नई दिल्ली,(Shah Times) । भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स बुधवार अपने एक सहकर्मी के साथ तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए रवाना हुईं। इसके साथ ही दोनों ने बोइंग कंपनी के स्टारलाइनर यान से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जाने वाले पहले सदस्य बनकर इतिहास रच दिया। विलियम्स और बुच विल्मोर को लेकर बोइंग का ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन' कई बार के विलंब के बाद फ्लोरिडा के ‘केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन' से रवाना हुआ।
वे अंतरिक्ष में घूमती प्रयोगशाला में एक सप्ताह से अधिक समय बिताएंगे और इसके बाद 14 जून को वापसी के लिए पश्चिमी अमेरिका के एक रेगिस्तान में उतरने के लिए स्टारलाइनर यान में फिर से सवार होंगे।

आपको बता दें कि इससे पहले कई तकनीकी दिक्कतों के कारण उड़ान भरने से कुछ ही मिनट पहले लॉन्च को दो बार रोकना पड़ा था। विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में उड़ान का प्रयास कर रहे थे।
अब, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी असफलताओं के बावजूद सुरक्षित उड़ान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। एक जून, 2024 को निर्धारित उड़ान भरने से चार मिनट पहले इसे रद्द कर दिया गया था। क्योंकि ग्राउंड कंप्यूटर में से एक ने रॉकेट में एक तकनीकी समस्या का संकेत दिया था।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।