सोने की बढ़ती कीमत ने ज्वैलर्स को चिंता में डाल दिया है. इसकी वजह यह है कि सोने के आभूषणों की बिक्री रुक गई है. आईआईएम (अहमदाबाद) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, निम्न और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा सोना खरीदता है. सोना महंगा होने की वजह से उन्होंने इसकी खरीदारी कम कर दी है सोने का आज का भाव 90,690/10gm है
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) सोने की कीमत आसमान छूने लगी है. सोमवार को इसमें 1300 रुपये की तेजी आई. इसके साथ ही 24 कैरेट सोने की कीमत 90,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई. 99.5 फीसदी शुद्धता वाला सोना भी 1300 रुपये उछलकर 90,350 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. सोने की कीमत में बढ़ोतरी की वजह से यह निम्न और मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर होता जा रहा है. वहीं इसका असर ज्वैलर्स पर भी दिख रहा है
सोना महंगा होने के कारण ग्राहक खरीदारी के लिए ज्वैलर्स के पास कम आ रहे हैं। नोएडा के एक ज्वैलर ने बताया कि पिछले एक महीने से सोने के आभूषणों की बिक्री काफी कम हो गई है। शादियों के सीजन में भी सोने के आभूषणों की ज्यादा बिक्री नहीं हुई। वहीं, एक अन्य ज्वैलर ने बताया कि इस समय सोने के आभूषणों के खरीदार कम और बेचने वाले ज्यादा हैं। इसका सबसे बड़ा कारण सोने के दाम में उछाल है।
कौन खरीदता है सबसे जायदा सोना
आईआईएम (अहमदाबाद) द्वारा वर्ष 2022 में किए गए एक सर्वे के अनुसार 2 से 10 लाख रुपये सालाना आय वाले लोग सबसे ज्यादा सोना खरीदते हैं। कुल सोने की बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा है सोने के ऊंचे दाम के कारण निम्न और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मध्यम वर्ग जो पहले सोना खरीदने में आगे रहता था, अब पीछे हट गया है। कुछ ज्वैलर्स ने बताया कि उनकी दुकान पर आने वाले ग्राहकों में मध्यम वर्ग के लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। सोने के ऊंचे दाम के कारण अब बहुत कम ग्राहक आ रहे हैं।
मार्कीट पर भरी असर
सोने की खरीदारी कम होने से ज्वैलर्स का कारोबार मंदा पड़ गया है। ज्वैलर्स के मुताबिक शादियों में भी सोने की ज्यादा बिक्री नहीं हुई। सबसे ज्यादा मांग 18 कैरेट सोने की रही। हालांकि, 22 कैरेट सोना भी थोड़ा ज्यादा बिका, लेकिन मात्रा के लिहाज से कम मान लीजिए किसी ग्राहक को 24 कैरेट सोने की 10 ग्राम ज्वैलरी खरीदनी थी। सोना महंगा होने के कारण उसने 24 कैरेट के बजाय 22 कैरेट या 18 कैरेट सोना खरीदना बेहतर समझा। अगर किसी ग्राहक ने 24 कैरेट सोना खरीदा भी है तो कम मात्रा में खरीदा है। ज्वैलर्स को उम्मीद है कि आने वाले समय में सोने की कीमत में गिरावट आ सकती है।
क्यों है इतने रेट
विशेषज्ञों के मुताबिक, व्यापार युद्ध, कमजोर डॉलर और महंगाई की चिंताओं के कारण सोने की कीमत में तेजी आ रही है। साथ ही सोने के आयात पर टैरिफ की आशंकाओं ने भी वैश्विक बाजारों से सोने की मांग बढ़ा दी है। इसकी वजह यह है कि सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर देखा जाता है। दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। पिछले तीन सालों में उन्होंने पिछले छह सालों की तुलना में ज़्यादा सोना खरीदा है। गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) में बढ़ते निवेश ने भी सोने की कीमतों को बढ़ावा दिया है
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।