जेपी पावर के शेयरों में अडाणी डील की खबर और 814 करोड़ रुपये के मुनाफे के चलते 5% की तेजी। जानिए शेयर में उछाल के पीछे की पूरी कहानी और निवेशकों की क्या होनी चाहिए रणनीति
नई दिल्ली:
भारतीय स्टॉक मार्केट में एक बार फिर से एक पावर स्टॉक चर्चा में है – और वह है जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JP Power)। शुक्रवार, 11 जुलाई 2025 को कंपनी के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जब बीएसई पर इसका स्टॉक 5% चढ़कर ₹24.86 तक जा पहुंचा। यह कंपनी का 52 सप्ताह का नया उच्चतम स्तर है।
इस तेजी की दो प्रमुख वजहें हैं:
1️⃣ अडाणी ग्रुप द्वारा जेपी एसोसिएट्स को खरीदने की संभावित डील
2️⃣ वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शानदार ₹814 करोड़ का मुनाफा
जेपी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स इस समय इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस से गुजर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रेस में अडाणी समूह सबसे आगे है। अडाणी के अलावा वेदांता, जेएसपीएल, डालमिया भारत, सुरक्षा ग्रुप और पीएनसी इंफ्राटेक जैसे दिग्गज प्लेयर्स ने भी बोली लगाई है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अधिग्रहण अडाणी ग्रुप के पक्ष में होता है तो जेपी पावर को इससे वित्तीय और स्ट्रैटेजिक दोनों स्तर पर बड़ा फायदा हो सकता है।
| समयावधि | शेयर में तेजी |
|---|---|
| 5 दिन | 🔼 +23% |
| 1 महीना | 🔼 +35% |
| 2 महीने | 🔼 +85% |
| 6 महीने | 🔼 +55% |
वित्त वर्ष 2024-25 में जेपी पावर ने ₹814 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। यह पिछले वर्षों की तुलना में एक बड़ा उछाल है। इसके अलावा:
यह नतीजे दर्शाते हैं कि कंपनी अपने मूल परिचालन में मजबूती की ओर बढ़ रही है।
जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (JP Power), जेपी ग्रुप की एक इकाई है जो भारत में ऊर्जा क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी निम्नलिखित प्रोजेक्ट्स का संचालन करती है:
कंपनी की परिचालन विविधता और उत्पादन क्षमता इसे प्रतिस्पर्धी बनाती है।
जेपी पावर का जेपी एसोसिएट्स से एक कॉरपोरेट गारंटी के जरिए गहरा जुड़ाव है, जहां ₹150 मिलियन डॉलर की एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग को अब रुपये में कन्वर्ट किया गया है। ऐसे में जेपी एसोसिएट्स के भविष्य पर होने वाला कोई भी निर्णय जेपी पावर के कारोबार को प्रभावित कर सकता है।
जेपी पावर में आई यह तेजी मुख्यतः डील से जुड़ी संभावनाओं और तिमाही नतीजों पर आधारित है। हालांकि निवेश करने से पहले निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
✅ यदि अडाणी डील फाइनल होती है, तो स्टॉक और चढ़ सकता है।
❌ अगर डील फेल होती है, तो करेक्शन की आशंका रहेगी।
✅ लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी की ग्रोथ और स्ट्रक्चर को देखकर सोच सकते हैं।
📣 डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से राय लें।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।