शुक्रवार, 10 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

Delhi-NCR में बढ़ते प्रदूषण और टोल जाम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

None 2025-12-17 20:41:34
Delhi-NCR में बढ़ते प्रदूषण और टोल जाम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर टोल जाम और प्रदूषण पर सुझाव दिए

सुप्रीम कोर्ट ने एमसीडी और एनएचएआई से मांगा टोल पर फैसला

 सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और टोल प्लाजा पर जाम को लेकर सुनवाई की.
अदालत ने एमसीडी और एनएचएआई से नौ टोल बूथ शिफ्ट करने पर विचार करने को कहा.

📍नई दिल्ली✍️ Asif Khan

टोल जाम और प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान राजधानी में प्रवेश करने वाले टोल प्लाजाओं पर यातायात जाम को गंभीर मुद्दा बताया. अदालत ने दिल्ली नगर निगम और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कहा कि वे नौ टोल कलेक्शन बूथों को शिफ्ट करने की संभावना पर विचार करें. कोर्ट ने यह भी कहा कि टोल कलेक्शन को एनएचएआई के नियंत्रित क्षेत्र में ले जाने से जाम की समस्या कम हो सकती है.

टोल बूथ शिफ्ट करने का सुझाव

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह स्पष्ट किया कि मौजूदा टोल प्लाजाओं पर वाहनों की लंबी कतारें प्रदूषण को बढ़ा रही हैं. कोर्ट ने सुझाव दिया कि इन टोल बूथों को ऐसे स्थान पर शिफ्ट किया जाए जहां यातायात प्रवाह बाधित न हो. अदालत ने यह भी कहा कि टोल कलेक्शन की व्यवस्था एमसीडी और एनएचएआई के बीच साझा की जा सकती है ताकि प्रशासनिक अड़चनें न आएं.

एजेंसियों को नोटिस

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग और एमसीडी को नोटिस जारी किया है. नोटिस में अदालत ने उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें टोल प्लाजाओं पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को प्रदूषण के स्रोत के रूप में बताया गया है. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता पर असर डालने वाले हर कारण की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.

एक हफ्ते में फैसला लेने के निर्देश

अदालत ने बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए कहा कि टोल बूथ शिफ्ट करने पर एक हफ्ते के भीतर निर्णय लिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने एनएचएआई से यह भी कहा कि वह विकल्प के तौर पर टोल वसूल कर एमसीडी को उसका हिस्सा देने की व्यवस्था पर विचार करे. कोर्ट के अनुसार, इससे सड़क पर वाहनों की अनावश्यक भीड़ कम हो सकती है.

दिल्ली-गुरुग्राम टोल प्लाजा का मामला

सुनवाई के दौरान कोर्ट को दिल्ली-गुरुग्राम एमसीडी टोल प्लाजा की स्थिति के बारे में बताया गया. अदालत को जानकारी दी गई कि इस टोल प्लाजा पर घंटों लंबा जाम लगता है, जिससे वाहनों से निकलने वाला धुआं आसपास के इलाकों में प्रदूषण बढ़ाता है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की समस्याएं हर साल सर्दियों में दोहराई जाती हैं और स्थायी समाधान की जरूरत है.

चीफ जस्टिस की टिप्पणी

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान सवाल किया कि फिजिकली टोल वसूली की जरूरत क्यों है. उन्होंने कहा कि अगर स्थिति अगले साल भी ऐसी ही रहने वाली है तो अभी से ठोस कदम उठाने होंगे. कोर्ट ने एजेंसियों से पूछा कि टोल प्लाजा पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से बचने के लिए वे क्या योजना बना रहे हैं. चीफ जस्टिस ने यह भी पूछा कि क्या अस्थायी तौर पर दो महीने के लिए टोल बूथ बंद करना संभव है.

प्रदूषण से जुड़े अन्य कदम

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अन्य प्रशासनिक कदम भी सामने आए हैं. इससे पहले दिल्ली सरकार ने GRAP-3 के दौरान कई सख्त उपाय लागू किए थे. इन उपायों का उद्देश्य वाहनों की संख्या कम करना और निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण को रोकना है.

वर्क फ्रॉम होम और मुआवजा

दिल्ली कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की कि गुरुवार से दिल्ली के सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा. यह फैसला प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए लिया गया है. वहीं, श्रम विभाग ने कहा है कि GRAP-3 के दौरान 16 दिन तक निर्माण कार्य बंद रहने से प्रभावित रजिस्टर्ड मजदूरों को दिल्ली सरकार सीधे उनके खाते में 10,000 रुपये का मुआवजा देगी.

आगे की प्रक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित एजेंसियों से अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब पेश करने को कहा है. अदालत ने स्पष्ट किया कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से जुड़े हर मुद्दे पर समन्वित कार्रवाई जरूरी है. कोर्ट का कहना है कि ट्रैफिक जाम, टोल व्यवस्था और वायु गुणवत्ता आपस में जुड़े हुए हैं और इनके समाधान के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा.

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर