भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक सुस्ती के बीच चमकता सितारा क्यों बन रही है?
UN की मिड-ईयर रिपोर्ट में भारत की GDP ग्रोथ 6.3% बताई गई, जो वैश्विक मंदी के बीच भी सबसे तेज़ है। जानें इसकी वजह और रोजगार के ताज़ा आंकड़े।
संयुक्त राष्ट्र (UN) की विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएं (WESP) रिपोर्ट ने एक बार फिर भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर अग्रणी स्थान पर लाकर खड़ा कर दिया है। जहां अमेरिका, चीन और यूरोप की अर्थव्यवस्थाएं सुस्त पड़ती दिख रही हैं, वहीं भारत 6.3% GDP ग्रोथ के साथ दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
UN रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते व्यापार तनाव, नीतिगत अनिश्चितताएं, और टैरिफ वॉर के बावजूद भारत अपनी आर्थिक रफ्तार बनाए रखने में सफल रहा है। अमेरिका जहां केवल 1.6%, चीन 4.6%, और जापान मात्र 0.7% की ग्रोथ दर दर्ज कर रहे हैं, वहीं भारत की संतुलित नीतियां, मजबूत खपत और सार्वजनिक निवेश इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
नवीनतम PLFS डेटा के अनुसार, अप्रैल 2025 में भारत की राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 5.1% रही। यह पहली बार है जब मासिक स्तर पर आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं, जो पॉलिसी मेकिंग के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
हालांकि भारत की ग्रोथ सराहनीय है, परंतु कुछ क्षेत्र चिंताजनक बने हुए हैं:
भारत आज वैश्विक मंदी के माहौल में स्थिरता और गति दोनों का प्रतीक बन चुका है। परंतु इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए नीतिगत निरंतरता, रोजगार सृजन, और युवा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में और अधिक गंभीर प्रयासों की ज़रूरत है।
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Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।