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वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का मक़सद वक्फ जायदादो को नाजायज कब्जे से आजाद,गरीब मुसलमानों को इंसाफ  

None • 2024-08-08 09:17:53
वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का मक़सद वक्फ जायदादो को नाजायज कब्जे से आजाद,गरीब मुसलमानों को इंसाफ  
वक्फ बोर्ड कानून संशोधन विधेयक  का मक़सद वक्फ संपत्तियों को नाजायज कब्जे से आजाद कराना है, साथ ही गरीब मुसलमानों और मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाना है।

नई दिल्ली, ( Shah Times ) । अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू  आज गुरुवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेंगे। कई सांसदों ने पहले ही इस विधेयक का विरोध दर्ज करा दिया है,वहीं, इस वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन के लिए विधेयक को आज भी लोकसभा में  विपक्ष और मुस्लिम सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। 

वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन विधेयक का मक़सद एक केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की पद्धति को सुव्यवस्थित करना है। यह बिल 18 फरवरी 2014 को राज्यसभा में पेश किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता इस कानून को लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित कराना है और वह इसे आगे की चर्चा के लिए संयुक्त समिति को भेजने के लिए भी तैयार है। 

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने पिछले दो महीनों में इस विधेयक पर करीब 70 समूहों से सलाह ली है। इस विधेयक का मक़सद वक्फ जायदादो को नाजायज कब्जे से आजाद कराना है, साथ ही गरीब मुसलमानों और मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाना है।

विधेयक में प्रस्ताव है कि जिला कलेक्टर यह तय करेगा कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या सरकारी जमीन। इसमें बोहरा और आगाखानियों के लिए एक अलग औकाफ बोर्ड बनाने का भी प्रस्ताव है। मसौदा कानून में मुस्लिम समुदायों में शिया, सुन्नी, बोहरा, आगाखानियों और अन्य पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का प्रावधान है।

वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कड़ी आलोचना की है। उसने कहा है कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसने विपक्ष से आग्रह किया है कि वह संसद में ऐसे संशोधनों को पारित न होने दे।

देश में 30 वक्फ बोर्ड हैं जो आठ लाख एकड़ से ज़्यादा की संपत्तियों पर नियंत्रण रखते हैं। यह उन्हें रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद रियल एस्टेट का तीसरा सबसे बड़ा मालिक बनाता है। विधेयक में केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड के गठन का प्रस्ताव है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व होगा। साथ ही, प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, वक्फ संपत्तियों से होने वाली सारी आय दान पर खर्च करनी होगी।

वक्फ बोर्ड कानून संशोधन विधेयक  का मक़सद वक्फ संपत्तियों को नाजायज कब्जे से आजाद कराना है, साथ ही गरीब मुसलमानों और मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाना है।

नई दिल्ली, ( Shah Times ) । अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू  आज गुरुवार को लोकसभा में वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेंगे। कई सांसदों ने पहले ही इस विधेयक का विरोध दर्ज करा दिया है,वहीं, इस वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन के लिए विधेयक को आज भी लोकसभा में  विपक्ष और मुस्लिम सांसदों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। 

वक्फ बोर्ड कानून में संशोधन विधेयक का मक़सद एक केंद्रीय पोर्टल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की पद्धति को सुव्यवस्थित करना है। यह बिल 18 फरवरी 2014 को राज्यसभा में पेश किया गया था।

सूत्रों ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता इस कानून को लोकसभा में सर्वसम्मति से पारित कराना है और वह इसे आगे की चर्चा के लिए संयुक्त समिति को भेजने के लिए भी तैयार है। 

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने पिछले दो महीनों में इस विधेयक पर करीब 70 समूहों से सलाह ली है। इस विधेयक का मक़सद वक्फ जायदादो को नाजायज कब्जे से आजाद कराना है, साथ ही गरीब मुसलमानों और मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ दिलाना है।

विधेयक में प्रस्ताव है कि जिला कलेक्टर यह तय करेगा कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या सरकारी जमीन। इसमें बोहरा और आगाखानियों के लिए एक अलग औकाफ बोर्ड बनाने का भी प्रस्ताव है। मसौदा कानून में मुस्लिम समुदायों में शिया, सुन्नी, बोहरा, आगाखानियों और अन्य पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का प्रावधान है।

वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक की ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने कड़ी आलोचना की है। उसने कहा है कि वक्फ बोर्ड की कानूनी स्थिति और शक्तियों में किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसने विपक्ष से आग्रह किया है कि वह संसद में ऐसे संशोधनों को पारित न होने दे।

देश में 30 वक्फ बोर्ड हैं जो आठ लाख एकड़ से ज़्यादा की संपत्तियों पर नियंत्रण रखते हैं। यह उन्हें रेलवे और रक्षा मंत्रालय के बाद रियल एस्टेट का तीसरा सबसे बड़ा मालिक बनाता है। विधेयक में केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड के गठन का प्रस्ताव है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व होगा। साथ ही, प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, वक्फ संपत्तियों से होने वाली सारी आय दान पर खर्च करनी होगी।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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