'गदर' के दरम्यान सिंह यानी विवेक शौक की जिंदगी और मौत की दर्दनाक कहानी। जानिए लिपोसक्शन सर्जरी, कोमा और उनके परिवार की वर्तमान स्थिति।
(शाह टाइम्स) गदर: एक प्रेम कथा' में तारा सिंह के जिंदादिल दोस्त दरम्यान सिंह का किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले विवेक शौक एक बेहतरीन अभिनेता और कॉमेडियन थे। उन्होंने जसपाल भट्टी के 'फ्लॉप शो' से अपनी पहचान बनाई और फिर 'गदर', '36 चाइना टाउन', 'ऐतराज', 'हमको दीवाना कर गए' जैसी फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाईं। मगर, उनकी जिंदगी का अंत उतना ही दर्दनाक रहा जितना उनका सफर रंगीन और प्रेरणादायक था।
वजन घटाने की जिद बनी मौत की वजह
विवेक शौक अपने बढ़ते वजन को लेकर परेशान थे। 3 जनवरी 2011 को उन्होंने ठाणे के कारखानिस नर्सिंग होम में लिपोसक्शन सर्जरी करवाई। यह फैसला उनकी सेहत के लिए जानलेवा साबित हुआ। सर्जरी के महज दो घंटे बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें तीन बार दिल का दौरा पड़ा।
कोमा में पहुंचे, सात दिन बाद मौत
तीन बार कार्डियक अरेस्ट आने के बाद उन्हें जुपिटर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बिजली के झटके देकर होश में लाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। विवेक शौक को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया और वे कोमा में चले गए। सात दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे और फिर 10 जनवरी 2011 को महज 47 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली।
डॉक्टर से छुपाई अहम जानकारी, सामने आया सच
विवेक शौक की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, वे पहले से हृदय रोगी थे। 2003 में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी और दिल में तीन स्टेंट डाले गए थे। वे खून पतला करने की दवाएं भी ले रहे थे, लेकिन सर्जरी से पहले उन्होंने यह जानकारी डॉक्टर को नहीं दी। डॉक्टर समीर कारखानी ने बताया कि सर्जरी से पहले ईसीजी और 2D इको सामान्य आई थी, लेकिन गंभीर हृदय संबंधी इतिहास की जानकारी न देने का नतीजा जानलेवा साबित हुआ।
विवेक शौक का परिवार: अब क्या कर रहे हैं पत्नी और बच्चे?
विवेक शौक अपने पीछे पत्नी सरबजीत और तीन बच्चों को छोड़ गए — दो बेटियां सादिका और मुदिता, और बेटा सुनीस्ट। बेटी मुदिता मॉडल और एक्ट्रेस हैं और अपनी मां और बहन के साथ LIC में बीमा एजेंट के रूप में भी काम करती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके पोस्ट से यह जानकारी सामने आई है।
कला की दुनिया का एक सितारा असमय बुझ गया
हास्य और भावनाओं को अपने अभिनय से जीवंत कर देने वाले विवेक शौक की मौत ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को झकझोर दिया था। उनकी कमी आज भी उनके चाहने वालों और उनके परिवार के लिए अधूरी है। 'गदर' का दरम्यान सिंह भले ही पर्दे पर अमर हो गया, लेकिन असल जिंदगी में विवेक शौक की कहानी एक दर्दनाक सीख छोड़ गई — सेहत से जुड़े सच को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।