडिट या विभागवार समेकित विवरण इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं है।
818 अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र
19 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित लोकभवन में मिशन रोजगार के तहत 818 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए विभिन्न विभागों के पदों के लिए हुआ था। इनमें आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और दूसरे विभागों से जुड़े पद शामिल थे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती अभियान आगे भी जारी रहेगा। सरकार ने अगले 6 महीने में 1 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य भी सामने रखा है।
पुलिस और होमगार्ड भर्ती भी प्रक्रिया में
सरकार की ओर से अगले चरण की भर्तियों को लेकर भी आंकड़े बताए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस में 36,000 नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इनके लिखित परीक्षा चरण पूरे होने के बाद शारीरिक और मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया बताई गई है।
इसके अलावा होमगार्ड विभाग में 41,000 से 42,000 नियुक्तियों की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। इन आंकड़ों को सरकार ने आगामी रोजगार अभियान के हिस्से के तौर पर पेश किया है।
एक सप्ताह में 5,000 से ज्यादा नियुक्ति पत्र
22 सितंबर 2026 को लखनऊ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जाने की जानकारी भी सामने आई। इनमें प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक पद शामिल थे।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, उस समय यह भी बताया गया कि एक सप्ताह में कुल 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। इसी संदर्भ में 9.5 लाख सरकारी नियुक्तियों का आंकड़ा दोहराया गया।
पारदर्शिता को लेकर मुख्यमंत्री का दावा
योगी आदित्यनाथ ने भर्ती व्यवस्था की पारदर्शिता को अपने बयान का प्रमुख हिस्सा बनाया। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप और आर्थिक लेन-देन की गुंजाइश खत्म की गई है।
मुख्यमंत्री ने पिछले शासनकाल की भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और राजनीतिक हस्तक्षेप तथा अनियमितताओं के आरोप लगाए। इन आरोपों को मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
9.5 लाख के आंकड़े का मतलब क्या है?
सरकार जिस 9.5 लाख के आंकड़े का उल्लेख कर रही है, वह पिछले 9 वर्षों में विभिन्न सरकारी विभागों में हुई नियुक्तियों का कुल आंकड़ा बताया जा रहा है। इसमें अलग-अलग भर्ती संस्थाओं और विभागों से हुई नियुक्तियों को शामिल किए जाने की बात सामने आती है।
हालांकि, इस आंकड़े को समझने के लिए विभागवार भर्ती, पदों की प्रकृति, नियमित और अन्य नियुक्तियों का वर्गीकरण तथा नियुक्ति की तारीख जैसे विवरण महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध सार्वजनिक बयानों में इन सभी श्रेणियों का विस्तृत समेकित ब्रेकअप एक साथ उपलब्ध नहीं है।
इसलिए 9.5 लाख के आंकड़े को फिलहाल मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत रोजगार उपलब्धि के रूप में रिपोर्ट करना अधिक सटीक है।
अगले 6 महीने में 1 लाख से ज्यादा नियुक्तियों का लक्ष्य
सरकार ने अब अगले 6 महीने में 1 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा है। इसमें पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा और विभिन्न विभागों में प्रस्तावित नियुक्तियों को शामिल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति अभियान को आगे जारी रखने की बात कही है। इससे साफ है कि आने वाले महीनों में भर्ती परीक्षाओं, परिणामों, दस्तावेज सत्यापन और नियुक्ति पत्र वितरण पर निगाह रहेगी।
रोजगार के दावे के साथ बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सरकारी नौकरियों की मांग काफी व्यापक है। ऐसे में नियुक्तियों की संख्या के साथ भर्ती प्रक्रिया की गति, रिक्त पदों की संख्या, परीक्षा कैलेंडर, परिणाम जारी होने का समय और नियुक्ति के बाद ज्वाइनिंग भी अहम मुद्दे हैं।
सरकार के दावे के मुताबिक 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। दूसरी ओर, रोजगार के सवाल पर विपक्ष सरकार से खाली पदों और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं का हिसाब मांगता रहा है। इसलिए रोजगार की पूरी तस्वीर समझने के लिए नियुक्तियों के साथ रिक्त पदों और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं के आंकड़े भी देखना जरूरी होगा।
आगे क्या होगा?
सरकार के सामने अब 1 लाख से अधिक नई सरकारी नियुक्तियों के लक्ष्य को तय प्रक्रिया के तहत पूरा करने की चुनौती है। पुलिस और होमगार्ड भर्ती के अलावा शिक्षा तथा दूसरे विभागों की चयन प्रक्रियाओं के परिणाम आने की उम्मीद है।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता का वास्तविक आकलन परीक्षा संचालन, परिणाम, चयन सूची, दस्तावेज सत्यापन, नियुक्ति और शिकायत निवारण से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों में 9.5 लाख सरकारी नियुक्तियों का दावा किया है और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए लेन-देन से मुक्त होने की बात कही है। सरकार ने अगले 6 महीने में 1 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य भी रखा है।
अब इस दावे की सबसे अहम कसौटी आगामी भर्ती प्रक्रियाओं की समयबद्धता, चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियुक्तियों के आधिकारिक विभागवार आंकड़े होंगे। फिलहाल 9.5 लाख का आंकड़ा मुख्यमंत्री और राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ा है।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।