TRAI ने वॉयस और SMS-only मोबाइल प्लान बढ़ाने के लिए नया नियमन जारी किया है। कंपनियों को डेटा के बिना समान अवधि वाले विकल्प देने होंगे और मासिक नवीनीकरण वाला प्लान भी रखना होगा।
📍 नई दिल्ली
🗓️ 22 सितंबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
TRAI के नए नियम से मोबाइल रिचार्ज व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। ऐसे ग्राहकों को राहत मिल सकती है जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत नहीं है और वे अपने नंबर का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल और SMS के लिए करते हैं। नए नियमन के तहत दूरसंचार कंपनियों को वॉयस और SMS-only रिचार्ज के अधिक विकल्प उपलब्ध कराने होंगे।
नियम अभी तुरंत लागू नहीं होगा
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन 2026 में संशोधन 21 सितंबर 2026 को जारी किया है। यह प्रावधान आधिकारिक गजट में प्रकाशित होने के 30 दिन बाद प्रभावी होगा। इसलिए ग्राहकों को नए रिचार्ज विकल्प तत्काल बाजार में मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
बिना डेटा वाले प्लान का विकल्प बढ़ेगा
नए नियम का प्रमुख प्रावधान वॉयस और SMS-only स्पेशल टैरिफ वाउचर से जुड़ा है। यदि कोई कंपनी किसी खास अवधि के लिए वॉयस, SMS और डेटा वाला पैक पेश करती है, तो उसी अवधि के लिए वॉयस और SMS वाला बिना डेटा का विकल्प भी उपलब्ध कराना होगा।
मसलन, यदि किसी अवधि का डेटा-बंडल रिचार्ज मौजूद है, तो कंपनी को उसी अवधि के अनुरूप डेटा रहित वॉयस और SMS विकल्प देना होगा। इससे उन ग्राहकों को डेटा के लिए अतिरिक्त भुगतान से बचने का विकल्प मिलेगा जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत नहीं है।
कीमत को लेकर क्या बदलेगा
TRAI ने किसी एक रिचार्ज की निश्चित कीमत तय नहीं की है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर कंपनी को किसी निश्चित राशि का वॉयस-only पैक पेश करना होगा।
नियमन के मुताबिक डेटा हटाने के बाद वॉयस और SMS-only वाउचर की कीमत में उचित कमी होनी चाहिए। कंपनियों के पास अपने टैरिफ तय करने की गुंजाइश बनी रहेगी। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सभी मोबाइल रिचार्ज एक तय राशि से सस्ते हो जाएंगे।
28 दिन की वैलिडिटी पर भी बदलाव
नए प्रावधान में मासिक नवीनीकरण से जुड़ा एक विकल्प भी शामिल है। कंपनियों को कम से कम एक ऐसा वॉयस और SMS-only प्लान रखना होगा जिसे हर महीने उसी तारीख को दोबारा रिन्यू किया जा सके।
यदि किसी महीने वह तारीख मौजूद नहीं है, तो उस महीने की आखिरी तारीख को नवीनीकरण होगा। इससे 28 दिन के रिचार्ज चक्र से अलग मासिक आधार पर सेवा जारी रखने का विकल्प मिलेगा। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि मौजूदा सभी 28 दिन वाले प्लान अपने आप 30 दिन के हो जाएंगे।
TRAI ने छोटे रिचार्ज पर क्यों दिया जोर
TRAI के मुताबिक पहले भी वॉयस और SMS-only प्लान उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी। दिसंबर 2024 में ऐसे कम से कम एक प्लान की पेशकश का प्रावधान किया गया था। लेकिन नियामक के विश्लेषण में सामने आया कि छोटे अवधि वाले विकल्प सीमित रहे।
कई वॉयस और SMS-only प्लान लंबी वैलिडिटी, जैसे 80 या 84 दिन तथा 336 या 365 दिन, के आसपास केंद्रित थे। इसके मुकाबले डेटा वाले प्लान में ग्राहकों को अलग-अलग अवधि के ज्यादा विकल्प मिलते रहे।
किस ग्राहकों के लिए अहम बदलाव
