दून विश्वविद्यालय के अलकनंदा छात्रावास के मेस में भोजन में कीड़ा मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की जांच की मांग रखी।
देहरादून, उत्तराखंड | 28 सितंबर 2026
By Mohd Haris
देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय में हॉस्टल मेस के भोजन को लेकर सोमवार रात छात्रों का विरोध प्रदर्शन सामने आया। अलकनंदा छात्रावास में परोसे गए भोजन में कीड़ा मिलने के बाद छात्र-छात्राओं ने मेस की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर नाराज़गी जताई।
मामला बढ़ने के बाद छात्र देर रात कुलपति आवास के बाहर पहुंच गए। छात्रों ने मेस व्यवस्था में सुधार, भोजन की गुणवत्ता की जांच और साफ-सफाई की नियमित निगरानी की मांग रखी।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं। उनके मुताबिक, शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
सोमवार रात भोजन में कीड़ा मिलने की घटना के बाद छात्रों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुलपति आवास की ओर पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
कुछ स्थानीय रिपोर्टों में अलकनंदा छात्रावास के भोजन में कीड़ों के अलावा अन्य संदिग्ध चीजें मिलने के दावे भी किए गए हैं।
छात्रों के कुलपति आवास पहुंचने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय हुआ। पुलिस और चीफ प्रॉक्टर भी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की।
कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने बताया कि उन्होंने सोमवार सुबह बॉयज हॉस्टल का निरीक्षण किया था। व्यस्तता के कारण वह गर्ल्स हॉस्टल का निरीक्षण नहीं कर सकीं। उन्होंने यह भी कहा कि मेस को लेकर पहले शिकायतें प्राप्त हुई थीं और संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को समस्या के समाधान के निर्देश दिए गए थे।
कुलपति के मुताबिक, शिकायत की जांच की जाएगी। यदि छात्रों की शिकायत सही पाई जाती है तो मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब छात्र हॉस्टल भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए मेस भोजन रोजमर्रा की बुनियादी सुविधा का हिस्सा है। ऐसे में भोजन में किसी बाहरी वस्तु या कीड़े के मिलने की शिकायत सीधे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ती है।
दून विश्वविद्यालय की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय पूरी तरह आवासीय व्यवस्था वाला संस्थान है और छात्रों के लिए अलग-अलग बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल उपलब्ध हैं
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर हॉस्टल और मेस से संबंधित नियम तथा हॉस्टल शिकायत के लिए अधिकारियों की जानकारी भी दी गई है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय मेस में छात्रों को 2200 रुपये में 3 वक्त का भोजन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि छात्र नियमित रूप से मेस सेवा के लिए शुल्क देते हैं और भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत होने पर प्रशासन से निगरानी और जवाबदेही की अपेक्षा रखते हैं।
दून विश्वविद्यालय के हॉस्टल भोजन से जुड़ी शिकायतें नई नहीं हैं। उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड में भी हॉस्टल मेस में कीड़े और स्वच्छता से संबंधित शिकायतों का उल्लेख मिलता है। हालांकि पुराने मामलों और मौजूदा घटना को एक ही घटनाक्रम मानना उचित नहीं होगा।
मौजूदा मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सोमवार की घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच कितनी विस्तृत होती है और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
छात्रों ने मेस के भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने साफ-सफाई पर ध्यान देने और भोजन व्यवस्था की नियमित निगरानी की मांग रखी।
प्रदर्शन का केंद्र किसी राजनीतिक मुद्दे के बजाय हॉस्टल में उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर छात्रों की शिकायत रही। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि 29 सितंबर
को होने वाले छात्र परिषद चुनावों के बीच कुछ छात्र इस मुद्दे को राजनीतिक रूप भी दे रहे हैं। यह प्रशासन का पक्ष है और इसे छात्रों की शिकायत की पुष्टि या खंडन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्थापित है कि भोजन में कीड़ा मिलने की शिकायत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन ने मामले में जांच तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भोजन की गुणवत्ता में वास्तविक कमी कितनी थी, घटना की वजह क्या थी और मेस संचालन में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
दून विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अब छात्रों की शिकायतों की जांच के साथ-साथ मेस की स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की चुनौती है।
छात्रों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ भोजन की व्यवस्था हॉस्टल प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारियों में आती है। मौजूदा विवाद का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित रहने के बजाय जांच के निष्कर्ष और उसके आधार पर उठाए गए कदमों से स्पष्ट होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।