मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में 30 सितंबर को फैसला प्रस्तावित है। मुकदमे में 22 गवाहों के बयान और 126 पेशियां हुईं। मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला आरोपी हैं।
मेरठ, उत्तर प्रदेश | 29 सितंबर 2026
By Mohd Haris
30 सितंबर को आएगा अदालत का फैसला
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अब फैसले की घड़ी आ गई है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला से जुड़े मामले में 30 सितंबर 2026 को फैसला सुनाने की तारीख तय की है। दोनों आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
मामले की अंतिम बहस पूरी हो चुकी है। करीब 13 महीने चली न्यायिक कार्यवाही के दौरान 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 126 पेशियां हुईं। अब अदालत अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाएगी।
सौरभ राजपूत की हत्या का मामला
यह मामला 3 मार्च 2025 को मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में सामने आया था। पुलिस के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया।
पुलिस के मुताबिक, सौरभ के शव को टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में सीमेंट के साथ रखा गया था। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और मुस्कान तथा साहिल को गिरफ्तार किया गया।
22 गवाहों की गवाही बनी अहम हिस्सा
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इनमें बिल्डिंग मटेरियल कारोबारी, ड्रम काटने वाले कारीगर और सौरभ के भाई बबलू राजपूत समेत अन्य गवाह शामिल रहे। फोरेंसिक साक्ष्य भी अदालत की कार्यवाही का हिस्सा रहे।
गवाहों के बयानों और अन्य साक्ष्यों को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों के साथ सुना। अब इन सभी सामग्री का न्यायिक मूल्यांकन फैसले में सामने आएगा।
126 पेशियों के बाद अंतिम चरण
इस केस में अदालत की कार्यवाही लंबी चली। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार कुल 126 पेशियां हुईं। अंतिम बहस पूरी होने के बाद मामला निर्णय के चरण में पहुंचा।
अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया। इसके बाद फैसला सुनाने की तारीख तय हुई।
अभियोजन पक्ष ने क्या रखा
अभियोजन पक्ष ने कथित हत्या की योजना, घटनाक्रम और आरोपियों से जुड़े साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा। रिपोर्टों के अनुसार, वारदात से पहले चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और बड़े नीले ड्रम की खरीद से जुड़े साक्ष्यों का भी उल्लेख हुआ।
हालांकि इन साक्ष्यों की कानूनी अहमियत और उनसे निकलने वाला निष्कर्ष अदालत अपने फैसले में तय करेगी।
बचाव पक्ष की दलीलें भी पूरी
बचाव पक्ष ने अभियोजन के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने मामले को निर्णय के लिए रखा।
यानी अब मामला इस बात पर निर्भर है कि अदालत रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और कानूनी दलीलों का किस तरह मूल्यांकन करती है।
पहले वायरल हुआ था फर्जी सजा का दावा
इस मामले में जुलाई 2026 में सोशल मीडिया पर एक फर्जी दावा भी वायरल हुआ था कि मुस्कान और साहिल को सजा सुनाई जा चुकी है। उस समय मामले की सुनवाई पूरी नहीं हुई थी और अंतिम फैसला लंबित था। बाद की न्यायिक कार्यवाही ने भी पुष्टि की कि मामला ट्रायल के अंतिम चरण में था।
फैसले के दिन क्या होगा
30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को अदालत में पेश किए जाने की जानकारी सामने आई है। जिला अदालत फैसला सुनाएगी।
फैसले में अदालत यह तय करेगी कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को कानूनी मानक पर साबित करते हैं या नहीं। यदि दोष सिद्ध होता है, तो सजा से संबंधित आदेश भी न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार सामने आएगा।
परिवार की मांग भी रही चर्चा में
मृतक सौरभ राजपूत के परिवार की ओर से आरोपियों के लिए कठोरतम सजा की मांग किए जाने की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। यह परिवार का पक्ष है। अदालत का निर्णय साक्ष्यों और कानून के आधार पर होगा।
अब नजर अदालत के निर्णय पर
इस मामले में करीब 13 महीने चली सुनवाई, 22 गवाहों के बयान और 126 पेशियों के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है।
30 सितंबर का फैसला यह स्पष्ट करेगा कि अदालत अभियोजन के आरोपों और पेश किए गए साक्ष्यों को किस तरह देखती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।