दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार उत्तर कोरिया ने वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागी। मिसाइल 700 km से अधिक उड़ान के बाद समुद्र में गिरी।
सियोल | 3 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
उत्तर कोरिया ने फिर दागी मिसाइल
कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने शनिवार सुबह समुद्र की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी। दक्षिण कोरिया के जॉइंट्स चीफ्स ऑफ स्टाफ यानी JCS ने कहा कि मिसाइल को वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर की दिशा में लॉन्च किया गया।
दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक लॉन्च करीब 6:30 बजे हुआ। मिसाइल ने 700 km से अधिक दूरी तय की और समुद्र में गिर गई। दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां लॉन्च के शुरुआती चरण से इसकी निगरानी कर रही थीं और अब मिसाइल की सटीक तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण किया जा रहा है।
मिसाइल का मॉडल अभी स्पष्ट नहीं
दक्षिण कोरियाई सेना ने अभी मिसाइल के सटीक मॉडल की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
JCS के मुताबिक मिसाइल की तकनीकी विशेषताओं का दक्षिण कोरिया और अमेरिका मिलकर विश्लेषण कर रहे हैं। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने संभावित रूप से इसे मध्यम दूरी या इंटरमीडिएट रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल से जोड़कर देखा है, लेकिन यह अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं है।
इसलिए फिलहाल इसे किसी विशेष मिसाइल सिस्टम का नाम देकर रिपोर्ट करना उचित नहीं होगा।
700 km से अधिक की उड़ान
दक्षिण कोरिया के अनुसार मिसाइल 700 km से अधिक उड़ान भरने के बाद समुद्र में गिरी।
जापान के रक्षा अधिकारियों के अनुसार प्रक्षेपण वॉनसान क्षेत्र से हुआ और मिसाइल जापान के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन के बाहर गिरी। उपलब्ध रिपोर्टों में किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
मिसाइल की पूरी उड़ान प्रोफाइल और तकनीकी क्षमता का आकलन अभी जारी है।
क्यों बढ़ा है तनाव?
यह लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव पहले से बढ़ा हुआ है।
21 सितंबर को डिमिलिटराइज्ड ज़ोन यानी DMZ में लैंडमाइन विस्फोट में 3 दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हुए थे। दक्षिण कोरिया ने इसके लिए उत्तर कोरिया की ओर से लगाए गए माइंस को जिम्मेदार बताया और प्योंगयांग से माफी की मांग की।
उत्तर कोरिया ने इस आरोप को खारिज किया है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया के आरोपों को गलत बताया और माफी की मांग को भी खारिज किया।
बातचीत की कोशिश के बीच मिसाइल लॉन्च
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यंग ने हाल में दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कम करने और बातचीत की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की थी।
दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने भी सीमा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत का प्रस्ताव रखा था।
लेकिन किम यो-जोंग ने इन प्रस्तावों को खारिज कर दिया। इसके बाद शनिवार को मिसाइल लॉन्च हुआ। घटनाक्रम के क्रम ने सियोल में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
सितंबर में भी हुआ था मिसाइल परीक्षण
उत्तर कोरिया ने इससे पहले 20 सितंबर को वॉनसान क्षेत्र से 2 शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें पूर्वी सागर की ओर दागी थीं।
3 अक्टूबर का लॉन्च उस घटना के 13 दिन बाद हुआ है।
दक्षिण कोरिया की सेना ने इस नए लॉन्च के बाद अतिरिक्त मिसाइल परीक्षणों की संभावना को देखते हुए निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच सूचना साझा
JCS ने कहा है कि दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं।
दक्षिण कोरियाई सेना ने संयुक्त रक्षा तैयारी बनाए रखने और उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने की बात कही है।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय ने भी लॉन्च के बाद आपात सुरक्षा बैठक बुलाई। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और सैन्य readiness की समीक्षा की गई।
क्या यह अमेरिका और दक्षिण कोरिया को संदेश है?
मिसाइल लॉन्च का राजनीतिक या रणनीतिक उद्देश्य अभी उत्तर कोरिया की ओर से आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
क्षेत्रीय विश्लेषण में इसे हालिया सीमा विवाद और बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों ने इसे दक्षिण कोरिया की बातचीत की कोशिश के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा है। यह विशेषज्ञ आकलन है, उत्तर कोरिया की आधिकारिक पुष्टि नहीं।
इसलिए लॉन्च की मंशा को निश्चित तथ्य के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी।
उत्तर कोरिया की मिसाइल गतिविधियां क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण का अहम हिस्सा हैं।
हर नए परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान अपनी निगरानी और सैन्य readiness की समीक्षा करते हैं। इससे कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य तनाव बढ़ सकता है और कूटनीतिक बातचीत की गुंजाइश प्रभावित हो सकती है।
इस बार भी लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब सीमा पर लैंडमाइन विस्फोट को लेकर दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
अभी किन बातों की पुष्टि बाकी है?
दक्षिण कोरिया की शुरुआती जानकारी के आधार पर लॉन्च की घटना और 700 km से अधिक की उड़ान की पुष्टि हुई है।
लेकिन मिसाइल का सटीक मॉडल, लॉन्च का अंतिम उद्देश्य और पूरी flight profile अभी विश्लेषण के दायरे में हैं।
दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी अधिकारी मिसाइल के trajectory और technical specifications का अध्ययन कर रहे हैं। इसलिए आगे आने वाली सैन्य जानकारी इस घटनाक्रम की तस्वीर को और स्पष्ट कर सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।