गाजा में इजरायल-हमास सीजफायर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गाजा में शांति की ओर 'बहुत प्रगति' का दावा किया।
वॉशिंगटन,(Shah Times)।
जब दुनिया इजरायल और ईरान के संघर्ष विराम पर सांस ले रही थी, ठीक उसी समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा पट्टी में एक और बड़ी उम्मीद जगा दी। उनका कहना है कि गाजा में इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में 'बहुत प्रगति' हो रही है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक खबर आ सकती है।
🔸 ट्रंप की टिप्पणी और अमेरिकी विशेष दूत की सक्रियता
ट्रंप ने बुधवार को मीडिया से कहा,
"मुझे लगता है कि गाजा पर बहुत प्रगति हो रही है… मेरा विशेष दूत स्टीव विटकॉफ इस पर लगातार काम कर रहा है।"
ट्रंप का यह बयान इजरायल-ईरान युद्ध के शांत होने के ठीक बाद आया है, जिससे ये संकेत मिलते हैं कि अमेरिका अब गाजा में स्थाई समाधान की ओर सक्रिय रूप से बढ़ रहा है।
🔸 बढ़ते दबाव में इजरायली सरकार
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अब चारों ओर से दबाव है –
विपक्षी दलों से
बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों के परिजनों से
और यहां तक कि खुद उनकी गठबंधन सरकार के सहयोगी दलों से भी
सभी चाहते हैं कि युद्ध को खत्म किया जाए। 7 अक्टूबर 2023 को हमास के आतंकवादी हमले के बाद इजरायल ने गाजा पर सैन्य अभियान शुरू किया था। यह लड़ाई अब 20 महीने से अधिक समय से जारी है।
🔸 हमास और मध्यस्थ कतर की सक्रियता
कतर और मिस्र, दो अहम मध्यस्थ देशों ने एक बार फिर से बातचीत की प्रक्रिया शुरू की है। हमास के प्रवक्ता ताहिर अल-नूनू ने बताया:
"हमारा संवाद मिस्र और कतर के साथ जारी है और हाल के घंटों में उसमें तेजी आई है।"
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई नया युद्धविराम प्रस्ताव अभी नहीं मिला है।
🔸 इजरायली सरकार का साइलेंस लेकिन सैन्य गतिविधि जारी
इजरायली सरकार ने युद्धविराम की ताजा कोशिशों पर कोई बयान नहीं दिया है।
वह केवल इतना कह रही है कि गाजा में बंधकों को वापस लाने के लिए वह
सैन्य प्रयास और राजनयिक वार्ता दोनों पर काम कर रही है।
इजरायल का मुख्य उद्देश्य हमास का पूर्ण सफाया और बंधकों की सुरक्षित वापसी है।
🔸 मानवीय संकट और युद्ध की कीमत
हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार,
"अब तक गाजा में इजरायली हमलों में 56,156 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।"
इजरायली सेना के अनुसार,
"गाजा में 441 सैनिकों की भी मौत हो चुकी है।"
सबसे ताजा जानकारी के अनुसार मंगलवार को एक विस्फोट में 7 इजरायली सैनिक मारे गए।
🔸 आलोचना और सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेद
इजरायली संसद (Knesset) में सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्य मोशे गफनी ने अप्रत्याशित रूप से युद्ध की आलोचना करते हुए कहा:
"हमें अभी तक यह नहीं समझ आया कि जब हमारे सैनिक हर समय मारे जा रहे हैं तो हम क्यों लड़ रहे हैं?"
यह बयान साफ़ इशारा करता है कि इजरायल की राजनीति में भी अब युद्ध से मोहभंग शुरू हो गया है।
📌 निष्कर्ष: क्या शांति वास्तव में संभव है?
डोनाल्ड ट्रंप का गाजा में शांति की बात करना, न केवल अमेरिकी रणनीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी कि अब वैश्विक शक्तियां युद्ध से अधिक राजनयिक समाधान की ओर झुकाव रख रही हैं।
कतर, मिस्र और अमेरिका की तिकड़ी अगर सही दिशा में कदम उठाए, तो गाजा में वर्षों से जमी खून-खराबे की धूल को थामा जा सकता है।
हालांकि, इस बात में भी कोई दो राय नहीं कि जब तक हमास या इजरायल में से कोई भी पक्ष एक-दूसरे के पूर्ण नाश की बात करेगा, तब तक शांति मुश्किल बनी रहेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।