एस्टेट सेल में $30 में खरीदी पेंटिंग निकली बेशकीमती, ₹13 करोड़ में हुई नीलामी
पुरानी पेंटिंग के पीछे छिपा करोड़ों का राज, $30 की खरीद ₹13 करोड़ तक पहुंची
हॉल में पड़ी थी पेंटिंग, खरीदी ₹2,800 में, नीलामी में मिली ₹13 करोड़ की कीमत
मिशिगन की एस्टेट सेल में $30 में मिली गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की 1951 की पेंटिंग 75 साल से सार्वजनिक नज़रों से दूर थी। नीलामी में यह $1,352,600 में बिकी।
मिशिगन, अमेरिका | 3 अक्टूबर 2026
BY MOHD HARIS
₹2,800 की पेंटिंग ने चौंकाया
अमेरिका के मिशिगन में एक एस्टेट सेल के दौरान खरीदी गई एक पुरानी पेंटिंग ने नीलामी में ऐसी कीमत हासिल की, जिसने कला बाज़ार का ध्यान खींच लिया।
एक कलेक्टर ने पेंटिंग को केवल $30 में खरीदा था। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब ₹2,800 बैठती है। बाद में पता चला कि यह अमेरिकी कलाकार गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की 1951 में बनाई गई पेंटिंग एल्डरमैन मेरियम्स शेल्स है।
1 अक्टूबर 2026 को नीलामी में यह आर्टवर्क $1,352,600 में बिका। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब ₹13 करोड़ बैठती है। ऑक्शन रिकॉर्ड के अनुसार यह एबरक्रॉम्बी के लिए नया वर्ल्ड ऑक्शन रिकॉर्ड है।
पेंटिंग मिली कैसे?
यह कहानी एक सामान्य एस्टेट सेल से शुरू हुई।
पेंटिंग मिशिगन में एक एस्टेट सेल में एक अंधेरे हॉलवे के कोने में रखी थी। इसे खरीदने वाला व्यक्ति लंबे समय से रिकॉर्ड्स और मिड-सेंचुरी फर्नीचर कलेक्ट करता था।
दूसरे खरीदारों की नज़र जहां इस आर्टवर्क पर नहीं गई, वहीं उसकी नज़र पेंटिंग के पीछे मौजूद “एबरक्रॉम्बी” सिग्नेचर पर पड़ी।
उसने इसे $30 में खरीद लिया।
75 साल से सार्वजनिक नज़रों से दूर थी
एल्डरमैन मेरियम्स शेल्स करीब 75 साल तक पब्लिक व्यू से गायब रही थी।
यह पेंटिंग 1951 में बनाई गई थी। इसके बाद इसे 1952 और 1953 में कई एग्ज़िबिशन्स में प्रदर्शित किया गया था।
बाद में यह डॉ. जॉन रेनॉल्ड्स के परिवार के पास चली गई। उपलब्ध ऑक्शन रिकॉर्ड के अनुसार एबरक्रॉम्बी ने यह आर्टवर्क डॉ. रेनॉल्ड्स को मेडिकल सर्विसेज़ के बदले दिया था।
इसके बाद पेंटिंग परिवार के कलेक्शन में रही और लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दी।
कलेक्टर को कैसे पता चला कि पेंटिंग खास है?
$30 में पेंटिंग खरीदने के बाद कलेक्टर ने गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की कला पर और जानकारी तलाशनी शुरू की।
वह मिलवॉकी आर्ट म्यूज़ियम में एबरक्रॉम्बी की रेट्रोस्पेक्टिव एग्ज़िबिशन देखने गया। वहां एग्ज़िबिशन कैटलॉग में उसे इस पेंटिंग की आर्काइवल फोटोग्राफ मिली।
इससे उसे पता चला कि उसके पास मौजूद आर्टवर्क कोई सामान्य पुरानी पेंटिंग नहीं थी, बल्कि एबरक्रॉम्बी की लंबे समय से गायब मानी जा रही कृति थी।
विशेषज्ञ ने किया ऑथेंटिकेशन
पेंटिंग की पहचान की पुष्टि के लिए इसे गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की कला की विशेषज्ञ डॉ. सुसान वाइनिंगर ने ऑथेंटिकेट किया।
ऑथेंटिकेशन के बाद आर्टवर्क को नीलामी के लिए पेश किया गया।
यहीं से $30 में खरीदी गई पेंटिंग की कहानी एक बड़े आर्ट-मार्केट इवेंट में बदल गई।
पेंटिंग में क्या दिखाया गया है?
एल्डरमैन मेरियम्स शेल्स में 9 सीशेल्स दिखाई देती हैं।
इन शेल्स को स्लेट-ग्रे सरफेस पर रखा गया है। एक कोनिकल शेल काले बैकग्राउंड के सामने धागे से लटका हुआ दिखाई देता है, जिससे वह हवा में तैरता हुआ नज़र आता है।
ये शेल्स शिकागो के हाइड पार्क के एल्डरमैन रॉबर्ट मेरियम से जुड़े थे। एबरक्रॉम्बी ने इस आर्टवर्क में वास्तविक शेल्स को आधार बनाया था।
गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी कौन थीं?
गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी अमेरिकी कलाकार थीं, जिनका जन्म 1909 में हुआ था और निधन 1977 में हुआ।
वह शिकागो की सर्रियलिस्ट आर्ट सीन से जुड़ी प्रमुख कलाकारों में गिनी जाती हैं।
उनकी पेंटिंग्स में अकेलेपन, रहस्य और रोज़मर्रा की वस्तुओं को अलग विज़ुअल कॉन्टेक्स्ट में पेश करने की शैली दिखाई देती है।
एल्डरमैन मेरियम्स शेल्स उनके शुरुआती और महत्वपूर्ण क्रिएटिव पीरियड्स में बनाई गई कृतियों में शामिल है।
पेंटिंग की कीमत इतनी क्यों बढ़ी?
कला बाज़ार में किसी आर्टवर्क की कीमत केवल उसके आकार या उम्र से तय नहीं होती।
आर्टिस्ट की प्रतिष्ठा, प्रोवेनेंस, रेयरिटी, एग्ज़िबिशन हिस्ट्री और ऑथेंटिकेशन अहम भूमिका निभाते हैं।
इस पेंटिंग के मामले में कई फैक्टर्स एक साथ आए।
यह गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी की ओरिजिनल वर्क थी। करीब 75 साल से पब्लिक व्यू से गायब थी। इसकी एग्ज़िबिशन हिस्ट्री दर्ज थी। इसके अलावा आर्टवर्क की ऑथेंटिसिटी विशेषज्ञ ने प्रमाणित की।
इन सभी पहलुओं ने इसकी मार्केट वैल्यू को मजबूत किया।
नीलामी से पहले क्या अनुमान था?
नीलामी से पहले आर्टवर्क का एस्टिमेट $150,000 से $250,000 रखा गया था।
लेकिन बिडिंग शुरू होने के बाद कीमत तेज़ी से बढ़ी।
पेंटिंग $80,000 से ऑक्शन में खुली। कई फोन और ऑनलाइन बिडर्स ने इसमें हिस्सा लिया।
अंतिम कीमत बायर्स प्रीमियम समेत $1,352,600 रही। यह प्री-सेल हाई एस्टिमेट के 5 गुना से भी अधिक थी।
$30 से $1.35 मिलियन तक
इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प आंकड़ा शुरुआती खरीद और अंतिम बिक्री के बीच का अंतर है।
खरीद कीमत: $30
अंतिम ऑक्शन प्राइस: $1,352,600
यानी आर्टवर्क करीब 45,000 गुना से ज्यादा कीमत पर बिका।
रुपये में देखें तो लगभग ₹2,800 की शुरुआती खरीद करीब ₹13 करोड़ की बिक्री में बदल गई।
हालांकि यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ₹2,800 और ₹13 करोड़ की रकम डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट के आधार पर अनुमानित रूपांतरण हैं।
एबरक्रॉम्बी का नया ऑक्शन रिकॉर्ड
इस बिक्री ने गर्ट्रूड एबरक्रॉम्बी के लिए नया वर्ल्ड ऑक्शन रिकॉर्ड बनाया।
ऑक्शन हाउस के अनुसार इससे पहले उनका कोई आर्टवर्क $1 मिलियन से ऊपर हैमर नहीं हुआ था।
एल्डरमैन मेरियम्स शेल्स ने इस सीमा को पार किया और कुल $1,352,600 में बिका।
पेंटिंग का इतिहास भी खास
आर्टवर्क केवल महंगी होने की वजह से महत्वपूर्ण नहीं है।
इसका ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी मजबूत है।
1951 में इसे बनाया गया। 1952 और 1953 के दौरान इसे 6 सोलो एग्ज़िबिशन्स में प्रदर्शित किया गया।
बाद में यह डॉ. जॉन रेनॉल्ड्स के परिवार के पास रहा। इसके बाद यह दशकों तक पब्लिक व्यू से बाहर रहा।
इसी प्रोवेनेंस ने इसकी पहचान और मार्केट अपील को मजबूत किया।
इस घटना से क्या पता चलता है?
यह मामला आर्ट ऑथेंटिकेशन और प्रोवेनेंस की अहमियत दिखाता है।
कई पुराने आर्टवर्क्स सामान्य घरेलू सामान की तरह एस्टेट सेल्स या निजी कलेक्शन्स में पड़े रह सकते हैं। लेकिन किसी आर्टवर्क की असली पहचान सामने आने के बाद उसकी कीमत पूरी तरह
बदल सकती है।
इस मामले में सिग्नेचर एक महत्वपूर्ण सुराग बना।
इसके बाद आर्काइवल फोटोग्राफ और विशेषज्ञ ऑथेंटिकेशन ने आर्टवर्क की पहचान को मजबूत किया।
यह घटना असाधारण है।
किसी पुरानी पेंटिंग की कीमत बढ़ने के लिए आर्टिस्ट की पहचान, ऑथेंटिसिटी, प्रोवेनेंस, कंडीशन, रेयरिटी और मार्केट डिमांड जैसे कई फैक्टर्स ज़रूरी होते हैं।
सिर्फ पेंटिंग का पुराना होना उसे मूल्यवान नहीं बनाता।
इस मामले में भी $30 की खरीद इसलिए बड़ी साबित हुई क्योंकि आर्टवर्क की पहचान एक प्रतिष्ठित कलाकार की ऑथेंटिकेटेड कृति के रूप में हुई।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।