यूपी चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर बयानबाजी तेज है। एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस की 150 सीटों की दावेदारी पर सवाल उठाए और गठबंधन में बातचीत पर जोर दिया।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश
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03 अक्टूबर 2026
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Wasi Siddiqui
यूपी चुनाव से पहले सीट शेयरिंग पर सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच संभावित गठबंधन को लेकर सीट शेयरिंग का मुद्दा चर्चा में आ गया है। कांग्रेस की ओर से कम से कम 150 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की बात सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद एसपी सिंह पटेल ने इस दावेदारी पर सवाल उठाए हैं।
एसपी सिंह पटेल प्रतापगढ़ से समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हैं। निर्वाचन संबंधी आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका नाम शिव पाल सिंह पटेल के रूप में दर्ज है। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने प्रतापगढ़ सीट जीती थी।
कांग्रेस की ओर से 150 सीटों की दावेदारी
सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सितंबर में कहा था कि पार्टी गठबंधन के तहत 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस के पास राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उपलब्ध हैं और सीट शेयरिंग पर बातचीत अक्टूबर में पूरी होने की उम्मीद है।
गौतम ने कांग्रेस को गठबंधन में बराबर सम्मान और हिस्सेदारी मिलने की बात भी कही थी। उनके बयान के अनुसार पार्टी की तैयारी सभी 403 सीटों पर है, जबकि गठबंधन की स्थिति में सीटों की संख्या बातचीत से तय होगी।
एसपी सिंह पटेल ने क्या कहा
इसके जवाब में एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस की 150 सीटों की दावेदारी पर आपत्ति जताई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि 150 सीटों की मांग उचित नहीं है और कांग्रेस को अपनी चुनावी ताकत तथा संगठन की स्थिति के आधार पर सीटों पर दावा करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 50 सीटें मिलना भी कांग्रेस के लिए बड़ी बात होगी।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सीटों का अंतिम फार्मूला अभी तय नहीं हुआ है। इसलिए एसपी सिंह पटेल की टिप्पणी को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच आधिकारिक सीट शेयरिंग समझौते के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
2022 के विधानसभा चुनाव का संदर्भ
एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस के पिछले विधानसभा प्रदर्शन का भी हवाला दिया। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 403 में से लगभग सभी सीटों पर चुनाव लड़ा था और 2 सीटें जीती थीं। समाजवादी पार्टी ने 111 सीटों पर जीत दर्ज की थी। ये आंकड़े चुनावी रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
इसी चुनावी रिकॉर्ड को आधार बनाकर एसपी सिंह पटेल ने कांग्रेस की मौजूदा सीट दावेदारी पर सवाल उठाया है। हालांकि 2027 का चुनावी समीकरण 2022 के आंकड़ों से पूरी तरह तय नहीं होता। दोनों दलों के बीच गठबंधन की रणनीति, उम्मीदवार चयन और स्थानीय संगठन जैसे मुद्दे भी सीट बंटवारे में भूमिका निभाएंगे।
2024 लोकसभा चुनाव ने बदला राजनीतिक संदर्भ
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 6 सीटों पर जीत मिली थी। दोनों दलों ने राज्य में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था।
यही चुनावी प्रदर्शन अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों की बातचीत का एक अहम संदर्भ बन गया है। कांग्रेस अपनी लोकसभा कामयाबी के आधार पर अधिक हिस्सेदारी की बात कर रही है, जबकि सपा के भीतर से उसकी विधानसभा स्तर की संगठनात्मक और चुनावी ताकत पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव और राहुल गांधी को लेकर दावा
एसपी सिंह पटेल ने 2024 के लोकसभा चुनाव में रायबरेली सीट से राहुल गांधी की उम्मीदवारी को लेकर भी एक दावा किया है। उनके मुताबिक राहुल गांधी शुरुआत में रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर हिचक रहे थे और अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने नामांकन किया।
यह बयान एसपी सिंह पटेल का दावा है। इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टिंग में इस दावे को उनके बयान के तौर पर ही दर्ज किया गया है।
गठबंधन बना रहेगा या सीटों पर समझौता मुश्किल होगा
एसपी सिंह पटेल ने सीटों की संख्या पर आपत्ति के बावजूद सपा-कांग्रेस गठबंधन को बनाए रखने की जरूरत की बात कही है। दूसरी तरफ कांग्रेस नेतृत्व ने सीट शेयरिंग में सम्मानजनक हिस्सेदारी की मांग रखी है।
इससे संकेत मिलता है कि मौजूदा विवाद गठबंधन खत्म होने की आधिकारिक घोषणा नहीं है। फिलहाल मुख्य टकराव संभावित सीटों की संख्या और दोनों दलों की राजनीतिक ताकत के आकलन को लेकर है।
अक्टूबर में बातचीत पर नजर
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि सीट शेयरिंग पर बातचीत अक्टूबर में पूरी किए जाने की दिशा में काम हो रहा है। अंतिम समझौते के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों दल कितनी विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे।
इसलिए अभी 150, 50 या किसी अन्य संख्या को अंतिम सीट बंटवारा मानना जल्दबाजी होगी। मौजूदा बयानबाजी को गठबंधन के भीतर चल रही राजनीतिक बातचीत और दबाव की प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग आने वाले दिनों में बड़ा सियासी मुद्दा बनी रहेगी। कांग्रेस 150 से कम सीटों पर नहीं लड़ने की बात रख चुकी है, जबकि सपा सांसद एसपी सिंह पटेल ने इस दावेदारी को चुनौती दी है।
अंतिम तस्वीर दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत के बाद सामने आएगी। तब यह भी स्पष्ट होगा कि 2024 के लोकसभा चुनाव का गठबंधन मॉडल विधानसभा चुनाव में किस रूप में लागू होता है।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मतभेद अब सार्वजनिक बयानबाजी तक पहुंच गए हैं। कांग्रेस की ओर से 150 सीटों की दावेदारी और सपा सांसद एसपी सिंह पटेल की आपत्ति दोनों पक्षों की अलग-अलग रणनीतिक प्राथमिकताओं को सामने रखती है।
फिलहाल गठबंधन का अंतिम सीट फार्मूला तय नहीं हुआ है। इसलिए राजनीतिक दावों के बजाय अक्टूबर में होने वाली औपचारिक बातचीत और उसके बाद सामने आने वाले आधिकारिक फैसले पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।