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2024 लोकसभा चुनाव के बाद ही जनगणना होगी

None • 2023-05-29 05:06:55
2024 लोकसभा चुनाव के बाद ही जनगणना होगी


पहली डिजिटल जनगणना कराई जाएगी इस बार, 31 सवालों में लोगों से यह भी पूछा जाएगा कौन सा अनाज खाते हैं!
शाह टाइम्स ब्यूरो

नई दिल्ली। 2021 की जनगणना अब लोकसभा चुनाव (Lok Sabha election census ) के बाद ही होगी। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने अभी तक जनगणना के नए कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। 2024 के लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने हैं। उससे पहले कर्मचारियों को वोटर लिस्ट अपडेट करनी है। ऐसे में जनगणना का काम शुरू होना संभव नहीं है। अब जब भी जनगणना होगी, वह डिजिटली की जाएगी। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें लोगों से 31 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणना का काम कोरोना महामारी के कारण पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। जनगणना का हाउस लिस्टिंग फेज और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ;एनपीआरद्ध अपडेट करने का काम 1 अप्रैल से 30 सितम्बर 2020 तक पूरा होना था, जो लाकडाउन के कारण नहीं हुआ। अध्किारियों ने कहा कि जनवरी 2023 में भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त ने प्रशासनिक सीमाओं को स्थिर करने की तारीख, नए जिलों या उप-जिलों को बनाने की लास्ट डेट 30 जून तक बढ़ा दी गई है।

नियमों के अनुसार जनगणना जिला, तहसील, ब्लाॅक और पुलिस स्टेशन की सीमाओं को फ्रीज करने के तीन महीने यानी 30 सितंबर के बाद बाद ही हो सकती है। देश के उन 30 लाख सरकारी कर्मचारियों/शिक्षकों को ट्रेनिंग देने में भी 2-3 महीने लगेंगे, जो जनगणना करने घर-घर जाते हैं। इस बीच चुनाव आयोग भी अगले आम चुनावों के लिए मतदाता सूचियों जांच का काम शुरू कर देगा। चूंकि प्राथमिकता बदल जाएगी, इसलिए संभावना है कि जनगणना लोकसभा चुनाव के बाद ही होगी। यह कवायद जब भी होगी पहली डिजिटल जनगणना होगी। यानी इसमें लोगों को अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिलेगा। एनपीआर उन लोगों के लिए जरूरी किया गया है जो सरकारी कर्मचारियों के बजाय खुद जनगणना पफार्म भरना चाहते हैं। इसके लिए लोगों को अपना आधर और मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा। हालांकि इसके लिए जनगणना प्राध्किरण ने सेल्पफ-इन्यूमेरेशन पोर्टल अभी तक लान्च नहीं किया है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय के अनुसार इस बार की जनगणना में 31 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में पूछा जाएगा कि परिवार के पास टेलीपफोन लाइन है या नहीं, इंटरनेट कनेक्शन है या नहीं, मोबाइल या स्मार्टपफोन है या नहीं, वाहन कौन सा है, साइकिल, स्कूटर, बाइक, मोपेड, कार, जीप या वैन। साथ ही मकान के पफर्श, दीवार और छत की प्रमुख सामग्री, उसकी स्थिति, घर में रहने वालों की कुल संख्या के अलावा यह भी पूछा जाएगा कि क्या परिवार की मुखिया महिला है, मुखिया अनुसूचित जाति का है या नहीं, इसके बारे में भी पूछा जाएगा। घर में कितने कमरे हैं और वहां रहने वाले मैरिड कपल की संख्या के बारे में भी सवाल होंगे।

The census will be held only after the 2024 Lok Sabha elections.


पहली डिजिटल जनगणना कराई जाएगी इस बार, 31 सवालों में लोगों से यह भी पूछा जाएगा कौन सा अनाज खाते हैं!
शाह टाइम्स ब्यूरो

नई दिल्ली। 2021 की जनगणना अब लोकसभा चुनाव (Lok Sabha election census ) के बाद ही होगी। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने अभी तक जनगणना के नए कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। 2024 के लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में होने हैं। उससे पहले कर्मचारियों को वोटर लिस्ट अपडेट करनी है। ऐसे में जनगणना का काम शुरू होना संभव नहीं है। अब जब भी जनगणना होगी, वह डिजिटली की जाएगी। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। इसमें लोगों से 31 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणना का काम कोरोना महामारी के कारण पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। जनगणना का हाउस लिस्टिंग फेज और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ;एनपीआरद्ध अपडेट करने का काम 1 अप्रैल से 30 सितम्बर 2020 तक पूरा होना था, जो लाकडाउन के कारण नहीं हुआ। अध्किारियों ने कहा कि जनवरी 2023 में भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त ने प्रशासनिक सीमाओं को स्थिर करने की तारीख, नए जिलों या उप-जिलों को बनाने की लास्ट डेट 30 जून तक बढ़ा दी गई है।

नियमों के अनुसार जनगणना जिला, तहसील, ब्लाॅक और पुलिस स्टेशन की सीमाओं को फ्रीज करने के तीन महीने यानी 30 सितंबर के बाद बाद ही हो सकती है। देश के उन 30 लाख सरकारी कर्मचारियों/शिक्षकों को ट्रेनिंग देने में भी 2-3 महीने लगेंगे, जो जनगणना करने घर-घर जाते हैं। इस बीच चुनाव आयोग भी अगले आम चुनावों के लिए मतदाता सूचियों जांच का काम शुरू कर देगा। चूंकि प्राथमिकता बदल जाएगी, इसलिए संभावना है कि जनगणना लोकसभा चुनाव के बाद ही होगी। यह कवायद जब भी होगी पहली डिजिटल जनगणना होगी। यानी इसमें लोगों को अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिलेगा। एनपीआर उन लोगों के लिए जरूरी किया गया है जो सरकारी कर्मचारियों के बजाय खुद जनगणना पफार्म भरना चाहते हैं। इसके लिए लोगों को अपना आधर और मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा। हालांकि इसके लिए जनगणना प्राध्किरण ने सेल्पफ-इन्यूमेरेशन पोर्टल अभी तक लान्च नहीं किया है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय के अनुसार इस बार की जनगणना में 31 सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में पूछा जाएगा कि परिवार के पास टेलीपफोन लाइन है या नहीं, इंटरनेट कनेक्शन है या नहीं, मोबाइल या स्मार्टपफोन है या नहीं, वाहन कौन सा है, साइकिल, स्कूटर, बाइक, मोपेड, कार, जीप या वैन। साथ ही मकान के पफर्श, दीवार और छत की प्रमुख सामग्री, उसकी स्थिति, घर में रहने वालों की कुल संख्या के अलावा यह भी पूछा जाएगा कि क्या परिवार की मुखिया महिला है, मुखिया अनुसूचित जाति का है या नहीं, इसके बारे में भी पूछा जाएगा। घर में कितने कमरे हैं और वहां रहने वाले मैरिड कपल की संख्या के बारे में भी सवाल होंगे।

The census will be held only after the 2024 Lok Sabha elections.

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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