अमेरिकी सेना ने गुरुवार रात नाइजीरिया में ISIS से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमला किया। कार्रवाई नाइजीरियाई सरकार के अनुरोध पर की गई, जिसमें कई आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
📍Abuja, Nigeria 🗓️ December 26, 2025✍️ Asif Khan
अमेरिकी सेना ने गुरुवार रात नाइजीरिया में आतंकी संगठन ISIS से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमला किया। इस कार्रवाई की जानकारी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की। पोस्ट में बताया गया कि यह हमला उन आतंकी ठिकानों पर किया गया, जहां से नागरिकों पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि कमांडर इन चीफ के रूप में उनके निर्देश पर यह सैन्य कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ एक शक्तिशाली ऑपरेशन को अंजाम दिया है। पोस्ट के अनुसार, इन आतंकी समूहों पर निर्दोष नागरिकों की हत्या के आरोप थे।
अमेरिकी सेना की पुष्टि
अमेरिकी सेना की अफ्रीका कमांड ने भी इस एयर स्ट्राइक की पुष्टि की है। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई नाइजीरियाई सरकार के अनुरोध पर की गई। अफ्रीका कमांड के अनुसार, ऑपरेशन में कई आतंकियों को मार गिराया गया और आतंकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
नाइजीरियाई सरकार का रुख
नाइजीरियाई सरकार ने कहा है कि देश में सक्रिय आतंकी संगठन केवल किसी एक समुदाय को नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को निशाना बनाते हैं। सरकारी प्रवक्ताओं ने बताया कि बोको हरम और आईएसआईएस जैसे समूह ईसाई और मुस्लिम, दोनों समुदायों पर हमले करते रहे हैं। सरकार ने अमेरिका के साथ सुरक्षा सहयोग को जारी रखने की बात दोहराई।
आतंकवाद की पृष्ठभूमि
नाइजीरिया अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, जहां जनसंख्या लगभग बराबर हिस्सों में बंटी हुई है। उत्तरी क्षेत्रों में मुस्लिम बहुल आबादी है, जबकि दक्षिणी इलाकों में ईसाई समुदाय की संख्या अधिक है। लंबे समय से देश के उत्तरी हिस्सों में आतंकी गतिविधियां जारी हैं।
बोको हरम और आईएसआईएस की गतिविधियां
बोको हरम और आईएसआईएस से जुड़े गुट नाइजीरिया में कई वर्षों से सक्रिय हैं। इन संगठनों ने स्कूलों, गांवों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इन हमलों में हजारों लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।
अमेरिका की पहले की चेतावनी
अमेरिकी प्रशासन ने इससे पहले भी नाइजीरिया में नागरिकों पर हो रही हिंसा को लेकर चिंता जताई थी। नवंबर महीने में अमेरिका ने संकेत दिया था कि यदि सुरक्षा स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की जा सकती है।
संयुक्त सुरक्षा प्रयास
हमले के बाद अमेरिकी और नाइजीरियाई अधिकारियों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोनों देश मिलकर काम करेंगे। नाइजीरिया की सेना और सुरक्षा बलों को तकनीकी और खुफिया सहायता देने पर भी सहमति बनी है।
क्षेत्रीय प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, नाइजीरिया में आतंकवाद का असर पड़ोसी देशों तक भी देखा गया है। चाड, नाइजर और कैमरून में भी इन समूहों की गतिविधियों की रिपोर्ट मिलती रही है। क्षेत्रीय सहयोग को इस चुनौती से निपटने के लिए अहम माना जा रहा है।
नागरिक सुरक्षा पर जोर
नाइजीरियाई अधिकारियों ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। सेना और पुलिस को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। राहत एजेंसियां भी प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचा रही हैं।
आगे की स्थिति
अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि यदि आतंकवादी गतिविधियां जारी रहीं, तो आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, नाइजीरिया ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए स्थायी समाधान पर जोर दिया है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।