मुज़फ्फरनगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोप में AE अखंड प्रताप सिंह को चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कार्यमुक्त किया। 41 सभासदों की शिकायत और जांच के बाद यह सख्त कार्रवाई हुई।
मुज़फ्फरनगर,(Shah Times) । नगरपालिका परिषद में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को बड़ी सफलता मिली है। निर्माण विभाग के सहायक अभियंता (AE) अखंड प्रताप सिंह को आखिरकार चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने पद से कार्यमुक्त कर दिया है। यह निर्णय पालिका के 41 सभासदों द्वारा बोर्ड मीटिंग में उठाई गई आवाज़ और जांच में दोष सिद्ध होने के बाद लिया गया।
करीब दस महीने पूर्व शासन द्वारा AE अखंड प्रताप सिंह का तबादला नगर निगम अलीगढ़ कर दिया गया था, लेकिन विकास कार्यों के चलते उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया था। अब बोर्ड मीटिंग में प्राप्त शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर चेयरपर्सन ने सख्त कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है।
7 मार्च को आयोजित पालिका की विशेष बजट बोर्ड बैठक में सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, सीमा जैन, मोहम्मद खालिद, नौशाद खान समेत 41 सभासदों ने AE अखंड प्रताप पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि 10, 15 और 18 फरवरी को जारी निर्माण कार्यों की निविदाओं में नियमों की अनदेखी कर अपने पसंदीदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया। जांच में ये आरोप सही पाए गए।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने मंगलवार सुबह इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा, "पालिका में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पहले दिन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद यह कार्यवाही जरूरी थी।"
AE अखंड प्रताप सिंह को अलीगढ़ नगर निगम में योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, निर्माण विभाग का कार्यवाहक पदभार अवर अभियंता कपिल कुमार को सौंपा गया है, जिससे पालिका के निर्माण कार्यों में कोई व्यवधान न हो।
सभा सदस्यों ने इस कार्यवाही का स्वागत करते हुए चेयरपर्सन का आभार व्यक्त किया। सभासद राजीव शर्मा और मनोज वर्मा ने कहा, "हम मीनाक्षी स्वरूप जी के आभारी हैं जिन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कदम उठाया है। पूरा बोर्ड एकजुट होकर नियमों के पालन के लिए प्रतिबद्ध है।"
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।