सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 452 और निफ्टी 120 अंक फिसला। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भारी दबाव रहा।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने निराशाजनक शुरुआत की और दिनभर बिकवाली के दबाव में कामकाज करते हुए लाल निशान में बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 452.44 अंक टूटकर 83,606.46 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 120.75 अंक गिरकर 25,517.05 पर क्लोज हुआ। यह गिरावट घरेलू व वैश्विक संकेतों के चलते बाजार में फैली अस्थिरता का परिणाम रही।
सोमवार को बाजार ने शुरुआत तो पॉजिटिव करने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स जहां 84,027.33 पर खुला था और कुछ ही समय में 84,099.53 तक चढ़ा, वहीं उसके बाद वह गिरता हुआ 84,482.13 के निचले स्तर तक जा पहुंचा। इसी तरह, निफ्टी ने भी 25,661.65 से शुरुआत की लेकिन दिनभर की गिरावट में यह 25,473.30 तक फिसल गया।
इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण रहे:
शेयर बाजार की गिरावट में बैंकिंग शेयरों का सबसे बड़ा योगदान रहा। Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Bank जैसे बड़े शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। इसके अलावा, ऑटो सेक्टर भी बिकवाली की चपेट में आ गया, जहां Maruti Suzuki, Hero MotoCorp जैसे शेयरों में कमजोरी आई।
सबसे ज्यादा टूटे टॉप शेयर (लार्जकैप):
मिडकैप में गिरावट:
स्मॉलकैप में बड़ी गिरावट:
जहां अधिकांश शेयरों ने गिरावट दर्ज की, वहीं कुछ शेयर ऐसे भी रहे जिनमें अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने चुनिंदा सेक्टर्स जैसे फार्मा, एनर्जी और सरकारी बैंकों में दांव लगाया।
लार्जकैप में तेजी:
मिडकैप में मजबूती:
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| सेंसेक्स ओपन | 84,027.33 |
| सेंसेक्स क्लोज | 83,606.46 |
| निफ्टी ओपन | 25,661.65 |
| निफ्टी क्लोज | 25,517.05 |
| लाल निशान पर बंद कंपनियां | 1,674 |
| हरे निशान पर बंद कंपनियां | 2,288 |
| अपरिवर्तित शेयर | 160 |
बाजार की मौजूदा अस्थिरता यह संकेत दे रही है कि अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रमुख बैंकों और ऑटो कंपनियों में गिरावट आगे और मुनाफावसूली का संकेत हो सकती है। यह समय डीआईपी पर खरीदारी और सेक्टर रोटेशन की रणनीति अपनाने का है।
विशेषज्ञों की सलाह:
निवेश से पहले अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और किसी भी निर्णय से पहले प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
शेयर बाजार की सोमवार की गिरावट यह दर्शाती है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और घरेलू स्तर पर सेक्टोरल परफॉर्मेंस का प्रभाव निवेशकों की भावनाओं पर पड़ता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता के साथ पोजिशन बनानी चाहिए और लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए।
सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 452 और निफ्टी 120 अंक फिसला। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भारी दबाव रहा।
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने निराशाजनक शुरुआत की और दिनभर बिकवाली के दबाव में कामकाज करते हुए लाल निशान में बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 452.44 अंक टूटकर 83,606.46 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 120.75 अंक गिरकर 25,517.05 पर क्लोज हुआ। यह गिरावट घरेलू व वैश्विक संकेतों के चलते बाजार में फैली अस्थिरता का परिणाम रही।
सोमवार को बाजार ने शुरुआत तो पॉजिटिव करने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स जहां 84,027.33 पर खुला था और कुछ ही समय में 84,099.53 तक चढ़ा, वहीं उसके बाद वह गिरता हुआ 84,482.13 के निचले स्तर तक जा पहुंचा। इसी तरह, निफ्टी ने भी 25,661.65 से शुरुआत की लेकिन दिनभर की गिरावट में यह 25,473.30 तक फिसल गया।
इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण रहे:
शेयर बाजार की गिरावट में बैंकिंग शेयरों का सबसे बड़ा योगदान रहा। Axis Bank, ICICI Bank, Kotak Bank जैसे बड़े शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। इसके अलावा, ऑटो सेक्टर भी बिकवाली की चपेट में आ गया, जहां Maruti Suzuki, Hero MotoCorp जैसे शेयरों में कमजोरी आई।
सबसे ज्यादा टूटे टॉप शेयर (लार्जकैप):
मिडकैप में गिरावट:
स्मॉलकैप में बड़ी गिरावट:
जहां अधिकांश शेयरों ने गिरावट दर्ज की, वहीं कुछ शेयर ऐसे भी रहे जिनमें अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निवेशकों ने चुनिंदा सेक्टर्स जैसे फार्मा, एनर्जी और सरकारी बैंकों में दांव लगाया।
लार्जकैप में तेजी:
मिडकैप में मजबूती:
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| सेंसेक्स ओपन | 84,027.33 |
| सेंसेक्स क्लोज | 83,606.46 |
| निफ्टी ओपन | 25,661.65 |
| निफ्टी क्लोज | 25,517.05 |
| लाल निशान पर बंद कंपनियां | 1,674 |
| हरे निशान पर बंद कंपनियां | 2,288 |
| अपरिवर्तित शेयर | 160 |
बाजार की मौजूदा अस्थिरता यह संकेत दे रही है कि अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रमुख बैंकों और ऑटो कंपनियों में गिरावट आगे और मुनाफावसूली का संकेत हो सकती है। यह समय डीआईपी पर खरीदारी और सेक्टर रोटेशन की रणनीति अपनाने का है।
विशेषज्ञों की सलाह:
निवेश से पहले अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें और किसी भी निर्णय से पहले प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
शेयर बाजार की सोमवार की गिरावट यह दर्शाती है कि वैश्विक आर्थिक संकेतों और घरेलू स्तर पर सेक्टोरल परफॉर्मेंस का प्रभाव निवेशकों की भावनाओं पर पड़ता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्कता के साथ पोजिशन बनानी चाहिए और लॉन्ग टर्म दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।