यह बदलाव खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकता है जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत कम या नहीं होती। फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले, केवल कॉल के लिए दूसरा सिम रखने वाले और मोबाइल इंटरनेट के लिए वाई-फाई पर निर्भर ग्राहक ऐसे विकल्पों से लाभ उठा सकते हैं।
TRAI के विश्लेषण में कम आय वाले ग्राहकों, ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं, बुजुर्गों और फीचर फोन इस्तेमाल करने वालों की जरूरतों का भी उल्लेख किया गया है।
Jio, Airtel और Vi पर क्या असर होगा
नए प्रावधान का असर बड़े प्रीपेड टेलीकॉम ऑपरेटरों पर पड़ेगा। Jio, Airtel और Vi समेत अन्य कंपनियों को अपने टैरिफ पोर्टफोलियो में नियम के अनुरूप वॉयस और SMS-only विकल्प उपलब्ध कराने होंगे।
TRAI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वॉयस और SMS-only पैक में मोबाइल डेटा शामिल नहीं होता। ऐसे पैक की वैलिडिटी लंबी अवधि तक भी हो सकती है। नए प्रावधान का उद्देश्य केवल लंबी अवधि वाले पैक रखना नहीं, बल्कि अलग-अलग जरूरत और अवधि के अनुरूप विकल्प बढ़ाना है।
क्या मौजूदा डेटा प्लान बंद होंगे
नहीं। नए नियम का उद्देश्य डेटा वाले रिचार्ज को खत्म करना नहीं है। जिन ग्राहकों को इंटरनेट डेटा चाहिए, वे डेटा-बंडल प्लान का इस्तेमाल जारी रख सकेंगे।
बदलाव का फोकस अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने पर है। यानी ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार डेटा सहित या बिना डेटा वाला प्लान चुन सकेगा।
क्या रिचार्ज तुरंत सस्ते होंगे
इस बिंदु पर सावधानी जरूरी है। TRAI ने सभी मोबाइल रिचार्ज की कीमत घटाने का आदेश नहीं दिया है। प्रस्तावित बदलाव का सीधा असर उन प्लान पर है जिनमें ग्राहक को डेटा की जरूरत नहीं है।
डेटा रहित वॉयस और SMS प्लान की कीमत संबंधित डेटा-बंडल विकल्प की तुलना में उचित रूप से कम होनी चाहिए। वास्तविक कीमतें कंपनियां अपने टैरिफ और कारोबारी नीतियों के मुताबिक तय करेंगी।
टेलीकॉम कंपनियों की आपत्तियां क्या थीं
नियम पर विचार के दौरान कुछ टेलीकॉम कंपनियों और अन्य हितधारकों ने चिंता जताई थी कि बहुत कम कीमत वाले वॉयस और SMS-only प्लान से कंपनियों की आमदनी तथा नेटवर्क निवेश पर असर पड़ सकता है।
TRAI ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। नियामक ने कहा कि मौजूदा ऐसे प्लान की कम मांग को केवल ग्राहक मांग की कमी मानना उचित नहीं है, क्योंकि छोटे अवधि वाले विकल्प सीमित थे और कई जगह इन प्लान की उपलब्धता तथा प्रस्तुति भी पर्याप्त नहीं थी।
आगे क्या होगा
अब अगला अहम चरण नियम का आधिकारिक गजट प्रकाशन और उसके बाद निर्धारित अवधि पूरी होना है। नियम प्रभावी होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को अपने संबंधित टैरिफ विकल्पों को नए प्रावधानों के अनुरूप बनाना होगा।
ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव विकल्पों की संख्या और अवधि में दिख सकता है। जिन लोगों को डेटा की जरूरत नहीं है, उनके लिए कॉल और SMS केंद्रित रिचार्ज चुनना पहले की तुलना में आसान हो सकता है।
TRAI का नया नियमन मोबाइल रिचार्ज को सभी के लिए सस्ता बनाने का आदेश नहीं है। इसका मुख्य मकसद ग्राहकों को उनकी वास्तविक जरूरत के अनुसार अधिक टैरिफ विकल्प देना है।
यदि आप मोबाइल डेटा इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो नए नियम लागू होने के बाद आपके पास डेटा सहित पैक लेने के बजाय वॉयस और SMS-only रिचार्ज चुनने का अधिक अवसर होगा। साथ ही मासिक नवीनीकरण वाला विकल्प 28 दिन के पारंपरिक रिचार्ज चक्र से अलग एक नया रास्ता देगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।