रिपोर्ट नदीम सिद्दीकी
मुजफ्फरनगर। काफी लंबे अरसे बाद जनपद में चीनी उत्पादन (sugar production) मौसम की मार के चलते प्रभावित हुआ है। बीते वर्षों में किस जहां चीनी मिलों से पर्चियां की डिमांड करते थे, वहीं अब जनपद की आठ शुगर मिलों में से सात नो कैन की स्थिति में आ गई है।
चीनी मिलों (Sugar mills) द्वारा अब गांव-गांव अपनी गाड़ियां घूमवाकर कर किसानों से गन्ना देने की डिमांड की जा रही है। इसकी एक मुख्य वजह कोल्हुओ में अधिक दाम मिलना और मौसम से गन्ने की फसल प्रभावित होना बताया जा रहा है। पूर्व की भांति इस बार गन्ने की पैदावार कमजोर बताई जा रही है जिस कारण गन्ना कम मिलने से चीनी मिल पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो रही है।
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केंद्रो से भी गन्ना आपूर्ति कम है जिससे चीनी उत्पादन प्रभावित हुआ है। हर साल किसने की शिकायत रहती थी कि शुगर मिलों की ओर से पर्याप्त इंडेंट जारी नहीं किया जा रहा जिससे किसानों को कोल्हूओं में गन्ना डालने को मजबूर होना पड़ता था। इस बार स्थिति कुछ ऐसी है कि गन्ने के दाम 425 रुपए प्रति कुंतल होने के बाद भी मिलो को पर्याप्त गन्ना नहीं मिल रहा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।