डोनाल्ड ट्रंप की 'खूबसूरत' टैरिफ नीति ने वैश्विक शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है। सिर्फ भारत में ही निवेशकों को 19 लाख करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'खूबसूरत' बताई गई टैरिफ पॉलिसी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल मचा दी है। सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही भारत समेत दुनियाभर के बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली। अकेले भारत में निवेशकों को 19 लाख करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में टैरिफ को अमेरिका के लिए 'खूबसूरत चीज' करार दिया था। ट्रंप का मानना है कि टैरिफ के जरिए अमेरिका अरबों डॉलर कमा रहा है और यह व्यापार घाटा कम करने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, “किसी दिन लोग समझेंगे कि टैरिफ अमेरिका के लिए बहुत सुंदर चीज है।”
भारतीय बाजार में भारी गिरावट
ट्रंप के इस बयान और नई टैरिफ घोषणाओं के बाद भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। सेंसेक्स में 3000 से ज्यादा और निफ्टी में 900 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 19.4 लाख करोड़ रुपये घटकर 383.95 लाख करोड़ रुपये रह गया
क्या है मामला?
2 अप्रैल को ट्रंप ने अमेरिका में 'लिबरेशन डे' की घोषणा करते हुए 57 बड़े व्यापारिक साझेदारों पर भारी टैरिफ लगा दिए थे। इनमें चीन, कनाडा, मैक्सिको जैसे देशों के साथ भारत भी शामिल है। ट्रंप का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों ने ट्रंप की इस नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इससे वैश्विक व्यापार में अस्थिरता बढ़ेगी, उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी और आयात पर निर्भर उद्योगों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। इससे आने वाले समय में मंदी की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
निवेशकों की चिंता बढ़ी
भारतीय बाजार में आई इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों को हिला कर रख दिया है। लगभग सभी सेक्टर्स में भारी गिरावट दर्ज की गई है और कई बड़ी कंपनियों के शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
तबाही के रूप में आ रहा सामने
ट्रंप की ‘खूबसूरत’ टैरिफ पॉलिसी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी बनती जा रही है। एक तरफ अमेरिका इसे आर्थिक लाभ मान रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका असर वैश्विक बाजारों में तबाही के रूप में सामने आ रहा है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।