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चीन पर ट्रंप का बड़ा वार: अमेरिकी बंदरगाहों पर चीनी जहाजों पर भारी टैक्स

None 2025-04-19 15:12:25
चीन पर ट्रंप का बड़ा वार: अमेरिकी बंदरगाहों पर चीनी जहाजों पर भारी टैक्स

अमेरिका ने चीन से व्यापार तनाव के बीच चीनी जहाजों पर नया टैक्स लगाया है, जो 2028 तक $140 प्रति टन तक पहुंचेगा। यह कदम वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और उपभोक्ताओं पर असर डाल सकता है। जानिए पूरी रिपोर्ट।


वॉशिंगटन/बीजिंग,( Shah Times) । अमेरिका और चीन के बीच फिर से व्यापारिक टकराव तेज हो गया है। ट्रंप प्रशासन ने अब चीन को घुटनों पर लाने के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। अमेरिकी बंदरगाहों पर चीनी जहाजों पर भारी टैक्स लगाने की योजना घोषित की गई है, जिससे न सिर्फ वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है, बल्कि आपूर्ति श्रृंखला भी बाधित हो सकती है।

नया टैक्स: 2025 से 2028 तक बढ़ती दरों में लागू होगा
यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के अनुसार, यह टैक्स 14 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा और चरणबद्ध तरीके से अप्रैल 2028 तक बढ़ाया जाएगा। शुरुआत में प्रति टन $50 की दर से टैक्स लगेगा, जो समय के साथ बढ़कर $140 प्रति टन तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही, प्रति कंटेनर टैक्स भी $120 से बढ़ाकर $250 तक किया जा सकता है।

किन जहाजों पर लागू होगा टैक्स?
यह टैक्स उन जहाजों पर लागू होगा जो चीन में निर्मित, संचालित या चीनी स्वामित्व में हैं। हर जहाज से साल में अधिकतम 5 बार यह टैक्स वसूला जाएगा, और टैक्स उसी अमेरिकी बंदरगाह पर लिया जाएगा जहाँ वह जहाज पहली बार प्रवेश करता है।

चीनी प्रतिक्रिया: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को खतरा
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट, लागत में वृद्धि और अमेरिकी उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डालेगा। उन्होंने कहा कि यह नीति अमेरिका के शिपबिल्डिंग सेक्टर को पुनर्जीवित करने में असफल रहेगी।

प्रभावित होंगी बड़ी चीनी कंपनियाँ
विशेषज्ञों के अनुसार, इस नीति का सबसे बड़ा असर चीन की दिग्गज शिपिंग कंपनियों जैसे COSCO और OOCL पर पड़ेगा। Ocean Alliance, जिसमें COSCO, OOCL, Evergreen और CMA CGM शामिल हैं, को अब अपने नेटवर्क में बदलाव करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

अनुमानित लागत
कुछ बड़े चीनी कंटेनर जहाजों के लिए प्रति पोर्ट कॉल टैक्स $10 मिलियन से अधिक हो सकता है, जबकि चीनी-निर्मित जहाजों के लिए यह आंकड़ा $4 मिलियन तक पहुंच सकता है।

टैक्स में छूट और वैकल्पिक प्रावधान
USTR ने यह भी बताया कि कुछ जहाजों को टैक्स से छूट दी जाएगी—जैसे कि 4,000 TEU से छोटे जहाज और 2,000 समुद्री मील से कम दूरी तय करने वाले जहाज। इसके अतिरिक्त, यदि कोई ऑपरेटर अमेरिकी निर्मित जहाज का ऑर्डर देता है, तो उसे टैक्स में छूट मिल सकती है।

शिपिंग उपकरणों पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव
USTR ने शिप-टू-शोर क्रेन और अन्य कार्गो हैंडलिंग उपकरणों पर भी 100% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है, जो चीन से आयात होते हैं। यह अमेरिका के समुद्री उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

WTO की चेतावनी और वैश्विक प्रभाव
विश्व व्यापार संगठन (WTO) ने चेतावनी दी है कि ऐसे टैरिफ वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ा सकते हैं। वर्ष 2025 के लिए वैश्विक वस्तु व्यापार में केवल 0.2% की वृद्धि का अनुमान है, जो पहले 2.7% आंका गया था। उत्तर अमेरिका के निर्यात में 12.6% और आयात में 9.6% की गिरावट की आशंका है।

अमेरिका की वैश्विक हिस्सेदारी बेहद कम
USTR की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वैश्विक जहाज निर्माण में अमेरिका की हिस्सेदारी मात्र 0.1% है, जबकि चीन अकेले दुनिया के बाकी हिस्सों से ज्यादा जहाज बना रहा है। 2024 में चीन ने वैश्विक ऑर्डरों का 70% हिस्सा हासिल किया, दक्षिण कोरिया ने 17% और जापान ने 5%।


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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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